Multani Mitti Uses: सिर्फ फेस पैक नहीं, इन 6 तरीकों से करें मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल, चेहरे का ग्लो देख सब चौंक जाएंगे
Multani Mitti Uses: बदलती लाइफस्टाइल, धूल-प्रदूषण और तेज धूप का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार घर में मौजूद प्राकृतिक चीजें भी त्वचा को बेहतरीन निखार दे सकती हैं। इन्हीं में से एक है मुल्तानी मिट्टी, जिसे सदियों से प्राकृतिक स्किन केयर का अहम हिस्सा माना जाता रहा है।
मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल, गंदगी और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करती है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह त्वचा को साफ, मुलायम और चमकदार बना सकती है। हालांकि, हर स्किन टाइप अलग होता है, इसलिए इसे अपनी त्वचा के अनुसार इस्तेमाल करना जरूरी है।
मुल्तानी मिट्टी स्किन पर लगाने के तरीके
गुलाब जल के साथ बनाएं क्लासिक फेस पैक
अगर आपकी त्वचा ऑयली या कॉम्बिनेशन है, तो मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे 15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर सामान्य पानी से धो लें। यह अतिरिक्त तेल हटाने, रोमछिद्रों को साफ करने और चेहरे को ताजगी देने में मदद करता है।
शहद के साथ करें इस्तेमाल
ड्राई स्किन वालों के लिए मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच शहद मिलाना बेहतर विकल्प हो सकता है। शहद त्वचा को नमी देने में मदद करता है, जबकि मुल्तानी मिट्टी गंदगी साफ करती है। इससे त्वचा साफ होने के साथ मुलायम भी महसूस होती है।
दही मिलाकर पाएं इंस्टेंट फ्रेशनेस
दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को हल्के तरीके से एक्सफोलिएट करने में मदद करता है। मुल्तानी मिट्टी और दही का मिश्रण चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ और फ्रेश नजर आ सकती है। यह टैनिंग कम करने में भी सहायक माना जाता है।
एलोवेरा जेल के साथ करें अप्लाई
संवेदनशील त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी में ताजा एलोवेरा जेल मिलाकर लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है। एलोवेरा त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, जबकि मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद करती है।
चंदन पाउडर मिलाकर बढ़ाएं निखार
मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा-सा चंदन पाउडर और गुलाब जल मिलाकर फेस पैक तैयार करें। यह त्वचा को ठंडक देने के साथ चेहरे की रंगत को निखारने में मदद कर सकता है। खासतौर पर गर्मियों में यह पैक काफी लोकप्रिय माना जाता है।
बेसन और हल्दी के साथ बनाएं ब्राइटनिंग पैक
एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा बेसन, चुटकीभर हल्दी और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे सप्ताह में एक बार लगाने से त्वचा की गहराई से सफाई हो सकती है और चेहरा अधिक साफ व चमकदार दिखाई दे सकता है।
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय रखें ये सावधानियां
- सप्ताह में 1 से 2 बार ही इस्तेमाल करें।
- बहुत देर तक फेस पैक को पूरी तरह सूखने न दें।
- ड्राई स्किन वाले लोग इसमें शहद या एलोवेरा जरूर मिलाएं।
- पैक हटाने के बाद मॉइश्चराइज़र लगाना न भूलें।
- पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
Empty Stomach Banana: केला खाली पेट खाना सही है या नहीं? जानिए क्या है इसकी पूरी सच्चाई
Aloo Pizza: बच्चों का दिल जीत लेगा आलू का पिज्जा! सिर्फ 15 मिनट में घर पर बनाएं ये टेस्टी और चीजी स्नैक
Kitchen Spices: किचन के 5 मसाले बीमारियों को रखेंगे दूर! ओवरऑल फिटनेस को मिलेगा जबरदस्त फायदा
Sawan Food Rules 2026: सावन में प्याज-लहसुन ही नहीं, इन 7 चीजों से भी बनाते हैं दूरी, जानिए इसके पीछे की वजह
Sawan Food Rules 2026: सावन का महीना शुरू होते ही कई घरों की रसोई में बदलाव दिखने लगता है। कोई प्याज-लहसुन खाना बंद कर देता है, तो कोई पूरे महीने सात्विक भोजन अपनाता है। इसके पीछे सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में सेहत का ध्यान रखने की परंपरा भी जुड़ी मानी जाती है।
यही वजह है कि आज भी बहुत से लोग सावन के दौरान कुछ चीजों को अपनी थाली से दूर रखते हैं। आइए जानते हैं इस महीने किन चीजों को खाने से बचा जाता है और इसके पीछे क्या वजह मानी जाती है।
1. प्याज और लहसुन
सावन में सबसे पहले लोग प्याज और लहसुन खाना छोड़ देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हें तामसिक माना जाता है। मान्यता है कि व्रत और पूजा के दौरान सात्विक भोजन करने से मन शांत रहता है और भगवान की भक्ति में ध्यान लगाने में आसानी होती है। इसलिए इस महीने कई घरों में बिना प्याज-लहसुन का भोजन बनाया जाता है।
2. मांस, मछली और अंडा
सावन के दौरान बहुत से लोग मांस, मछली और अंडा भी नहीं खाते। इसे धार्मिक परंपरा और संयम से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, बारिश के मौसम में नॉनवेज जल्दी खराब होने की संभावना रहती है, जिससे पेट खराब होने और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
3. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और दूसरी पत्तेदार सब्जियां बारिश के मौसम में जल्दी गंदी हो सकती हैं। इनमें मिट्टी, छोटे कीड़े या बैक्टीरिया होने की आशंका बढ़ जाती है। अगर इन्हें अच्छी तरह साफ न किया जाए, तो स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए कई लोग सावन में इनका सेवन कम कर देते हैं।
4. बैंगन
सावन में बैंगन से भी कई लोग दूरी बनाकर रखते हैं। माना जाता है कि बारिश के मौसम में इसमें कीड़े लगने की संभावना ज्यादा रहती है। यही कारण है कि इस महीने इसे खाने से परहेज किया जाता है।
5. मशरूम
मशरूम नमी वाले मौसम में तेजी से बढ़ता है। अगर यह ताजा न हो या सही तरीके से रखा न गया हो, तो इसे खाने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए सावन में कई लोग इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं करते।
6. शराब और दूसरी नशीली चीजें
सावन को भक्ति, संयम और सादा जीवन जीने का महीना माना जाता है। इसलिए इस दौरान शराब, तंबाकू और दूसरी नशीली चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सात्विक भोजन और अच्छी दिनचर्या अपनाने से मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं।
7. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना
बारिश के मौसम में पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर हो सकती है। ऐसे में ज्यादा तेल, मसाले और तला-भुना खाना गैस, अपच और पेट की दूसरी परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन खाना बेहतर माना जाता है।
क्या सभी लोगों को इन नियमों का पालन करना चाहिए?
सावन में खानपान के नियम हर परिवार और हर क्षेत्र में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोग पूरे महीने सात्विक भोजन करते हैं, जबकि कुछ केवल व्रत वाले दिन इन नियमों का पालन करते हैं।
(Disclaimer): अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या डॉक्टर ने किसी खास डाइट की सलाह दी है, तो बिना सलाह के अपने खानपान में बड़ा बदलाव न करें।
यह भी पढ़ें: भगवान शिव को क्यों चढ़ाया जाता है धतूरा? जानिए इस विषैले फल के पीछे छिपा आस्था का गहरा संदेश
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi



















