Khargone में तेज बहाव में बाइक सवार दो युवक बहे, SDRF चला रही सर्च अभियान
खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ पुलिया पार करते समय तेज बहाव में बाइक सवार दो युवक बह गए। इस घटना में एक युवक तो तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन उसका साथी अभी भी लापता है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने लापता युवक की तलाश के लिए सघन सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिया पर पानी के तेज बहाव के कारण हुआ हादसा
यह हादसा ऊन और गंधावड़ के बीच स्थित पुलिया पर रात करीब 10 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पुलिया पर बाढ़ का पानी भर गया था। ऊन निवासी विनय वास्कले और वासु नाम के दो युवक इंदौर में एडमिशन संबंधी काम से गए थे और उसी सिलसिले में लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिया पर पानी के तेज बहाव ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया और दोनों युवक बाइक सहित बह गए।
एक युवक सुरक्षित, दूसरा लापता
हादसे के तुरंत बाद, वासु किसी तरह तैरकर पानी से बाहर निकलने में कामयाब रहा और अपनी जान बचाई। हालांकि, विनय वास्कले पानी के तेज बहाव के साथ बह गया और उसका कोई सुराग नहीं मिला। युवकों की बाइक घटना स्थल से लगभग 300 मीटर दूर एक नाले में मिली है।
SDRF कर रही लापता युवक की तलाश
घटना के बाद से ही ऊन पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लापता युवक विनय वास्कले की तलाश में जुटी हुई है। शुक्रवार को दिन भर टीम ने पुलिया के निचले इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। एसडीआरएफ टीम के अधिकारी एसके उइके ने बताया कि लापता युवक की तलाश जारी है, लेकिन शुक्रवार शाम 6 बजे तक उसका कोई पता नहीं चल पाया था। बचाव अभियान जारी है।
Devendra Fadnavis ने भिवंडी हादसे के बाद C1 Category इमारतों को खाली कराने का निर्देश दिया
भिवंडी में एक जर्जर इमारत के गिरने से नौ लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारियों को ‘खतरनाक’ इमारतों से लोगों को समझा-बुझाकर बाहर निकालना चाहिए और जरूरत पड़ने पर जान बचाने के लिए बल का इस्तेमाल करना चाहिए। फडणवीस ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि भिवंडी की इमारत को सी 1 श्रेणी की इमारत के तौर पर वर्गीकृत किया गया था, जिसका मतलब है कि यह रहने के लिए सुरक्षित नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत दुखद है।
यह सी 1 श्रेणी की इमारत थी। स्थानीय नगर आयुक्त ने मुझे बताया कि लगभग 25 लोगों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने मरम्मत का काम जारी रखा, जिसके बाद यह घटना हुई।’’ फडणवीस ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देगी।
उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त को ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वर्गीकरण के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सी 1 श्रेणी की इमारत को खतरनाक और रहने के लिए अनुपयुक्त माना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘जीवन महत्वपूर्ण है।
जान बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सी 1 श्रेणी की इमारतों में रहने वाले लोगों को समझा-बुझाकर और सख्ती के साथ बाहर निकाला जाना चाहिए। अगर जरूरत हो, तो ऐसी जर्जर इमारतों से उन्हें बाहर निकालने के लिए कुछ बल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, अदालत के आदेशों के अनुसार कुछ प्रतिबंध हैं। फिर भी मुझे लगता है कि जान बचाना भी महत्वपूर्ण है।’’ अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर इमारत के ढहने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और ऐसा माना जा रहा है कि मलबे में अब भी दो-तीन लोग फंसे हैं, जिन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं। भिवंडी-निजामपुर सिटी नगर निगम ने बताया कि उसने सितंबर 2020 में ही इस इमारत को ‘खतरनाक’ घोषित कर दिया था और इस साल पांच जून को इसे खाली करने का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई थी।
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