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Bihar में Sahayog Shivir के जरिए 5.33 लाख से अधिक जनशिकायतों का हुआ निपटारा

बिहार सरकार ने राज्य में हाल ही में शुरू की गई सहयोग शिविर पहल के तहत प्राप्त 5.83 लाख से अधिक जनशिकायतों में से 5.33 लाख से अधिक का निपटारा कर दिया है, जबकि 5.18 प्रतिशत मामले अभी लंबित हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, 19 मई को शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक कुल 5,83,866 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इनमें से 5,33,904 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, 19,718 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं और 30,244 मामले लंबित हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, लंबित मामलों का सर्वाधिक प्रतिशत पटना जिले में है, जहां 9.33 प्रतिशत आवेदन अभी लंबित हैं। पटना में कुल 28,206 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 24,663 का निपटारा किया गया, 911 आवेदन अस्वीकृत किए गए और 2,632 आवेदन लंबित हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सोहैल ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सहयोग शिविर में अब तक 5,83,866 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग दो से ढाई महीने के भीतर 5,33,904 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है।’’ उन्होंने बताया कि बिहार लोक सेवाओं का अधिकार (आरटीपीएस) अधिनियम, 2011 के तहत जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए अब तक 53.8 करोड़ से अधिक आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। सोहैल ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने 23 जून से आरटीपीएस सेवाओं में देरी होने पर स्वचालित अपील व्यवस्था लागू की है। इसके तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन का निपटारा नहीं होने पर वह स्वतः अपीलीय स्तर पर पहुंच जाता है।’’ उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब तक 6,934 अपील स्वतः दर्ज हुई हैं, जिनमें से 5,503 का निपटारा किया जा चुका है।

सचिव ने बताया कि 22 जनवरी, 2016 से बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रमंडल, अनुमंडल और जिला स्तर पर तैनात विशेष अधिकारियों के माध्यम से 19.38 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में शुरू की गई बिहार सरकारी कर्मचारी शिकायत निवारण प्रणाली के तहत कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की 16,106 शिकायतों का भी निपटारा किया गया है। सोहैल ने बताया कि ‘सात निश्चय-2’ और ‘सात निश्चय-3’ के तहत अब तक 10,27,839 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

इनमें 8,19,634 लोगों की नियमित नियुक्ति तथा 1,32,558 लोगों की संविदा के आधार पर नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान विभिन्न विभागों में 1,72,218 रिक्त पदों को भरने के लिए विभिन्न भर्ती आयोगों और बोर्ड को प्रस्ताव भेजे गए हैं। साथ ही, शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के चौथे चरण के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

सोहैल ने बताया कि भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बोधगया के सहयोग से संचालित मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत 107 प्रबंधन विशेषज्ञों को विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात किया गया है, ताकि आधुनिक प्रशासनिक पद्धतियों के माध्यम से सुशासन को और मजबूत किया जा सके।

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President Droupadi Murmu: भारत जमीनी स्तर के नवाचार में विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बन सकता है

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपने व्यापक स्वरूप और नवाचार की भावना का उपयोग करके जमीनी स्तर के नवाचार में विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनने की क्षमता रखता है। राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘अटल इनोवेशन मिशन’ के तहत जमीनी स्तर पर नवाचार करने वाले लोगों के एक समूह से राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में मुलाकात की। इस दौरान के दौरान मुर्मू ने कहा कि सामाजिक बदलाव सिर्फ विचारों से नहीं आते, इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे माहौल की जरूरत होती है जो प्रतिभा को सही दिशा प्रदान करे और उन्हें उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराए।

मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि जमीनी स्तर के नवाचार समाज की जरूरतों के हिसाब से बहुत उपयुक्त होते हैं, क्योंकि इनमें स्थानीय अनुभव, वैज्ञानिक सोच और व्यक्तिगत रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी शामिल होती है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास अपने व्यापक स्वरूप और नवाचार की भावना का उपयोग करके जमीनी स्तर के नवाचार में विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना तब सच होगा जब हर नागरिक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए नवोन्मेषी सोच के साथ काम करेगा।

मुर्मू ने इस बात को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की कि अलग-अलग संस्थान और नागरिक एक साझा मकसद के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और नवाचार की संस्कृति मजबूत हो रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसी कोशिशों का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि कई नवोन्मेषक ने सीमित संसाधनों, अनिश्चितताओं और बार-बार आने वाली चुनौतियों के बावजूद अपनी कोशिशें जारी रखीं।

मुर्मू ने लोगों, परिवारों या समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नवाचार में भरोसा जताने के लिए उनकी सराहना की। मुर्मू ने उन्हें अपने नवाचार को लगातार बेहतर बनाने, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों और दूसरे नवोन्मेषकों के साथ मिलकर काम करने और अपने नवाचार को बड़े स्तर पर ले जाने की कोशिश करने की सलाह दी। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, मुर्मू इन नवोन्मेषकों की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में भी पहुंचीं और उनके नवाचार का अवलोकन किया।

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अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता गोल्ड मेडल. इंग्लैंड की शैंटली रीड को दी मात. अरुंधति चौधरी कभी बास्केटबॉल खेला करती थीं लेकिन 15 साल की उम्र में बॉक्सिंग को चुना और अब गोल्ड की झड़ी लगाई. Sat, 01 Aug 2026 21:55:58 +0530

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