RRB JE Recruitment 2026: रेलवे में JE समेत 3,993 पदों पर भर्ती शुरू, इंजीनियरिंग डिप्लोमा-डिग्री वालों के लिए बड़ा मौका
रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती खास मौका लेकर आई है। RRB JE Recruitment 2026 के तहत जूनियर इंजीनियर और डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट सहित कई पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर सहित संबंधित इंजीनियरिंग स्ट्रीम के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
3,993 पदों पर होगी भर्ती
आरआरबी की इस भर्ती में कुल 3,993 रिक्तियां हैं। इनमें 1,699 पद सामान्य वर्ग, 624 एससी, 363 एसटी, 913 ओबीसी और 394 पद ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
जूनियर इंजीनियर (JE) पद के लिए संबंधित इंजीनियरिंग विषय में तीन वर्षीय डिप्लोमा या संबंधित स्ट्रीम में BE/BTech की डिग्री जरूरी है। वहीं, डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट पद के लिए किसी भी इंजीनियरिंग विषय में तीन वर्षीय डिप्लोमा मांगा गया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि उम्मीदवार की निर्धारित शैक्षणिक योग्यता आवेदन की अंतिम तारीख यानी 13 सितंबर 2026 तक पूरी होनी चाहिए। जिन अभ्यर्थियों का अंतिम परीक्षा परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है, वे पात्र नहीं होंगे।
18 से 33 साल तक के उम्मीदवारों को मौका
आयु की गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर होगी। उम्मीदवार की उम्र 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। एससी/एसटी उम्मीदवारों को 5 वर्ष और ओबीसी-एनसीएल उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट दी जाएगी।
कब तक भर सकते हैं फॉर्म?
आरआरबी जेई भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन 13 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन 14 अगस्त से शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 है। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर है। वहीं, आवेदन में सुधार के लिए करेक्शन विंडो 16 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
कैसे होगा चयन?
उम्मीदवारों का चयन दो चरणों की कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT-1 और CBT-2) परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन से गुजरना होगा। दोनों CBT की परीक्षा तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। परीक्षा दिसंबर 2026 में संभावित है।
CWG 2026: भिवानी की सीमा कालीरमन ने जीता ब्रॉन्ज, शादी-मातृत्व के बाद कैसे की दमदार वापसी? बेटे के 4 शब्द बने सबसे बड़ी ताकत
Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के भिवानी की डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन ने भारत को कांस्य पदक दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया। 27 वर्षीय सीमा ने महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
खास बात यह है कि शादी और मातृत्व के कारण दो साल खेल से दूर रहने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की। उनका कहना है कि उनके 4 साल के बेटे रुद्र के 'Very Good मम्मी' जैसे मासूम शब्द और पति रविंद्र का साथ इस सफलता की सबसे बड़ी ताकत बने।
मुकाबले में 4 फाउल के बाद भी पक्का किया पदक
ग्लासगो में आयोजित फाइनल स्पर्धा काफी रोमांचक और दबाव भरी रही। सीमा को कुल छह प्रयास मिले, जिनमें से उनके चार थ्रो फाउल करार दिए गए। हालांकि, शुरुआती झटकों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने दूसरे प्रयास में 57.32 मीटर का थ्रो कर वह तीसरे स्थान पर पहुँचीं और तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर का थ्रो करके अपना कांस्य पदक पक्का कर लिया। स्पर्धा में जमैका की सामंथा हॉल ने स्वर्ण और कनाडा की जूलिया टंक्स ने रजत पदक हासिल किया।
4 साल के बेटे की प्रोत्साहन भरी आवाज
मैदान पर वापसी के अपने संघर्ष को याद करते हुए सीमा ने बताया कि प्रेग्नेंसी और शादी के बाद दो सीजन तक खेल से दूर रहना पड़ा था। बेटे के जन्म के महज 11 महीने बाद उन्होंने दोबारा कड़ी ट्रेनिंग शुरू की। ट्रेनिंग के दौरान जब भी वह अच्छा थ्रो करती हैं, तो उनका 4 साल का बेटा रुद्र 'हां मम्मी, बहुत अच्छे... वेरी गुड' बोलकर उनका हौसला बढ़ाता है। सीमा के अनुसार, बेटे के यही मासूम शब्द उनके लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन साबित हुए।
पति बने कोच और पढ़ाई के साथ खेल में लहराया परचम
सीमा के खेल करियर को संवारने में उनके पति रविंद्र की अहम भूमिका रही है, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं। चोट के कारण अपना करियर आगे न बढ़ा पाने वाले रविंद्र ने अपनी पत्नी के निजी कोच की जिम्मेदारी संभाली और उनकी फिटनेस व तकनीक पर दिन-रात काम किया। सीमा न केवल खेल में देश का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि वह चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी भी कर रही हैं। इससे पहले वह भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स मीट में 59.73 मीटर के करियर बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, जिसके दम पर उन्होंने 2026 एशियन गेम्स के लिए भी क्वालिफाई किया है।
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