Financial Rules Changes: 1 अगस्त से बदल गए वित्तीय नियम! टैक्स, क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग चार्जेस पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए बड़ी बातें
अगस्त 2026 महीने की शुरुआत के साथ ही देश के करदाताओ , क्रेडिट कार्डधारकों, बैंक ग्राहकों और शेयर बाजार निवेशकों के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिक के दैनिक लेनदेन, लोन की ईएमआई, बैंक बैलेंस और जेब पर पड़ेगा।
इन प्रमुख बदलावों में बिना ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की समयसीमा, क्रेडिट कार्ड बिलिंग ट्रांसपेरेंसी पर आरबीआई के नए दिशानिर्देश, रिटेल बैंकों के सर्विस चार्ज में संशोधन और रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की आगामी बैठक शामिल हैं।
1. ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख: 31 अगस्त डेडलाइन (FY 2025-26)
स्वरोजगार करने वाले प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स और छोटे कारोबारियों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 का बिना ऑडिट वाला इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है। इस डेडलाइन से पहले फाइल न करने पर करदाताओं को भारी लेट फीस और पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
2. क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए आरबीआई के नए निर्देश: बिलिंग में पारदर्शिता
भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देशों के तहत अगस्त से क्रेडिट कार्ड बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई गई है। नए फ्रेमवर्क के तहत अब कार्ड जारी करने वाले बैंक और कंपनियां अनपेड कन्वीनियंस फीस, लेट पेनल्टी चार्जेस और स्टैच्यूचरी टैक्स को उस बेस अमाउंट में शामिल नहीं कर सकतीं जिस पर कंपाउंडेड फाइनेंस चार्ज वसूला जाता है। यानी अब बकाया जुर्माना या टैक्स पर ब्याज नहीं वसूला जा सकेगा।
3. रिटेल बैंकिंग सर्विस फीस और एसएमएस अलर्ट चार्जेस में संशोधन
1 अगस्त 2026 से कई रिटेल बैंकों ने अपने सर्विस चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव किया है। उदाहरण के लिए, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एसएमएस अलर्ट फीस बढ़ाकर ₹0.30 प्रति एसएमएस कर दी है। इसके अलावा अन्य वित्तीय संस्थानों ने भी डेबिट कार्ड के वार्षिक रखरखाव शुल्क, दैनिक लेनदेन सीमा और ब्रांच सर्विस फीस को रिवाइज किया है।
4. आरबीआई एमपीसी बैठक (3 से 5 अगस्त): लोन ब्याज दरों पर नज़र
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त 2026 के बीच आयोजित होगी। 5 अगस्त को केंद्रीय बैंक रेपो रेट्स, महंगाई और मार्केट लिक्विडिटी पर अपनी नीतिगत समीक्षा और फैसलों का ऐलान करेगा। फ्लोटिंग-रेट होम लोन, ऑटो लोन लेने वालों और एफडी निवेशकों की निगाहें इस फैसले पर टिकी हैं।
5. एमएससीआई तिमाही इंडेक्स समीक्षा (12 अगस्त)
वैश्विक संस्थागत निवेशकों और घरेलू स्टॉक ट्रेडर्स की नजर 12 अगस्त 2026 पर टिकी है, जब इंडेक्स प्रदाता MSCI अपनी तिमाही समीक्षा पेश करेगा। यद्यपि आधिकारिक संशोधन 1 सितंबर से लागू होंगे, लेकिन घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजारों में कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
Kulgam Attack News: कश्मीर में आतंकियों की कायराना हरकत, छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों को बताया निशाना, घटना को लेकर सीएम साय भी हुए भावुक
Kulgam Attack News: कश्मीर में आतंकियों की कायराना हरकत, छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों को बताया निशाना, घटना को लेकर सीएम साय भी हुए भावुक
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
IBC24
















