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Amazon Great Freedom सेल में आखिरी मौका, Samsung Charger और boAt Speaker समेत इन Products पर 72% तक छूट

अमेज़न ग्रेट फ्रीडम सेल में अब चुनिंदा Tech Deals पर नजर रखने का आखिरी मौका है. इस लिस्ट में ECOVACS, Bose, Coway, Samsung, boAt और Portronics के प्रोडक्ट्स शामिल हैं, जिन पर 72% तक का डिस्काउंट मिल रहा है. सेल प्राइज़ ₹569 से शुरू हो रही है. अमेज़न ग्रेट फ्रीडम सेल 2026 में Electronics और Home Appliances समेत कई कैटेगरी पर ऑफर्स चल रहे हैं.

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क्या आपको भी ऑफिस पहुंचते ही गुस्सा आने लगता है? सावधान! Masked Hypertension और Mental Stress बिगाड़ सकता है आपकी सेहत

आजकल ऑफिस कल्चर में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। एक समय था जब लोगों को ऑफिस में काम करने से रिलैक्शन मिलता था, लेकिन आज के युवाओं में ऑफिस आते ही उन्हें स्ट्रेस फील होने लगता है। वैसे वर्क की टेंशन में कई बार हल्के लक्षणों को ज्यादातर लोल अनदेखा कर देते हैं।
इन लक्षणों में से बीपी एक आम समस्या मानी जा रही है। जानकार के मुताबिक लंबे समय से लैपटॉप पर काम करना, लगातार मानसिक तनाव, नींद की कमी, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण से 25 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों में भी हाई बीपी तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि, टेंशन की बात यह है कि कई लोगों का बीपी डॉक्टर के क्लिनिक में नॉर्मल रहता है, जबकि ऑफिस या काम के दौरान लगातार बढ़ जाता है। इस परिस्थिति को मास्क्ड हाइपरटेंशन कहा जाता है। कई अध्ययनों में पता चलता है कि लोगों में भविष्य में हार्ट अटैक , स्ट्रोक और किडनी रोग का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।

मास्क्ड हाइपरटेंशन क्या है?
एनसीबीआई के अनुसार, मास्क्ड हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें डॉक्टर के क्लिनिक में ब्लड प्रेशर सामान्य 140/90 mmHg से कम नजर आता है, हालांकि घर, ऑफिस, यात्रा या दैनिक गतिविधियों के दौरान यह लगातार हाई रहता है। 
यह 'वाइट कोट हाइपरटेंशन' का उल्टा रुप होता है। जैसे कि क्लिनिक में बीपी बढ़ जाता है लेकिन बाहर सामान्य रहता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इस बीमारी का सबसे बड़ा खतरा यही है कि सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आता है। इसलिए मरीज को लगता है कि उसका ब्लड प्रेशर बिल्कुल ठीक है, जबकि शरीर के अंदर रक्त वाहिकाओं और हृदय पर दबाव बना रहता है।

यह सामान्य हाई बीपी से कैसे अलग है?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, जो सामान्य हाई ब्लड प्रेशर में व्यक्ति का बीपी हर जगह घर, ऑफिस और क्लिनिक लगातार ऊंचा रहता है। लेकिन मास्कड हाइपरटेंशन सिर्फ रोजमर्रा की परिस्थितियों में बीपी बढ़ता है, जबकि डॉक्टर के पास जाने पर नॉर्मल हो जाता है।

 युवाओं में इसके मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
सीडीसी के अनुसार, आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली मास्क्ड हाइपरटेंशन का एक अहम कारण बन सकता है। लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहना, काम की डेडलाइन का दबाव, मोबाइल और लैपटॉप का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, नींद की कमी, अधिक कैफीन, धूम्रपान और पैकेज्ड या प्रोसेस्ड खाना ब्लड प्रेशर पर असर डालते हैं। इन आदतों से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन का स्तर बढ़ सकता है। नतीजतन, व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ा रह सकता है, लेकिन घर पर आराम करते समय या डॉक्टर के क्लिनिक में जांच कराने पर यह सामान्य दिखाई दे सकता है। इसी वजह से इसे पहचानना कई बार मुश्किल होता है।

बिना लक्षण के यह कितना खतरनाक हो सकता है?
साइंंस डायरेक्ट के मुताबिक मास्कड हाइपरटेंशन बिना किसी लक्षण के वर्षों तक बना रहता है। इस दौरान लगातार बढ़ा हुआ रक्तचाप धीरे-धीरे धमनियों को नुकसान पहुंचाता है। इससे हृदय की मांसपेशियां मोटी हो जाती है, स्ट्रोक का खतरा अधिक हो सकता है, किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और आंखों की रक्त वाहिकाओं पर भी नजर पड़ती है।

बचाव कैसे करें
- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें।

- ऑफिस के समय हर 45-60 मिनट में उठकर चलें।

- नमक का सेवन सीमित करें।

- धूम्रपान और शराब का सेवन से बचें।

- रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें।

- मेडिटेशन और गहरी सांस लेने जैसी तनाव कम करने वाली तकनीकी अपनाएं।

- अगर आप परिवार में हाई बीपी का इतिहास है, तो नियमित तौर पर घर पर ही बीपी जांच करें। 

इसे जरा भी हल्के में न लें, ऐसे में डॉक्टर को जरुर दिखाएं।

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  Sports

Sri Lanka को नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा: कोच Pial Wijetunge का मानना

भारत के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार का पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा श्रीलंका को यह याद दिलाने के लिए काफी था कि गॉल का किला अब अभेद्य नहीं रहा। इससे यह सवाल भी पैदा हो गया कि आखिर उस टीम के साथ ऐसा क्या हो रहा है जिसका स्पिन गेंदबाजी कभी मजबूत पक्ष हुआ करता था और जिसके पास कभी मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे स्पिनर हुआ करते थे। गॉल में श्रीलंका को हराना किसी भी टीम के लिए सबसे कड़ी चुनौती रही है।

श्रीलंका ने इस मैदान पर खेले गए 50 टेस्ट मैच में से 27 मैच में जीत हासिल की है। लेकिन अब ऐसा नहीं लगता है। भारत से 165 रन की हार से एक साल पहले इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को हराकर क्लीन स्वीप किया था।

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कभी श्रीलंका का इस मैदान पर अपने स्पिन गेंदबाजों के दम पर दबदबा बना रहता था लेकिन अब लगता है कि उसके वह दिन लद चुके हैं। लेकिन श्रीलंका के ‘हाई परफार्मेंस सेंटर’ में स्पिन गेंदबाजी के कोच पियाल विजेतुंगे का मानना है कि उनकी टीम के पास पर्याप्त प्रतिभा है जो देश के गौरवशाली दिनों को लौटाने में सक्षम है। विजेतुंगे ने पीटीआई से कहा,‘‘मुरली और रंगना की जगह भरना आसान नहीं है।

उनका कोई सानी नहीं है। उनके अनुभव और कौशल की बराबरी आसानी से नहीं की जा सकती। इस तरह के गेंदबाज मिलना आसान नहीं होता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें अपने नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा, जिनके पास लंबे समय तक खेलने के लिए पर्याप्त प्रतिभा है।

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लगातार मैच खेलने से उनका प्रदर्शन बेहतर होता जाएगा।’’ श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में केशारा नुवांता को पदार्पण का मौका दिया और इस 25 वर्षीय ऑफ-स्पिनर ने मैच में चार विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विजेतुंगे का मानना ​​था कि नुवांता में लंबे समय तक खेलने की पर्याप्त क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘‘वह विशिष्ट प्रतिभा का धनी है।

उसे धैर्य बनाए रखने और अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत है। उसने टेस्ट मैच से पहले अभ्यास मैच (एसएनएलसी इलेवन बनाम भारत) में अच्छा प्रदर्शन किया और उसे राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। वह लंबे कद का खिलाड़ी है और आसानी से ऑफ-स्पिन और टॉप-स्पिन कर सकता है।’’ विजेतुंगे ने कहा, ‘‘लेकिन अभी उसके करियर के शुरुआती दिन हैं और लगातार मैच खेलने से उसके प्रदर्शन में निखार आता जाएगा।’’ कुछ समय पहले तक श्रीलंका के पास लसिथ एम्बुलडेनिया और प्रवीण जयविक्रमा जैसे स्पिनरों की एक नई पीढ़ी थी।

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अब 27 वर्षीय जयविक्रमा ने 2021 और 2022 के बीच पांच टेस्ट मैच खेले और 25 विकेट लिए, जबकि अब 29 वर्षीय एम्बुलडेनिया ने 2019 और 2022 के बीच 17 टेस्ट मैच खेले और 71 विकेट हासिल किए। इन दोनों ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पिछले चार वर्षों में विभिन्न कारणों से उन्हें दरकिनार कर दिया गया है। हालांकि विजेतुंगे ने उम्मीद नहीं छोड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनके लिए दरवाजे बंद हैं। अगर वे घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो टीम में जगह बना सकते हैं।’’ विजेतुंगे ने कहा, ‘‘हमारे पास कई उभरते हुए स्पिन गेंदबाज हैं जिनमें त्रावीन मैथ्यू, विश्व लाहिरू, वानूजा साहन, आकाश विग्नेशवरन आदि शामिल हैं। हमें उनसे काफी उम्मीद है।

Thu, 20 Aug 2026 17:45:55 +0530

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