Nagaland पुलिस ने कूरियर से कोकीन तस्करी करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार
दीमापुर (नगालैंड), दो अगस्त नगालैंड पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर व्यावसायिक कूरियर और पार्सल सेवाओं के जरिए कोकीन मंगाकर उसकी तस्करी करता था। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह कोकीन आपूर्तिकर्ताओं, संचालकों और वितरण एजेंटों की सुव्यवस्थित एवं संगठित शृंखला के माध्यम से संचालित हो रहा था। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह पूरी तरह सुनियोजित तरीके से काम करता था। इसमें मादक पदार्थों की खरीद, भुगतान की बहुस्तरीय व्यवस्था, अंतरराज्यीय परिवहन, कूरियर के माध्यम से आपूर्ति और स्थानीय स्तर पर वितरण के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तोहुका सेमा उर्फ तोका (35), येका अवोमी (30), बीरेश कुमार (22), अख्तर हुसैन (35) तथा मादक पदार्थों के परिवहन को सुगम बनाने वाले वितरण एजेंट स्वंथेइबा इंकाह (25) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तोहुका दीमापुर में कोकीन की आपूर्ति करता था। बयान में कहा गया है कि इस मामले के दो अन्य आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान गिरोह के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का भी पता चला है। इनमें एक नाइजीरियाई नागरिक की संदिग्ध संलिप्तता भी सामने आई है। बयान के अनुसार, अन्य सहयोगियों की पहचान करने, वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाने, इस मादक पदार्थ को प्राप्त करने वालों की पहचान सुनिश्चित करने और पूरे तस्करी नेटवर्क के दायरे का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
इस संबंध में दीमापुर के पश्चिम पुलिस थाने में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने करीब 33 ग्राम संदिग्ध कोकीन भी बरामद की है, जिसे फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
पिता बनाना चाहते थे अफसर, बेटा बना इंटरनेशनल आर्टिस्ट; अब विदेश में गूंज रहा पूर्णिया के ध्रुव का नाम
Purnia Artist Dhruva Kumar: यह कहानी है पूर्णिया के ध्रुव कुमार की. जिनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी आज भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी आयोजित होती है. पिता के मना करने के बावजूद बड़े भाई के सपोर्ट से उन्होंने पटना आर्ट कॉलेज से पढ़ाई की और आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. जानिए ध्रुव कुमार की कहानी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News18













/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)





