संडे प्रोफाइल : डेल्सी रॉड्रिगेज:साईंबाबा से प्रभावित हैं वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी
वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। साल की शुरुआत में देश की कमान संभालते वक्त उन्होंने अमेरिका विरोधी तेवर दिखाए थे। अब रुख बदलते हुए समझौता कर लिया है। वे दुबली-पतली और छोटे कद की हैं। सूट और बड़े चश्मों से झांकती उनकी शख्सियत किसी तेजतर्रार नेता के बजाय टेक्नोक्रेट होने का अहसास कराती है। उनकी राजनीति सालों तक सोशलिज्म और कड़े अमेरिका विरोध पर टिकी थी। लेकिन वे इस समय अमेरिका के कहने पर देश का शासन चला रही हैं। डेल्सी रॉड्रिगेज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रूबियो को वेनेजुएला को अपनी जागीर बनाने की छूट दे दी है। रॉड्रिगेज पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के भरोसेमंद लोगों में रहीं। फिर उन्होंने मादुरो सरकार में उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री जैसे अहम पद संभाले। अमेरिका ने मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद 57 साल की रॉड्रिगेज पर भरोसा जताया है। वे टाइम मैग्जीन के रिपोर्टर से जोर देकर कहती हैं कि मैंने वेनेजुएला की संप्रभुता का समर्पण नहीं किया बल्कि लोगों के हित में देश की अर्थव्यवस्था को खोल दिया है। उनसे पहले खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की भी कमी थी। रॉड्रिगेज के सत्तारू़ढ़ होने के बाद हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। तेल समृद्ध देश में कई अमेरिकी तेल कंपनियों ने कारोबार शुरू कर दिया है। लेकिन इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। वेनेजुएला का सरकारी कोष अमेरिका के निर्देशों पर खर्च होता है। रॉड्रिगेज के परिवार का गहरा वामपंथी झुकाव रहा है। उनके पिता खोर्खे एंटोनियो रॉड्रिगेज रिवॉल्यूशनरी लेफ्ट मूवमेंट संगठन के छात्र नेता थे। 1976 में सरकारी सुरक्षा बलों ने उन्हें मार डाला। उस समय रॉड्रिगेज केवल सात साल की थीं। पिता की मौत के बाद अपने बड़े भाई खोर्खे रॉड्रिगेज के साथ उन्होंने वेनेजुएला की वाम विचारधारा को आगे बढ़ाया। कानून की पढ़ाई के बाद रॉड्रिगेज ने वकालत भी की। वे वेनेजुएला सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहीं। राजनीति में 2003 में सक्रिय हो गईं। ऐसा लगता है, रॉड्रिगेज का झुकाव अध्यात्म की ओर है। टाइम संवाददाता ने उनसे पूछा कि बहुत लोग कहते हैं कि आपकी सरकार मादुरो के शासन की अगली कड़ी है। इस पर रॉड्रिगेज ने कहा, साईंबाबा की ओर देखिए। क्या आप साईंबाबा को जानते हैं? वे एक धर्मगुरु थे। उनका कहना था कि पवित्र और अच्छे काम प्रार्थना से नहीं बल्कि कर्मों और फैसलों के जरिये होते हैं। रॉड्रिगेज का कहना है, साफ है कि वेनेजुएला बदल गया है। वे राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सजा माफी का कानून बनाने का जिक्र करती हैं। कानून बनने के बाद नौ हजार से अधिक राजनीतिक कैदी रिहा किए जा चुके हैं।
PM मोदी को गाली देने पर नाराज हुईं भूमि पेडनेकर:बोलीं- यह हमारी संस्कृति नहीं; प्रदर्शनकारियों को मुकेश खन्ना ने कहा 'कॉकरोच'
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कड़ा एतराज जताया है। भूमि ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल गलत है। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी इस प्रदर्शन में नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भूमि पेडनेकर, अभिनेता मुकेश खन्ना और सांसद कंगना रनोट समेत कई बड़ी हस्तियों की प्रतिक्रिया सामने आई है। यह हमारी संस्कृति नहीं, युवाओं को संयम बरतने की जरूरत भूमि पेडनेकर ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं?" भूमि ने जेन-जी (Gen Z) से देश की संस्कृति और संवाद की परंपरा का सम्मान करने की अपील की। मुकेश खन्ना ने प्रदर्शनकारियों को बताया ‘कॉकरोच’ अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी इस मुद्दे पर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शन का समर्थन करने वालों को 'कॉकरोच' बताते हुए देश से बाहर फेंकने की बात कही। मुकेश खन्ना ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन असली छात्रों का नहीं है, बल्कि सरकार को अस्थिर करने के अजेंडे के तहत छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से भविष्य में नौकरी और वीजा मिलने में परेशानी हो सकती है, इसलिए वे समय रहते इससे दूर हो जाएं। NEET पेपर लीक से शुरू हुआ विवाद पूरा मामला NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने की घटना के बाद शुरू हुआ। इसके विरोध में छात्रों और राजनीतिक संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किए थे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों और राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के बाद यह मामला देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक तरफ छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के तरीकों पर बॉलीवुड हस्तियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ये खबर भी पढ़ें काला चश्मा पहनकर पूजा करने पर ट्रोल हुईं भूमि पेडनेकर:सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची; गॉगल्स ना उतारने पर नाराज हुए लोग अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपने एक मंदिर दौरे के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। सावन महीने की शुरुआत पर भूमि एक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची थीं। इस दौरान उनके काले चश्मे (सनग्लासेज) पहनने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें
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