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Trump Tariff Row: अमेरिका में ट्रंप के नए टैरिफ पर मचा बवाल, 25 राज्यों ने सरकार पर ठोका मुकदमा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि विदेशी वस्तुओं पर भारी सीमा शुल्क लगाने से अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसी सोच के तहत उन्होंने पूर्व में 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' (IEEPA) का इस्तेमाल कर लगभग हर देश से होने वाले आयात पर टैक्स लगाया था।

हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को खारिज करते हुए सरकार को आयातकों से वसूला गया टैक्स लौटाने का आदेश दिया था। इसके बाद लगाए गए 10% के अस्थायी टैरिफ की समय-सीमा खत्म होते ही ट्रंप प्रशासन ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 का इस्तेमाल कर फिर से नया टैरिफ लागू कर दिया है।

​सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद फिर नया टैरिफ, 25 राज्यों ने कोर्ट का रुख किया 
​सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने और टैरिफ की समय-सीमा खत्म होने के बाद ट्रंप सरकार ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 का सहारा लिया है। इसके तहत यूरोपीय संघ, भारत समेत लगभग 60 देशों के आयात पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू कर दिया गया है। इस फैसले के खिलाफ अमेरिका के 25 राज्यों ने एकजुट होकर इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट में याचिका दायर की है।

मुकदमों की अगुवाई कर रहीं न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में केस हारने के बाद प्रशासन एक बार फिर नए टैरिफ के जरिए आम परिवारों और कारोबारियों पर अवैध रूप से टैक्स का बोझ डालने की कोशिश कर रहा है।"

​99 प्रतिशत अमेरिकी आयात होगा प्रभावित, धारा 301 का लिया सहारा 
नए टैरिफ का असर उन देशों पर पड़ रहा है जिनसे अमेरिका का 99% आयात होता है। धारा 301 राष्ट्रपति को उन देशों पर सीमा शुल्क लगाने का अधिकार देती है जो अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल हैं। 25 राज्यों का आरोप है कि ट्रंप सरकार सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश को दरकिनार कर जबरन नया टैक्स थोप रही है। राज्यों के अनुसार, राष्ट्रपति के पास अपनी इच्छा से किसी भी देश पर व्यापक टैरिफ लादने का संवैधानिक अधिकार नहीं है।

​व्हाइट हाउस का बचाव: 'बंधुआ मजदूरी रोकने के लिए कानूनन सही कदम' 
​राज्यों के इस कड़े विरोध के बीच व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। व्हाइट हाउस का तर्क है कि कई देश बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने में नाकाम रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि बंधुआ मजदूरी से बने सामान को न रोकना अमेरिकी व्यापार और देश के मजदूरों के हित के खिलाफ है। सरकार का दावा है कि ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत लगाया गया यह नया टैरिफ पूरी तरह से कानूनी रूप से मजबूत और जायज कदम है।

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CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: बारहवीं सप्लीमेंट्री परीक्षा के नतीजे जारी, results.digilocker.gov.in से ऐसे करें चेक

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। जो छात्र इस पूरक परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब डिजीलॉकर रिजल्ट पोर्टल यानी results.digilocker.gov.in के माध्यम से अपने परिणाम ऑनलाइन देख सकते हैं।

यह परिणाम उन विद्यार्थियों के लिए जारी किए गए हैं जिन्होंने कंपार्टमेंट, छह विषयों (सिक्स-सब्जेक्ट) और इम्प्रूवमेंट श्रेणियों के तहत परीक्षा दी थी। उम्मीदवार इस पोर्टल से अपने डिजिटल परिणाम और शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।

परीक्षा के आंकड़े और पास प्रतिशत
बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा के लिए कुल 2,91,576 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 2,75,287 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। श्रेणी-वार विवरण इस प्रकार है:

  • कुल पंजीकृत उम्मीदवार: 2,91,576
  • कुल शामिल हुए उम्मीदवार: 2,75,287
  • इम्प्रूवमेंट श्रेणी के तहत परीक्षा देने वाले: 1,11,056
  • कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत परीक्षा देने वाले: 1,64,231
  • कंपार्टमेंट श्रेणी का कुल पास प्रतिशत: 53.08%
  • वर्ष 2025 में कंपार्टमेंट श्रेणी का पास प्रतिशत: 38.36%

उल्लेखनीय है कि इस बार कंपार्टमेंट श्रेणी का पास प्रतिशत पिछले साल के 38.36 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 53.08 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

रिजल्ट देखने की आसान प्रक्रिया
छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना परिणाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक डिजीलॉकर रिजल्ट पोर्टल पर जाएं।
  • होमपेज पर "CBSE Class 12 Supplementary Examination Result 2026" से जुड़े लिंक की तलाश करें।
  • रिजल्ट पेज पर मांगे गए आवश्यक परीक्षा विवरण दर्ज करें।
  • विवरण जमा करने के बाद अपना परिणाम स्क्रीन पर देखें।
  • स्क्रीन पर प्रदर्शित अंकों और उत्तीर्ण होने की स्थिति की जांच करें।
  • भविष्य के संदर्भ के लिए परिणाम की एक कॉपी डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।

परिणाम के बाद स्कूलों और छात्रों के लिए निर्देश
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कूल-वार परिणाम उनके पंजीकृत ईमेल पते के माध्यम से स्कूलों को भेज दिए जाएंगे। स्कूल बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके रिपॉजिटरी से छात्रों के डिजिटल शैक्षणिक दस्तावेजों तक भी पहुंच सकते हैं। विदेशों में स्थित सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्र भी डिजीलॉकर के माध्यम से अपने परिणाम और डिजिटल दस्तावेज हासिल कर सकेंगे।

नियमित छात्रों के लिए, प्रिंटेड मार्कशीट-सह-पासिंग सर्टिफिकेट उनके संबंधित स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसमें विदेशों में पढ़ने वाले छात्र भी शामिल हैं। वहीं, प्राइवेट छात्रों को डिजीलॉकर के जरिए डिजिटल दस्तावेज मिलेंगे, जबकि प्रिंटेड दस्तावेज उनके पंजीकृत पतों पर भेजे जाएंगे।

दिल्ली ईस्ट और दिल्ली West क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले प्राइवेट छात्र उन परीक्षा केंद्रों से अपने प्रिंटेड दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं, जहां उन्होंने परीक्षा दी थी।

इसके अलावा, परिणाम के बाद की सेवाओं से जुड़ी जानकारियां एक अलग आधिकारिक सर्कुलर के जरिए अधिसूचित की जाएंगी।

किसी भी प्रकार की शंका होने पर छात्र अपने संबंधित सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय या बोर्ड के निर्धारित हेल्पलाइनों से संपर्क कर सकते हैं।

किन छात्रों ने दी थी सप्लीमेंट्री परीक्षा?
यह परीक्षा मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी:

  • कंपार्टमेंट उम्मीदवार: वे छात्र जो पांच अनिवार्य विषयों में से किसी एक में आवश्यक योग्यता अंक प्राप्त नहीं कर सके थे।
  • छह विषयों वाले उम्मीदवार: वे विद्यार्थी जिन्हें मुख्य विषय को एक अतिरिक्त विषय से बदलने के बाद पास घोषित किया गया था, लेकिन वे उस मुख्य विषय में दोबारा परीक्षा देना चाहते थे जिसमें वे उत्तीर्ण नहीं हो पाए थे।
  • इम्प्रूवमेंट उम्मीदवार: वे छात्र जो पहले ही कक्षा 12वीं पास कर चुके थे, लेकिन अपने अंकों में सुधार करने के लिए एक विषय में परीक्षा में शामिल हुए थे।

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  Sports

BWF World Championships: ट्रीसा-गायत्री ने चीन की जोड़ी को हराकर रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में मेडल

BWF World Championships: भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया।

बिना सीड वाली भारतीय जोड़ी ने करीब 1 घंटे 9 मिनट तक चले मुकाबले में शानदार वापसी की। ट्रीसा और गायत्री की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबले से पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 0-3 था।

Treesa Jolly-Gayatri Gopichand: Highlights

  • इवेंट: BWF World Championships 2026
  • इवेंट कैटेगरी: Women's Doubles
  • राउंड: Quarterfinal
  • भारतीय जोड़ी: ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद
  • विपक्षी: जिया यी फैन-झांग शू जियान
  • स्कोर: 16-21, 21-15, 21-13
  • नतीजा: भारत की जीत
  • उपलब्धि: सेमीफाइनल में प्रवेश, कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का
  • खास रिकॉर्ड: महिला डबल्स में भारत का 15 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल

15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत के साथ भारत ने महिला डबल्स में 15 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पक्का किया है। भारत ने आखिरी बार 2011 में लंदन में महिला डबल्स में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

यह ट्रीसा और गायत्री के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दोनों ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था।

पहले गेम में चीन की जोड़ी का दबदबा
क्वार्टरफाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। ट्रीसा और गायत्री एक समय 1-6 से पीछे थीं। हालांकि, दोनों ने लगातार छह अंक जीतकर 8-9 तक वापसी की।

भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन जिया यी फैन और झांग शू जियान ने दबाव बनाए रखा। चीनी जोड़ी ने 17-14 की बढ़त बनाई और अंत में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में ट्रीसा-गायत्री की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी चीन की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और 5-1 की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 10-7 होने के बाद भारतीय जोड़ी ने मैच का रुख बदल दिया। ट्रीसा और गायत्री ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और 13-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्कोर 15-14 तक पहुंच गया।

हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और 19-14 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में भारत का दबदबा
तीसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जोड़ी ने 11-5 की बढ़त के साथ इंटरवल में प्रवेश किया। इसके बाद भी दोनों ने अपना दबाव बनाए रखा और लगातार तीन अंक हासिल कर बढ़त को 14-7 कर दिया। चीन की जोड़ी वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता के सामने उनकी गलतियां बढ़ती गईं।

ट्रीसा और गायत्री हर अंक के बाद जोश में नजर आईं। दूसरी ओर, चीनी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में दबाव साफ दिखाई देने लगा। नेट पर कई गलतियों का फायदा भारतीय जोड़ी ने उठाया और स्कोर 17-9 तक पहुंचा दिया।

नौ मैच पॉइंट मिले, दो बचाए
जिया यी फैन और झांग शू जियान ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपना संयम नहीं खोया। 18-9 के स्कोर पर चीन की जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को नौ मैच पॉइंट मिले।

चीन की जोड़ी ने इनमें से दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अगली ही रैली में एक और शॉट बाहर चला गया। इसके साथ ही ट्रीसा और गायत्री ने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जीत के बाद ट्रीसा कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री के चेहरे पर खुशी और अविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय जोड़ी ने एक कठिन मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की मजबूत महिला डबल्स जोड़ियों में शामिल रही हैं। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में जगह बनाई थी।

हालांकि, इस साल की शुरुआत में ट्रीसा को एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।

रिहैब के बाद ट्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की। इसके बाद दोनों ने यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब भी जीता।

अब सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलने की कोशिश
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का करने के बाद अब ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की नजरें फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदलने पर होंगी। भारत के लिए यह महिला डबल्स में एक बड़ी उपलब्धि है और दोनों खिलाड़ियों की चोट के बाद वापसी को भी इस जीत ने खास बना दिया है।

Fri, 21 Aug 2026 17:07:24 +0530

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