UPSSSC Group C Answer Key 2026: एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट की आंसर-की जारी, ऐसे करें डाउनलोड
UPSSSC Group C Answer Key 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी है। 9 अगस्त 2026 को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी अब अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। आयोग ने आंसर-की को PDF फॉर्मेट में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है।
अभ्यर्थी upsssc.gov.in पर जाकर Agriculture Technical Assistant Group-C Answer Key 2026 डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग की ओर से इसे डाउनलोड करने के लिए 17 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया है। इसलिए उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आंसर-की चेक कर लेने की सलाह दी जाती है।
ऐसे डाउनलोड करें UPSSSC Agriculture Answer Key
उम्मीदवार नीचे दिए आसान स्टेप्स के जरिए अपनी आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं:
- सबसे पहले UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर View ALL News सेक्शन खोलें।
- यहां Agriculture Technical Assistant Group C Answer Key 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- लिंक खुलने के बाद आंसर-की की PDF स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- PDF डाउनलोड करें और अपने उत्तरों का मिलान करें।
- भविष्य के संदर्भ के लिए इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
17 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी आंसर-की
आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C परीक्षा की आंसर-की 17 अगस्त 2026 तक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे तय समय सीमा के भीतर PDF डाउनलोड करके अपने उत्तरों की जांच कर लें।
2759 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती अभियान के जरिए एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट के कुल 2759 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। कैटेगरी के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार है:
जनरल: 1692 पद
EWS: 275 पद
OBC: 573 पद
SC: 213 पद
ST: 6 पद
आंसर-की से उम्मीदवारों को परीक्षा में दिए गए अपने जवाबों की जांच करने और संभावित स्कोर का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। इसके बाद आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण से संबंधित जानकारी जारी की जाएगी।
CWG 2026: शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास, ग्लास्गो CWG पैरा शॉट पुट में जीता गोल्ड! शिल्पा को ब्रॉन्ज और अजय बाबू को मिला सिल्वर
ग्लास्गो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को भारत की स्टार पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने इतिहास रचते हुए महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत का पैरा एथलेटिक्स में राष्ट्रमंडल खेलों के पदक का 20 साल लंबा इंतजार भी खत्म हो गया।
इसी स्पर्धा में भारत की एक अन्य खिलाड़ी शिल्पा सायला ने नाटकीय घटनाक्रम के बाद कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा, पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में वल्लूरी अजय बाबू ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। इन सफलताओं के साथ राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की कुल पदक संख्या 10 हो गई है, जिसमें 2 स्वर्ण शामिल हैं।
शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर थ्रो के साथ खत्म किया 20 साल का सूखा
शर्मिला धनखड़ ने शॉट पुट F57 स्पर्धा में अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ 9.81 मीटर का थ्रो करते हुए पहला स्थान और स्वर्ण पदक हासिल किया। यह भारत के लिए CWG 2026 में दूसरा गोल्ड मेडल है।
महज दो साल की उम्र में बाएं पैर में पोलियो से ग्रसित होने के बावजूद शर्मिला ने कभी अपनी दिव्यांगता को बाधा नहीं बनने दिया। इससे पहले उन्होंने इस साल फाजा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था। F57 वर्गीकरण उन पैरा एथलीटों के लिए होता है, जिनके निचले अंगों में दिव्यांगता या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है।
ड्रामेटिक रिव्यू के बाद शिल्पा सायला को मिला ब्रॉन्ज मेडल
महिलाओं की इसी शॉट पुट स्पर्धा में भारत की शिल्पा सायला को बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बाद ब्रॉन्ज मेडल मिला। शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और शुरुआत में वह चौथे स्थान पर रही थीं, जबकि नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी को ब्रॉन्ज मेडल दे दिया गया था।
हालांकि, भारतीय दल द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक आपत्ति और समीक्षा के बाद नाइजीरियाई खिलाड़ी के एकमात्र वैध थ्रो को 'फाउल' करार दिया गया। इसके बाद शिल्पा को अपग्रेड करते हुए कांस्य पदक प्रदान किया गया, जिसे पाकर वह बेहद भावुक हो गईं।
1 किलो से गोल्ड से चूके वल्लूरी अजय बाबू, पिता की परंपरा को बढ़ाया आगे
वेटलिफ्टिंग रिंग में वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुषों के 79 KG वर्ग में कुल 330 किलो वजन उठाकर देश को सिल्वर मेडल दिलाया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और वह स्वर्ण पदक जीतने वाले मलेशिया के एरी हिदायत मोहम्मद से महज 1 किलोग्राम पीछे रह गए।
अजय बाबू की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने परिवार की पदक परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनके पिता श्रीनिवास ने 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 56 KG वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब 16 साल बाद बेटे ने सिल्वर जीतकर अपने पिता के रिकॉर्ड को एक कदम आगे बढ़ा दिया है।
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