तेल-गैस खोज के लिए 84,084 करोड़ की योजना को मंजूरी:कैबिनेट की बैठक में हुए कई फैसले, किसान सम्मान निधि योजना भी 5 साल बढ़ाई गई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट और सीसीए की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित किया। उन्होंने कहा- आज समुद्र मंथन नाम की एक बड़ी योजना को मंजूरी दी गई है। इसका मकसद देश में तेल और गैस उत्पादन के लिए खोज करना है और इसके लिए 84,084 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह देश में तेल और गैस की बढ़ती मांग के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा- केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को भी वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। इस अवधि के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। सोलर पावर जेनरेशन की मंजूरी वैष्णव ने कहा- इन फैसलों में सबसे बड़ा फैसला प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना पर किया गया है। पीएम मोदी ने इस योजना के तहत वाटर बॉडीज की सतह का इस्तेमाल करके सोलर पावर जेनरेशन करने की मंजूरी दी है। भारत में वाटर बॉडीज का इस्तेमाल करके 102 गीगा वॉट (GW) यानी एक लाख मेगावॉट सोलर पावर जेनरेशन करने की क्षमता है। इस योजना का लक्ष्य पूरे देश में कुल 5,000 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर PV (फोटोवोल्टिक) क्षमता बनाना है, जिसके लिए पांच साल की अवधि में प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। खेलो इंडिया योजना के लिए 29,000 करोड़ का आवंटन मंत्रिमंडल का एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला देश में खेल संस्कृति और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से संबंधित है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि खेलो इंडिया योजना को विस्तार देते हुए अगले पांच वर्षों के लिए 29,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले एक दशक में खेलों को बढ़ावा देने के लिए लिए गए निर्णयों के कारण ही आज भारत ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में ढेरों पदक जीत रहा है। इस भारी-भरकम बजट का मुख्य उद्देश्य आगामी ओलंपिक, पैरालंपिक और विशेष रूप से 2030 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों को विश्वस्तरीय बनाना है। ------------- ये खबर भी पढ़ें… मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ बैठक साढ़े 4 घंटे चली:कहा- मंत्री तेजी से फैसले लें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली के सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के प्रदर्शन और आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई। पीएम ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का लक्ष्य और वादा है। पूरी खबर पढ़ें…
भास्कर अपडेट्स:वर्षा अशोक अगलावे बनीं GSI की चीफ, 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को मिली कमान
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक बनाया गया है। वर्षा अशोक अगलावे ने शुक्रवार को संगठन की 54वीं महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया, जिन्होंने दो वर्षों तक इस पद पर कार्य किया। जीवाश्म विज्ञान (पैलियंटोलाजी) की विशेषज्ञ वर्षा अगलावे को भूविज्ञान के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। भारतीय खान ब्यूरो (आइबीएम) में कार्य करने के बाद वह वर्ष 1992 में जीएसआइ से जुड़ी थीं। आज की अन्य बड़ी खबरें... ऑपरेशन सिंदूर के दौरान DGAO रहे एयर मार्शल भारती रिटायर भारतीय वायुसेना (IAF) के एयर मार्शल एके भारती शुक्रवार को डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस (DGAO) थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। एयर मार्शल भारती मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई तीनों सेनाओं की संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग का प्रमुख चेहरा रहे थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की मौत के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे। सरकार के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे। 53 साल बाद खाली होगी जम्मू यूनिवर्सिटी की जमीन, सेना के कब्जे में थी केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय के जरिए भूमि अदला-बदली (लैंड एक्सचेंज) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जम्मू विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से सटी 147 कनाल से अधिक जमीन से सेना के हटने का रास्ता साफ हो गया है। यह जमीन पिछले पांच दशक से अधिक समय से सेना के कब्जे में थी। मंजूर प्रस्ताव के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन सेना को नगरोटा तहसील में 2,062 कनाल 17 मरला और जम्मू तहसील में 62 कनाल जमीन देगा। इसके बदले सेना विश्वविद्यालय परिसर से सटी अपने कब्जे वाली जमीन खाली करेगी। यह जमीन 1973 में तत्कालीन राज्य सरकार ने जम्मू विश्वविद्यालय को आवंटित की थी। हालांकि इसका एक हिस्सा सेना के कब्जे में बना रहा। इस मामले को वर्षों तक विश्वविद्यालय प्रशासन और तत्कालीन राज्य सरकार अलग-अलग स्तर पर उठाते रहे।
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