एफएसएसएआई का स्विट्ज फूड्स पर बड़ा एक्शन, फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में स्विट्ज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका फूड बिजनेस लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। प्राधिकरण ने कंपनी को आदेश दिया है कि सभी कमियों को दूर कर खाद्य सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करने तक वह अपनी सभी खाद्य व्यावसायिक गतिविधियां बंद रखे।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी के विनिर्माण संयंत्र (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं और स्वच्छता संबंधी खामियां सामने आईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
एफएसएसएआई के अनुसार निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खाद्य पदार्थों का निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का गंभीर खतरा था। फैक्ट्री परिसर में साफ-सफाई और सैनिटेशन की स्थिति भी बेहद खराब मिली। विशेष रूप से क्रेट वॉशिंग एरिया, नॉन-वेज रिसीविंग एरिया और गाजर काटने वाली मशीन के पास का हिस्सा बेहद गंदा पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, ट्रॉली, ट्रे, मोल्ड, एचडीपीई क्रेट और अन्य उपकरणों की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं किया जा रहा था। उत्पाद भंडारण क्षेत्र के ऊपर से एसी पाइपलाइन का पानी रिस रहा था, जबकि क्रेट साफ करने वाली मशीन भी खराब हालत में मिली।
इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण उपकरणों, वेंटिलेशन सिस्टम और भोजन के संपर्क में आने वाले बर्तनों पर जंग और क्षरण पाया गया। एग्जॉस्ट फैन पर कीड़ों को रोकने वाली जालियां भी नहीं लगी थीं।
एफएसएसएआई ने आगे बताया कि निरीक्षण के दौरान परिसर में मक्खियां, मच्छर, फ्रूट फ्लाई, मकड़ी के जाले और अन्य कीटों का भारी प्रकोप देखा गया।
इसके अलावा, दीवारों पर सीलन, उखड़ता पेंट, टूटी हुई फर्श की टाइलें, तेल और ग्रीस की मोटी परत जैसी कई गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां भी पाई गईं।
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार अर्धनिर्मित और तैयार खाद्य उत्पादों के बीच उचित अलगाव नहीं था। इसी तरह शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को भी अलग-अलग रखने के नियमों का पालन नहीं किया गया।
कई कच्चे और अर्धनिर्मित खाद्य उत्पादों पर निर्माण या उपयोग की अंतिम तिथि का उल्लेख नहीं था। तैयार उत्पाद गंदी ट्रे में बिना किसी सुरक्षात्मक लाइनर के रखे गए थे और कोल्ड स्टोरेज में कबाड़ सामग्री भी रखी मिली।
एफएसएसएआई ने यह भी पाया कि कटे हुए चिकन को सामान्य कमरे के तापमान पर डीफ्रॉस्ट किया जा रहा था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के खिलाफ है। तापमान नियंत्रण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। निरीक्षण के दौरान एक तैयार चिकन सैंडविच बिना अनिवार्य लेबलिंग के भी पाया गया।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एफएसएसएआई ने स्विट्ज फूड्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया है और कंपनी को निर्देश दिया है कि वह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने और सभी कमियों को दूर करने तक किसी भी प्रकार की खाद्य व्यावसायिक गतिविधि संचालित न करे।
इससे पहले, बीते 30 जुलाई को भी एफएसएसएआई ने कई फूड बिजनेस ऑपरेटर (एफबीओ) के खिलाफ भ्रामक दावों, गलत लेबलिंग, खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और स्वच्छता में गंभीर लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई की थी। इनमें लाइसेंस निलंबन, बिक्री पर रोक और उत्पादन बंद करने जैसे कदम शामिल थे।
इसी क्रम में एफएसएसएआई ने मैसर्स वटावे हेल्थ केयर के फोलिन्यूरो सिरप (फोलिनिक एसिड सिरप) के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। प्राधिकरण का कहना था कि इस उत्पाद को मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने वाले पोषण सप्लीमेंट के रूप में भ्रामक दावों के साथ बेचा जा रहा था, जबकि यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा संबंधित नियमों का पालन नहीं करता था।
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 का उल्लंघन करने वाले किसी भी खाद्य व्यवसाय के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मणिचक्र को एक्टिव करता है ये आसन, रक्त संचार को भी नियंत्रित करने में करता है मदद
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और पीठ दर्द होना आम है। इससे निजात पाने के लिए व्याघ्रासन एक सटीक, सरल और असरदार समाधान है। इसको करने से पेट कम होता है और शरीर में नई ऊर्जा आती है।
व्याघ्रासन को करने के दौरान शरीर की मुद्रा बाघ के समान होती है, जिस वजह से इसे टाइगर पोज भी कहा जाता है। यह मुद्रा ऊर्जा को नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण तरीके से प्रवाहित करने में भी सहायक है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, व्याघ्रासन (टाइगर पोज) रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने, कमर दर्द व साइटिका से राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण योगासन है।
व्याघ्रासन को करते समय पेट के अंगों पर पड़ने वाले हल्के दबाव से पाचन तंत्र सक्रिय होता है, जिससे गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नियमित अभ्यास से भोजन का पाचन बेहतर होता है और भूख सही समय पर लगती है।
व्याघ्रासन (टाइगर पोज) मणिपुर (सोलर प्लेक्सस चक्र) और स्वाधिष्ठान चक्र (सैक्रल चक्र) को उत्तेजित करता है। यह आसन आत्मविश्वास, आंतरिक शक्ति और सशक्तीकरण की भावना को बढ़ाता है।
यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है। इस आसन से शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व अच्छी तरह पहुंचते हैं, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है। खासकर पैरों, हाथों और पीठ की मांसपेशियां व्याघ्रासन से मजबूत बनती हैं। बेहतर रक्त संचार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और आप लंबे समय तक स्वस्थ बने रहते हैं।
व्याघ्रासन करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और हथेलियों को जमीन पर टिका लें ताकि शरीर का भार हाथों और घुटनों पर आ जाए। अब गहरी सांस लें, सामने देखें और अपनी दाईं टांग को पीछे की ओर सीधा उठाएं। साथ ही, अपनी गर्दन को ऊपर की ओर खींचें। इसके बाद, सांस छोड़ते हुए उस दाईं टांग को मोड़कर अपनी छाती की तरफ लाएं और पीठ को ऊपर की ओर गोलाई में झुकाएं।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation























