एआई, जेन जेड और कंपिटेंसी-बेस्ड एजुकेशन के दौर में बदल रही मेडिकल की पढ़ाई, छात्रों को ज्ञान के साथ क्लिनिकल स्किल्स भी विकसित करनी चाहिए: विशेषज्ञ
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। देश में मेडिकल शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, आधुनिक और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एम्स (एआईआईएमएस) नई दिल्ली में आयोजित एनाटएड समिट 2026 में विशेषज्ञों ने बड़ा संदेश दिया। सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि भविष्य के डॉक्टरों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें क्लिनिकल स्किल्स, संवाद क्षमता, नैतिक मूल्यों और आजीवन सीखने की सोच भी विकसित करनी होगी। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और जनरेशन जेड की बदलती जरूरतों के अनुरूप मेडिकल शिक्षा में बदलाव की आवश्यकता पर भी विशेष चर्चा हुई।
एम्स नई दिल्ली के एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर और मीडिया सेल की प्रभारी प्रो. रीमा दादा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि एनाटएड समिट 2026 का मुख्य उद्देश्य कंपिटेंसी-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन (सीबीएमई), शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और बदलते शिक्षण तरीकों पर विचार-विमर्श करना है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक डॉक्टर को जीवन भर सीखते रहना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों का लक्ष्य केवल ज्ञान अर्जित करना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें क्लिनिकल स्किल्स विकसित करनी चाहिए और यह सीखना चाहिए कि मरीजों के साथ प्रभावी ढंग से कैसे संवाद किया जाए।
प्रो. दादा ने आगे कहा कि यदि छात्र केवल किताबों का ज्ञान प्राप्त करें और मरीजों के साथ व्यवहार, संवाद और व्यावहारिक कौशल विकसित न करें, तो उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है। पहले शिक्षा प्रणाली में शिक्षक पढ़ाते थे और छात्र केवल सुनते थे, लेकिन इससे आवश्यक चिकित्सकीय कौशल विकसित नहीं हो पाते थे।
उन्होंने कहा, मेडिकल ग्रेजुएट बनने के बाद छात्रों का सबसे बड़ा दायित्व मरीजों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देना होता है। इसके लिए अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स, नैतिकता, नेतृत्व क्षमता और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार विकसित करना जरूरी है।
प्रो. दादा ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले छात्र केवल शरीर रचना (एनाटॉमी) के तथ्यों को याद करते थे, लेकिन अब उन्हें यह भी समझाया जाता है कि किसी विशेष नस से रक्त क्यों लिया जाता है, उसकी सर्फेस मार्किंग क्या होती है और उसका क्लिनिकल महत्व क्या है। उन्होंने बताया कि जब पढ़ाई को वास्तविक चिकित्सा प्रक्रियाओं से जोड़ा जाता है, तो छात्रों की रुचि बढ़ती है और वे बेहतर डॉक्टर बनते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि नई शिक्षा प्रणाली पूरी तरह छात्र-केंद्रित है, जिसमें यह देखा जाता है कि छात्र किस गति से सीख रहे हैं और सीखी हुई जानकारी का व्यवहारिक उपयोग कैसे कर रहे हैं। इसके लिए नियमित फॉर्मेटिव असेसमेंट और फीडबैक की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्र लगातार अपनी कमियों में सुधार कर सकें।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सीटी स्कैन, एमआरआई, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों के आने से डॉक्टरों के लिए लगातार नई जानकारी सीखना आवश्यक हो गया है। एम्स का अपना पाठ्यक्रम है, लेकिन वह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की कंपिटेंसी-बेस्ड शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप ही छात्रों को प्रशिक्षित करता है।
वहीं, एनाटएड समिट 2026 की आयोजन सचिव और एम्स के एनाटॉमी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. आरती जी ने कहा कि मेडिकल शिक्षा हमेशा से एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है, लेकिन इस समिट का उद्देश्य एनाटॉमी शिक्षा को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि आज की जनरेशन जेड की सीखने की शैली पहले की पीढ़ियों से अलग है। ऐसे में शिक्षकों को भी अपने पढ़ाने के तरीकों में बदलाव लाना होगा ताकि वे छात्रों से बेहतर तरीके से जुड़ सकें और पीढ़ियों के बीच मौजूद अंतर को कम किया जा सके।
डॉ. आरती ने बताया कि समिट में भारत और विदेशों से मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें वे विशेषज्ञ भी शामिल हैं जिन्होंने कंपिटेंसी-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन और पाठ्यक्रम सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि इस समिट का उद्देश्य एनाटॉमी शिक्षा को नई पीढ़ी की जरूरतों और आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अपडेट करना है। देश भर से आए प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी से यह सम्मेलन मेडिकल शिक्षा के भविष्य को नई दिशा देने वाला मंच बनकर उभरा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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अगले हफ्ते IPO बाजार में रहेगी रौनक, Ardee Industries और Technocraft Ventures खुलेंगे, Manipal Health की होगी लिस्टिंग
Upcoming IPOs Next Week: प्राइमरी मार्केट में 3 अगस्त से 9 अगस्त 2026 के हफ्ते में खूब हलचल रहने वाली है. दो नए मेनबोर्ड आईपीओ Ardee Industries Ltd और Technocraft Ventures Ltd सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे. साथ ही Juniper Green Energy, MV Electrosystems और Manipal Health Enterprises के आईपीओ का क्लोजिंग, अलॉटमेंट और लिस्टिंग भी इसी हफ्ते होगी. निवेशकों के लिए यह हफ्ता काफी व्यस्त रहने वाला है.
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Ardee Industries IPO: 5 अगस्त को खुलेगा इश्यू
Ardee Industries Ltd का 425.87 करोड़ रुपये का आईपीओ 5 अगस्त 2026 को खुलेगा और 7 अगस्त को बंद होगा. इस बुक-बिल्ट इश्यू में 6.04 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है जिससे 320 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे, और 2 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है जिसकी वैल्यू 105.87 करोड़ रुपये है. प्राइस बैंड 50 से 53 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और एक लॉट में 281 शेयर हैं. अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम 14,893 रुपये लगाने होंगे. अलॉटमेंट 10 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है और NSE तथा BSE पर लिस्टिंग 12 अगस्त को होगी. Pantomath Capital Advisors इसके बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं और KFin Technologies रजिस्ट्रार है. इश्यू स्ट्रक्चर में QIB के लिए अधिकतम 50%, रिटेल निवेशकों के लिए अधिकतम 35% और NII के लिए कम से कम 15% हिस्सा आरक्षित है.
1993 में स्थापित Ardee Industries एंड-ऑफ-लाइफ एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की सस्टेनेबल रिकवरी और रिसाइक्लिंग के कारोबार में है. इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में हाई-प्योरिटी लेड और स्पेशलाइज्ड लेड अलॉय जैसे लेड कैल्शियम, लेड एंटीमनी, लेड टिन, लेड सिल्वर और लेड कैडमियम अलॉय शामिल हैं. ये प्रोडक्ट एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल्स जैसे सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं.
Technocraft Ventures IPO: 7 अगस्त को खुलेगा
Technocraft Ventures Ltd का आईपीओ 7 अगस्त 2026 को खुलेगा और 11 अगस्त तक खुला रहेगा. इस इश्यू में 0.95 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू और 0.24 करोड़ शेयरों का OFS है, यानी कुल 1.19 करोड़ शेयर. फिलहाल प्राइस बैंड और लॉट साइज का खुलासा नहीं हुआ है. अलॉटमेंट 12 अगस्त को फाइनल होगा और NSE तथा BSE पर लिस्टिंग 14 अगस्त को होगी. Khambatta Securities इसके बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं और Bigshare Services रजिस्ट्रार है.
अक्टूबर 1998 में स्थापित Technocraft Ventures एक पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी है जो टर्नकी EPC प्रोजेक्ट्स करती है. कंपनी वॉटर और वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड और हाईवे, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर डिस्ट्रिब्यूशन और ट्रेंचलेस व माइक्रो-टनलिंग वर्क्स में काम करती है. AMRUT, JNNURM, नमामि गंगे, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी सरकारी स्कीम्स के तहत प्रोजेक्ट्स एग्जिक्यूट कर चुकी है.
Juniper Green Energy IPO: 3 अगस्त को बंद होगा
1,800 करोड़ रुपये का Juniper Green Energy IPO 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा. यह पूरी तरह 8 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू है. 31 जुलाई को बिडिंग के दूसरे दिन तक यह इश्यू 0.47 गुना यानी 47% सब्सक्राइब हुआ था. प्राइस बैंड 214 से 225 रुपये प्रति शेयर है और एक लॉट में 66 शेयर हैं. अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम 14,850 रुपये चाहिए. अलॉटमेंट 4 अगस्त को और लिस्टिंग 6 अगस्त को होगी. ICICI Securities बुक-रनिंग लीड मैनेजर और KFin Technologies रजिस्ट्रार है.
2011 में स्थापित Juniper Green Energy एक रिन्यूएबल एनर्जी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर है जो यूटिलिटी-स्केल सोलर, विंड, विंड-सोलर हाइब्रिड और फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स डेवलप, बिल्ड, ऑपरेट और मेंटेन करती है. 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो 7,910.20 MW था.
MV Electrosystems IPO: 3 अगस्त को होगा बंद
290 करोड़ रुपये का MV Electrosystems IPO भी 3 अगस्त को बंद होगा. बिडिंग के दूसरे दिन के अंत तक यह इश्यू 12.03 गुना सब्सक्राइब हो चुका था और रिटेल निवेशकों की अगुआई में जोरदार बिडिंग देखने को मिली. यह पूरी तरह 0.68 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है. प्राइस बैंड 400 से 425 रुपये प्रति शेयर है और एक लॉट में 34 शेयर हैं. अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 14,450 रुपये चाहिए. अलॉटमेंट 4 अगस्त और लिस्टिंग 6 अगस्त को होगी. Sundae Capital Advisors बुक-रनिंग लीड मैनेजर और KFin Technologies रजिस्ट्रार है.
2009 में स्थापित MV Electrosystems रेलवे रोलिंग स्टॉक के लिए इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट डिजाइन, डेवलप, असेंबल और मैन्युफैक्चर करती है. इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में IGBT-बेस्ड थ्री-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल और केबल प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स शामिल हैं.
Manipal Health IPO: 3 अगस्त को अलॉटमेंट, 5 अगस्त को लिस्टिंग
9,275.22 करोड़ रुपये के Manipal Health IPO का अलॉटमेंट 3 अगस्त को फाइनल होगा और लिस्टिंग 5 अगस्त को NSE तथा BSE दोनों पर होगी. तीन दिन की बिडिंग के बाद यह इश्यू 4.92 गुना सब्सक्राइब हुआ. निवेशकों ने 9,00,88,286 शेयरों के ऑफर के मुकाबले 44,30,73,000 शेयरों के लिए बोलियां लगाईं. इश्यू में 13.56 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू था जिससे 8,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने थे, और 2.16 करोड़ शेयरों का OFS था जिसकी वैल्यू 1,275.22 करोड़ रुपये थी. प्राइस बैंड 560 से 590 रुपये और लॉट साइज 25 शेयर था. इश्यू स्ट्रक्चर में QIB के लिए कम से कम 75%, NII के लिए अधिकतम 15% और रिटेल निवेशकों के लिए अधिकतम 10% आरक्षित था.
2010 में स्थापित Manipal Health Enterprises, Manipal Group का हिस्सा है और पूरे भारत में मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स, क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर का नेटवर्क चलाती है. 31 मार्च 2026 तक कंपनी 13,037 लाइसेंस्ड बेड्स के साथ 49 हॉस्पिटल और 21 क्लीनिक ऑपरेट कर रही थी.
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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
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