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दो बहनों की बहादुरी को SP का सलाम, किया सम्मानित, मोबाइल स्नैचर की पकड़कर लगाई थी पिटाई

ग्वालियर में आज ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर बहुत हो रही है, घटनाक्रम दो बहादुर बेटियों से जुड़ा है जिन्होंने एक अपराधी का पीछा कर उसे न सिर्फ़ पकड़ा, उसकी जमकर पिटाई भी लगाई और पुलिस को सौंप दिया, आरोपी युवक उनका मोबाइल छीनकर भाग रहा था, बेटियों की बहादुरी पर एसपी धर्मवीर सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।

नारी शक्तिकरण शब्द हमने नेताओं के भाषणों में बहुत सुना है, किताबों में भी ये अक्सर पढ़ने में मिल जाता है लेकिन जब इसका प्रमाण दिखाई देता है तो समझ आता है कि वाकई इस शब्द के मायने क्या है? आज इसी शब्द का अहसास कराने वाली ग्वालियर की दो बेटियों की बहादुरी की बात आपको बताते हैं।

ग्वालियर में आज शनिवार दो बहनें अपने दो पहिया वाहन पर कॉलेज जा रही थी, पड़ाव क्षेत्र में बने नए आरओबी से वे गुजर रहीं थी तभी पीछे से आये एक बाइक सवार ने पीछे बैठी बहन का मोबाइल छीन लिया और बाइक भगा दी, लड़कियों ने आवाज लगाई लेकिन सुबह करीब 7:30 का समय था तो सड़क पर ज्यादा लोग नहीं थे और जो थे उन्होंने उनकी आवाज को अनसुना कर दिया।

पीछा कर मोबाइल स्नैचर को पकड़ा फिर पीटा 

लड़कियों ने हिम्मत नहीं हारी बाइक के पीछे अपनी स्कूटी भी दौड़ा दी, करीब एक किलोमीटर दूर जाने पर सवारी वाहन आने पर बाइक सवार चोर ने गति धीमी की इतने में बहनों ने अपनी स्कूटी से उसमें टक्कर मार दी, दोनों बहनें गिर गई, चोट लग गई लेकिन उसकी परवाह किये बिना वो उठीं और उन्होंने बाल पकड़कर चोर की पिटाई शुरू कर दी, अपना मोबाइल वापस लिया, वहीं कुछ तमाशबीन वहां वीडियो बनाते रहे फिर पुलिस को कॉल कर उसे पुलिस थाने भिजवा दिया।

एसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित 

बेटियों द्वारा एक चोर को पकड़ने की कहानी एसपी धर्मवीर सिंह को मालूम चली तो उन्होंने दोनों बहनों आशिता अग्रवाल और अर्शिता अग्रवाल को एसपी ऑफिस बुलाया और वहां उनको प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया उन्होंने कहा यदि अपराध करने वालों को पकड़ने में जनता का ऐसे ही सहयोग मिला तो बदमाशों के हौसले पस्त होंगे और अपराधों में कमी आयेगी।

पंजाब का रहने वाला है आरोपी 

सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि आरोपी ने अपना नाम मनप्रीत सिंह बताया है वो पंजाब का रहने वाला है ग्वालियर में काम के सिलसिले में आया है, पुलिस उससे पता लगाने का प्रयास कर ही है कि क्या इसके पहले भी मोबाइल लूट जैसी घटनाएँ उसने की हैं ? सीएसपी ने कहा कि शिकायत के आधार पर आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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World Organ Donation Day 2026: अंगदान के Medical Rules और प्रक्रिया क्या हैं? जानें कौन से Organs कर सकते हैं डोनेट

प्रत्येक वर्ष 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है। खासतौर पर इस दिन दुनियाभर में लोगों को अंगदान के प्रति जागरुक किया जाता है। ऑर्गन दान करना किसी जरुरतमंद मरीज को नया जीवन देने का खास जारिया है।
दरअसल, भारत में हजारों मरीज गंभीर अंग विफलता के चलते प्रत्यारोपण का इंतजार करते हैं। गौरतलब है कि एक व्यक्ति के मृत्यु के बाद दान किए गए अंग कई लोगों की जिंदगी बचाने में मदद करता है। ऐसे में आपके मन में भी सवाल आते होंगे कि आखिर इंसान अपने शरीर के कौन-कौन से अंग दान कर सकता है? आइए आपको इस लेख में पूरी जानकारी बताते हैं।

शरीर के कौन-कौन से अंग दान किए जा सकते हैं?
किडनी: मृतक दाता अपनी दोनों किडनी को दान कर सकता है। जीवित व्यक्ति भी चिकित्सकीय और कानूनी नियमों के जरिए एक किडनी दान कर सकता है।

लिवर: मृत व्यक्ति लिवर का दान कर सकता है। जीवित व्यक्ति भी लिवर का एक हिस्सा दान कर सकते हैं, क्योंकि लिवर के हिस्से समय के साथ पुन:विकसित हो जाता है।

हृदय: मृतक हृदय का प्रत्यारोपण गंभीर हार्ट रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए किया जा सकता है। इसके लिए डोनेट करने वाले व्यक्ति की मेडिकल स्थिति और अंग की उपयुक्तता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फेफड़े: असल में मृतक दाता दोनों फेफड़ों का दान कर सकता है। वहीं, जीवित दाता सिर्फ एक फेफड़े का दान कर सकता है। 

अग्नयाशय: अग्नयाशय एक मुख्य अंगों में से एक है, जिसे दान किया जाता है। जीवित दाता से इसके एक हिस्से का दान भी कुछ स्थितियों में संभव माना जाता है।

आंत: आपको बता दें कि, छोटी आंत/आंत भी प्रत्यारोपण के लिए दान किए जाने वाले अंगों में शामिल है।

अंगों के अलावा इन ऊतकों का भी हो सकता है दान
इसके अलावा, इन चीजों का दान भी किया जा सकता है। जैसे कि कॉर्निया, त्वचा, हड्डियां, हार्ट वाल्व, रक्त वाहिकाएं, नसें और टेंडन जैसे ऊतकों का भी दान किया जा सकता है। आपको बता दें कि, कॉर्निया का ट्रांसप्लांट दृष्टि बहाल करने में मदद कर सकता है, जबकि त्वचा का इस्तेमाल गंभीर जलने और घावों के उपचार में किया जाता है।

 जीवित रहते कौन से अंग दान किए जा सकते हैं?
वैसे जीवित व्यक्ति सभी ऑर्गन डोनेट नहीं कर सकता है। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के अनुसार, मेडिकल परिस्थितियों में जीवत दाता एक किडनी, लिवर का एक हिस्सा और अग्न्याशय का हिस्सा दान कर सकता है। वहीं, कुछ खास परिस्थिति में फेफड़े के एक हिस्से या छोटी आंत के हिस्से का दान भी संभव हो सकता है।

हर व्यक्ति अंग दान के लिए योग्य है
हालांकि, यह जरुरी नहीं है कि हर व्यक्ति अंग दान कर सकता है। असल में अंगदान के लिए उम्र से ज्यादा महत्वपूर्ण दाता की मेडिकल स्थिति और आंगों की उपयुक्तता होती है। डॉक्टर मृत्यु के समय जांच करके तय करते हैं कि कौन-सा अंग या ऊतक प्रत्यारोपण के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। 

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  Sports

दुनिया के 7 क्रिकेटर्स... जिनका अचानक हुआ इंटरनेशनल डेब्यू, सिर पर लगी एक गेंद और खुल गए किस्मत के ताले

7 cricketers debut as concussion substitute: क्रिकेट में सिर की चोट के बाद मिलने वाले 'कनकशन सब्सटीट्यूट' नियम ने कई खिलाड़ियों की किस्मत रातों-रात बदल दी. प्लेइंग-11 का हिस्सा न होने के बावजूद साथी खिलाड़ी के चोटिल होने पर इन्हें सीधे इंटरनेशनल स्टेज पर उतरने का मौका मिला. मार्नस लाबुशेन और भारत के हर्षित राणा से लेकर पसिंदू सूरियाबंदारा तक, जानिए क्रिकेट इतिहास के ऐसे ही 7 चर्चित खिलाड़ियों के बारे में, जिनका इंटरनेशनल करियर कनकशन नियम के चलते अचानक शुरू हुआ. Thu, 20 Aug 2026 05:01:03 +0530

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