Sawan Food Rules 2026: सावन में प्याज-लहसुन ही नहीं, इन 7 चीजों से भी बनाते हैं दूरी, जानिए इसके पीछे की वजह
Sawan Food Rules 2026: सावन का महीना शुरू होते ही कई घरों की रसोई में बदलाव दिखने लगता है। कोई प्याज-लहसुन खाना बंद कर देता है, तो कोई पूरे महीने सात्विक भोजन अपनाता है। इसके पीछे सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में सेहत का ध्यान रखने की परंपरा भी जुड़ी मानी जाती है।
यही वजह है कि आज भी बहुत से लोग सावन के दौरान कुछ चीजों को अपनी थाली से दूर रखते हैं। आइए जानते हैं इस महीने किन चीजों को खाने से बचा जाता है और इसके पीछे क्या वजह मानी जाती है।
1. प्याज और लहसुन
सावन में सबसे पहले लोग प्याज और लहसुन खाना छोड़ देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हें तामसिक माना जाता है। मान्यता है कि व्रत और पूजा के दौरान सात्विक भोजन करने से मन शांत रहता है और भगवान की भक्ति में ध्यान लगाने में आसानी होती है। इसलिए इस महीने कई घरों में बिना प्याज-लहसुन का भोजन बनाया जाता है।
2. मांस, मछली और अंडा
सावन के दौरान बहुत से लोग मांस, मछली और अंडा भी नहीं खाते। इसे धार्मिक परंपरा और संयम से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, बारिश के मौसम में नॉनवेज जल्दी खराब होने की संभावना रहती है, जिससे पेट खराब होने और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
3. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और दूसरी पत्तेदार सब्जियां बारिश के मौसम में जल्दी गंदी हो सकती हैं। इनमें मिट्टी, छोटे कीड़े या बैक्टीरिया होने की आशंका बढ़ जाती है। अगर इन्हें अच्छी तरह साफ न किया जाए, तो स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए कई लोग सावन में इनका सेवन कम कर देते हैं।
4. बैंगन
सावन में बैंगन से भी कई लोग दूरी बनाकर रखते हैं। माना जाता है कि बारिश के मौसम में इसमें कीड़े लगने की संभावना ज्यादा रहती है। यही कारण है कि इस महीने इसे खाने से परहेज किया जाता है।
5. मशरूम
मशरूम नमी वाले मौसम में तेजी से बढ़ता है। अगर यह ताजा न हो या सही तरीके से रखा न गया हो, तो इसे खाने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए सावन में कई लोग इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं करते।
6. शराब और दूसरी नशीली चीजें
सावन को भक्ति, संयम और सादा जीवन जीने का महीना माना जाता है। इसलिए इस दौरान शराब, तंबाकू और दूसरी नशीली चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सात्विक भोजन और अच्छी दिनचर्या अपनाने से मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं।
7. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना
बारिश के मौसम में पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर हो सकती है। ऐसे में ज्यादा तेल, मसाले और तला-भुना खाना गैस, अपच और पेट की दूसरी परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन खाना बेहतर माना जाता है।
क्या सभी लोगों को इन नियमों का पालन करना चाहिए?
सावन में खानपान के नियम हर परिवार और हर क्षेत्र में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोग पूरे महीने सात्विक भोजन करते हैं, जबकि कुछ केवल व्रत वाले दिन इन नियमों का पालन करते हैं।
(Disclaimer): अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या डॉक्टर ने किसी खास डाइट की सलाह दी है, तो बिना सलाह के अपने खानपान में बड़ा बदलाव न करें।
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Chia Seeds Side Effects: 5 हेल्थ कंडीशन में न खाएं चिया सीड्स, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
Chia Seeds Side Effects: चिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है। फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने की वजह से यह वजन घटाने से लेकर हार्ट हेल्थ और पाचन को बेहतर बनाने तक कई फायदे देता है। यही कारण है कि आजकल लोग इसे स्मूदी, ओट्स, दही और डिटॉक्स ड्रिंक्स में शामिल कर रहे हैं। लेकिन हर हेल्दी चीज हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है।
कुछ खास हेल्थ कंडीशन में चिया सीड्स का सेवन फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के इसे डाइट में शामिल करना परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए अगर आप भी रोजाना चिया सीड्स खाते हैं, तो पहले यह जान लें कि किन लोगों को इससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
5 हेल्थ कंडीशन में चिया सीड्स खाने से बचें
लो ब्लड प्रेशर के मरीज
चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति का पहले से ही ब्लड प्रेशर कम रहता है या वह हाई बीपी की दवा ले रहा है, तो अधिक मात्रा में चिया सीड्स खाने से ब्लड प्रेशर जरूरत से ज्यादा गिर सकता है। इससे चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी जैसी परेशानी हो सकती है।
ब्लड थिनर दवा लेने वाले लोग
जो लोग ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं, उन्हें चिया सीड्स का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड खून को पतला करने का प्रभाव बढ़ा सकता है। इससे चोट लगने पर ज्यादा ब्लीडिंग होने या शरीर में आसानी से नीले निशान पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।
पाचन संबंधी गंभीर समस्याओं से परेशान लोग
चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है। अगर किसी व्यक्ति को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), आंतों की सूजन या बार-बार गैस, पेट दर्द और ब्लोटिंग की समस्या रहती है, तो ज्यादा मात्रा में चिया सीड्स परेशानी बढ़ा सकते हैं। हमेशा इसे पर्याप्त पानी में भिगोकर और सीमित मात्रा में ही खाएं।
निगलने में दिक्कत वाले मरीज
सूखे चिया सीड्स पानी के संपर्क में आते ही कई गुना फूल जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन्हें बिना भिगोए खा ले और उसे निगलने में पहले से परेशानी हो, तो यह गले या फूड पाइप में फंस सकते हैं। इससे सांस लेने या निगलने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए चिया सीड्स को हमेशा अच्छी तरह भिगोकर ही सेवन करें।
चिया सीड्स से एलर्जी वाले लोग
हालांकि चिया सीड्स से एलर्जी के मामले कम देखने को मिलते हैं, लेकिन कुछ लोगों में इसके सेवन के बाद खुजली, त्वचा पर रैशेज, सूजन, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ जैसी एलर्जिक प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। यदि पहली बार सेवन करने के बाद ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत इसका सेवन बंद करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
चिया सीड्स खाते समय रखें ये सावधानियां
- रोजाना 1 से 2 बड़े चम्मच से ज्यादा चिया सीड्स न खाएं।
- हमेशा 20-30 मिनट तक पानी में भिगोकर सेवन करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- किसी गंभीर बीमारी या दवा के साथ सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।
- अगर सेवन के बाद असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत इसका उपयोग बंद कर दें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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