CJP के Instagram फॉलोअर्स में बंपर ग्रोथ: संसद मार्च के बाद 44 लाख नए लोग जुड़े, 26.7M के पार हुआ आंकड़ा
CJP Instagram Growth: इन दिनों देशभर में एक नाम सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा में है- 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)'। 20 जुलाई को संसद मार्च के बाद Gen-Z ने अपनी डिजिटल ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया कि व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ यह नाम देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक बड़े ट्रेंड में बदल गया।
कुछ दिनों पहले तक जो नाम सिर्फ मजाक और मीम्स तक सीमित था, आज वही 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' करोड़ों लोगों की चर्चा का हिस्सा बन चुका है। इसका सबसे बड़ा असर, इसके Instagram अकाउंट पर देखने को मिला है, जहां फॉलोअर्स की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। बता दें, 20 जुलाई को CJP के Instagram पर 22.3 मिलियन (2.23 करोड़) फॉलोअर्स थे, जो 26 जुलाई तक बढ़कर 26.7 मिलियन (2.67 करोड़) पहुंच गए। यानी महज छह दिनों में अकाउंट करीब 20% की बढ़ोतरी हुई है।
यह तेज ग्रोथ दिखाती है कि सोशल मीडिया पर CJP की पहुंच कितनी तेजी से बढ़ी है और Gen-Z की इस डिजिटल मुहिम ने सोशल मीडिया पर ऐसा असर छोड़ा है कि अब हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है।
6 दिनों में जुड़े 44 लाख नए फॉलोअर्स
संसद मार्च के बाद CJP के Instagram अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई को जहां CJP के Instagram पेज पर 22.3 मिलियन फॉलोअर्स थे, वहीं खबर लिखे जाने तक यानी 26 जुलाई को यह आंकड़ा बढ़कर 26.7 मिलियन पहुंच गया है।
इस दौरान अकाउंट से करीब 4.4 मिलियन यानी 44 लाख नए फॉलोअर्स जुड़े। औसतन देखें तो CJP के Instagram अकाउंट पर हर दिन करीब 7.3 लाख (733,000) नए यूजर्स जुड़े हैं।
26 मिलियन फॉलोअर्स पार कर बड़े राजनीतिक दलों को छोड़ा पीछे
CJP की सोशल मीडिया ग्रोथ ने इसे देश के सबसे बड़े राजनीतिक Instagram अकाउंट्स में शामिल कर दिया है। CJP ने Instagram पर 26 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
यह संख्या देश की कई प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के आधिकारिक Instagram अकाउंट्स से अधिक है। CJP के फॉलोअर्स की संख्या भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress), आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई बड़े राजनीतिक दलों के Instagram अकाउंट्स से ज्यादा हो गई है।
BJP और Congress से ज्यादा Instagram फॉलोअर्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP के Instagram फॉलोअर्स की संख्या BJP के करीब 9.5 मिलियन और Congress के लगभग 14.8 मिलियन फॉलोअर्स से अधिक हो गई है। इस तेज डिजिटल ग्रोथ ने यह बहस भी शुरू कर दी है कि CJP की लोकप्रियता युवाओं की नाराजगी और भागीदारी का संकेत है या फिर सोशल मीडिया एल्गोरिदम की ताकत का परिणाम।
X अकाउंट को लेकर भी विवाद
CJP की तेजी से बढ़ती डिजिटल मौजूदगी के बीच इसके X (पूर्व में Twitter) अकाउंट को लेकर भी विवाद सामने आया था। संगठन का X अकाउंट, जिस पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे, भारत में रोक दिया गया था।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसकी पुष्टि की थी और कहा था कि उन्हें इस कार्रवाई की उम्मीद थी। इसके बाद संगठन ने अपने फॉलोअर्स तक पहुंच बनाए रखने के लिए वैकल्पिक सोशल मीडिया हैंडल और बैकअप चैनल तैयार करने शुरू कर दिए थे।
Heart Disease: लॉन्ग सिटिंग जॉब से बढ़ रहा हार्ट डिजीज का खतरा, एक्सपर्ट से जानें बचाव के तरीके
Heart Disease: आज के डिजिटलाइजेशन के दौर में गौर करें तो हममें से कई लोगों की जिंदगी ऑफिस वर्क, लैपटॉप और कंप्यूटर डेस्क तक ही सीमित होकर रह गई है। आजकल के ऑफिस कल्चर में व्यक्ति सेडेंटरी लाइफस्टाइल यानी एक ही स्थान और पोजिशन में बने रहने, डेस्क जॉब करने या घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने के लिए मजबूर हो गया है। इसकी वजह से हार्ट अटैक ही नहीं, कई लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों की गिरफ्त में आता जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर युवाओं में पिछले एक दशक में जिन बीमारियों के मामले सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए हैं, हृदय रोग जैसी जानलेवा समस्याओं के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। यह खतरा उन लोगों में और भी अधिक देखा जा रहा है, जिनकी डेस्क जॉब है, यानी कि जिनके दिन का 8-9 घंटे का समय ऑफिस में बैठे-बैठे निकल जाता है।
स्मोकिंग जैसा खतरनाक
विशेषज्ञों का मानना है कि सिटिंग किल्स, मूविंग हील्स। सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग यानी ऑफिस में डेस्क जॉब करना या कुर्सी-टेबल पर देर तक एक जगह बैठे रहना सिगरेट पीने से भी ज्यादा खतरनाक है। मानव की शारीरिक संरचना पर गौर करें तो शरीर में समुचित मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई और ब्लड सर्कुलेशन होने के लिए मूव करना बहुत जरूरी है।
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हर साल इससे लाखों लोगों की होती है मौत
ज्यादा देर तक बैठने से शरीर की नसें संकुचित होने लगती हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन में भी रुकावट होने से हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। इसकी वजह से व्यक्ति कई बीमारियों की चपेट में आ जाता है और हर साल लाखों लोगों की मौत भी हो जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि एक ही स्थान पर 6-7 घंटे बैठकर काम करने से हार्ट अटैक का खतरा तकरीबन 20 प्रतिशत बढ़ता है। वहीं इससे ज्यादा देर तक बैठकर काम करने पर हार्ट फेलियर का रिस्क 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
इस तरह बढ़ता है रिस्क
देखा जाए तो जो लोग बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक एक ही जगह बैठे-बैठे काम करते हैं, वो अनजाने ही कई तरह की बीमारियों को न्यौता देते हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी और ब्लड सर्कुलेशन की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। यह हार्ट अटैक होने का मुख्य कारण है। लंबे समय तक बैठे रहने से कैलोरीज कम बर्न होती हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है। अधिक वजन बढ़ने से दिल पर अधिक प्रेशर पड़ता है। हार्ट आर्टरीज सिकुड़ जाती हैं, उनमें कैल्शियम का जमाव बढ़ जाता है, जिससे नसों में ब्लड का प्रवाह रुक जाता है और कार्डियोवेस्कुलर डिजीज या हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इसके साथ ही शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और डायबिटीज का खतरा भी रहता है। बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से शरीर के मेटाबॉलिक सिस्टम पर भी असर होता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम गड़बड़ाने से व्यक्ति को डायबिटीज होने का खतरा रहता है, जो आगे जाकर हार्ट डिजीज का कारण भी बनती है।
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कैसे करें बचाव
लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली समस्याओं से निजात पाने के लिए एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। बहुत लंबे समय तक ऑफिस में बैठना आपकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन इस दौरान छोटे-छोटे बदलाव लाकर आसानी से फिट रहा जा सकता है।
- काम करते हुए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। अपने मोबाइल या घड़ी में हर 30 मिनट के बाद उठने का रिमाइंडर सेट कर लें ताकि आपको उठना याद रहे।
- हल्की-फुल्की एकसरसाइज करें या इधर-उधर टहलें। खड़े होकर चेयर स्क्वैट्स, हील्स अपलिफ्टिंग, नेक स्ट्रेचिंग, शोल्डर स्ट्रेचिंग, टोर्सो फिंगर स्ट्रेचिंग जैसी एक्सरसाइज करें।
- अगर उठना संभव ना हो, तो डेस्क योगा या कुर्सी पर बैठे-बैठे नेक स्ट्रेचिंग, शोल्डर स्ट्रेचिंग, टोर्सो फिंगर स्ट्रेचिंग जैसी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक बना रहता है और समस्याएं होने का रिस्क कम रहता है।
- संभव हो तो ऑफिस में स्टैंड-अप डेस्क का इस्तेमाल करें। या फिर बैठने के लिए एर्गोनॉमिक कुर्सी चुनें। इसकी सही ऊंचाई होगी, आपकी पीठ सीधी रहेगी और आप एक्टिव रहेंगे।
- फोन पर किसी से बात करते वक्त खड़े होकर या इधर-उधर टहलते हुए बात कर सकते हैं।
- किसी को-वर्कर को फोन या मैसेज देने के बजाय उनके डेस्क तक जाकर उनसे बात करके आ सकते हैं।
- लंच टाइम या टी-कॉफी ब्रेक में किसी एक जगह बैठे रहने के बदले चलते-चलते ब्रेक एंज्वॉय करें।
- लंच टाइम में सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय किसी आउटडोर एक्टिविटी या हॉबी में समय बिताएं।
- वर्कप्लेस पर वर्कलोड को लेकर या किसी भी तरह की परेशानी हो तो को-वर्कर या दोस्तों से जरूर शेयर करें। स्ट्रेस मैनेज करने के लिए कुछ देर के लिए सही, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग करें। बर्नआउट से बचने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
- यदि आप ऑफिस के नज़दीक रहते हैं तो काम पर पैदल या साइकिल से जाएं। यदि आप बस या ट्रेन लेते हैं तो बस स्टॉप या रेलवे स्टेशन तक पैदल जाने का प्रयास करें। ट्रेन या बस में खड़े होकर सफर करें।
- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियां इस्तेमाल करें।
- डेली रूटीन में एक्सरसाइज जरूर करें। ज्यादा ना सही, अपनी सहूलियत के हिसाब से दिन मे कम से कम 20 मिनट वॉक, योगा, कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज जरूर करें।
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें। अपना दोपहर का भोजन घर से लाने की कोशिश करें ताकि आपको बाहर से अनहेल्दी भोजन ना खाना पड़े। जितना हो सके हाइड्रेटेड रहें। काम के दौरान हाइड्रेशन जरूरी है। मीठे पेय और पेय पदार्थों से बचें।
- एल्कोहल और स्मोकिंग से दूर रहें।
[यह जानकारी डॉ. एस. सी. मनचंदा सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली से बातचीत पर आधारित है।]
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