पश्चिम बंगाल: अनियमितता के आरोपों में 11 ब्लड बैंक पर कार्रवाई, राज्य भर में कैंप आयोजित करने पर रोक
कोलकाता, 1 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को राज्य के 11 ब्लड बैंकों पर सख्त कार्रवाई की घोषणा की। विभाग ने इन ब्लड बैंकों को अगला आदेश आने तक राज्य में कहीं भी रक्तदान शिविर आयोजित करने से रोक दिया है। इन बैंकों पर बंगाल में एकत्र किया गया खून अवैध रूप से दूसरे राज्यों को बेचने समेत कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, इन 11 ब्लड बैंकों को राज्य में कहीं भी रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह प्रतिबंध 1 अगस्त से लागू होगा।
जानकारी के मुताबिक, इन ब्लड बैंकों पर कई तरह की अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। इनमें पैसे लेकर खून और प्लाज्मा को बिना अनुमति दूसरे राज्यों में भेजना भी शामिल है।
अधिकारी ने कहा, इन 11 ब्लड बैंकों की जांच राज्य रक्त आधान बोर्ड कर रहा है। हालांकि यह रोक सिर्फ कैंप आयोजित करने पर है। संस्था के अंदर ब्लड सैंपल लेना या लेन-देन जारी रहेगा, लेकिन वह भी सिर्फ कुशल और प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा, सभी नियमों का पालन करते हुए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही राज्य स्वास्थ्य विभाग ने राज्य रक्त आधान बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह राज्य में कहीं भी बड़ी मात्रा में खून के लेन-देन पर नजर रखे।
कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रक्तदान शिविरों में अनियमितताओं को लेकर जांच के सिलसिले में छापेमारी की थी। कोलकाता और जिलों में कई जगहों पर छापे मारकर स्थिति का जायजा लिया गया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए। इसी के मद्देनजर अब इन 11 ब्लड बैंकों पर अगला आदेश आने तक शिविर आयोजित करने पर रोक लगाई गई है।
सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ ब्लड बैंक अधिकारियों ने रक्तदान शिविर लगाने के लिए पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग से जरूरी अनुमति तक नहीं ली थी।
इसके अलावा खून संग्रह में भी गड़बड़ियां पाई गईं। आरोप है कि रेड ब्लड सेल्स और प्लाज्मा को ऊंची कीमतों पर दूसरे राज्यों में भेजा गया। संबंधित अधिकारी इन आरोपों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक कोई नया शिविर आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जुलाई में ऑटो कंपनियों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग से बढ़ा कारोबार
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के यात्री वाहन उद्योग ने जुलाई में मजबूत प्रदर्शन किया। प्रमुख ऑटो कंपनियों ने सालाना आधार पर बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की, जिसकी मुख्य वजह स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की लगातार मजबूत मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री में तेज उछाल और निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी रही।
हुंडई मोटर इंडिया (एचएमआईएल) ने जुलाई में स्थापना के बाद से अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री दर्ज की। कंपनी ने कुल 75,360 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25.4 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बिक्री 23.3 प्रतिशत बढ़कर 54,210 यूनिट रही, जो जुलाई महीने का अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन है। वहीं, निर्यात 31.4 प्रतिशत बढ़कर 21,150 यूनिट पहुंच गया, जो पिछले 100 महीनों से अधिक समय में कंपनी का सबसे बेहतर मासिक निर्यात रहा।
हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि नई तिमाही की शुरुआत मजबूत रही है और अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री इस बात का प्रमाण है कि ग्राहकों का हुंडई ब्रांड पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
किआ इंडिया ने भी जुलाई में अब तक का सर्वश्रेष्ठ थोक बिक्री प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी की डिस्पैच 27.4 प्रतिशत बढ़कर 28,200 यूनिट हो गई। जनवरी से जुलाई के दौरान कुल डिस्पैच 1,91,949 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16.8 प्रतिशत अधिक है।
वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिलाकर 63,760 वाहनों की बिक्री की, जो एक साल पहले की 40,175 यूनिट की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री 58 प्रतिशत बढ़कर 62,611 यूनिट रही।
इसके अलावा, कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जुलाई में 15,217 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 7,124 यूनिट था। यानी ईवी बिक्री एक साल में दोगुने से भी अधिक हो गई।
वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने जुलाई में कुल 1,03,860 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो सालाना आधार पर 26 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बाजार में कंपनी की यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 60,048 यूनिट पहुंच गई, जबकि निर्यात सहित कुल एसयूवी बिक्री 60,887 यूनिट रही।
कंपनी के घरेलू कमर्शियल वाहन बिक्री आंकड़े 25,204 यूनिट रहे, जिनमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) श्रेणी में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। 2 टन से कम क्षमता वाले एलसीवी की बिक्री 40 प्रतिशत बढ़कर 3,870 यूनिट रही, जबकि 2 से 3.5 टन श्रेणी के एलसीवी की बिक्री 21 प्रतिशत बढ़कर 21,334 यूनिट पहुंच गई। इलेक्ट्रिक मॉडल सहित थ्री-व्हीलर बिक्री 53 प्रतिशत बढ़कर 14,538 यूनिट हो गई।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि कंपनी ने जुलाई में 60,048 एसयूवी बेचकर 20 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की।
जनवरी से जुलाई की अवधि में महिंद्रा की एसयूवी बिक्री 2,34,793 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में थ्री-व्हीलर बिक्री 50,793 यूनिट रही, जिसमें 69 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
इसके साथ ही, निसान मोटर इंडिया ने भी जुलाई में रिकॉर्ड मासिक थोक बिक्री दर्ज की, और इसकी कुल डिस्पैच बढ़कर 9,339 यूनिट हो गई। घरेलू थोक बिक्री 218 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी के साथ 4,518 यूनिट पर पहुंची, जबकि निर्यात 4,821 यूनिट रहा।
कंपनी ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय अपने नए टेक्टॉन एसयूवी की लॉन्चिंग को दिया। जुलाई में इस मॉडल की ग्राहकों को डिलीवरी शुरू हुई, जिससे कंपनी के एसयूवी पोर्टफोलियो में मैग्नाइट और ग्रेवाइट के साथ एक और नया ऑप्शन जुड़ गया।
जुलाई के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि भारतीय यात्री वाहन बाजार में एसयूवी की मजबूत मांग अब भी वृद्धि का सबसे बड़ा आधार बनी हुई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री और निर्यात में तेजी भी ऑटो कंपनियों की विकास रफ्तार को मजबूती दे रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation






















