EPF Nominee: ईपीएफ नॉमिनी अपडेट नहीं किया तो परिवार को हो सकती परेशानी, ऐसे करें चेक
कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF नौकरीपेशा लोगों की बड़ी बचत होती। कर्मचारी हर महीने अपने ईपीएफ बैलेंस पर नजर रखते हैं, लेकिन खाते में दर्ज नॉमिनी की जानकारी को अक्सर नजरअंदाज कर देते। अगर समय के साथ परिवार में बदलाव हो गया और ईपीएफ रिकॉर्ड में पुराना नॉमिनी दर्ज है, तो कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को पैसा क्लेम करने में अतिरिक्त कागजी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
नॉमिनी की जानकारी अपडेट रखना क्यों जरूरी?
कई कर्मचारी नौकरी शुरू करते समय माता-पिता या किसी अन्य परिवार के सदस्य को नॉमिनी बना देते हैं। बाद में शादी, बच्चे होने, तलाक या नॉमिनी की मृत्यु जैसी परिस्थितियां बदल जाती हैं, लेकिन EPF खाते में पुरानी जानकारी बनी रहती है।
ऐसे में परिवार को ईपीएफ राशि हासिल करने की प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। सही नॉमिनेशन होने से EPFO को दावे का निपटारा करने में आसानी होती है।
UAN पोर्टल से ऑनलाइन बदल सकते हैं नॉमिनी
ईपीएफओ सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (Universal Account Number) से जुड़े यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए नॉमिनी की जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए आधार लिंक होना और KYC डिटेल पूरी होना जरूरी है।
कर्मचारियों को समय-समय पर ये जानकारी जरूर जांचनी चाहिए-
नॉमिनी का नाम और विवरण
मोबाइल नंबर
आधार और PAN की जानकारी
बैंक अकाउंट डिटेल
EPF खाते से जुड़ी KYC जानकारी
शादी के बाद जरूर करें nomination चेक
शादी के बाद EPF नॉमिनी की जानकारी की समीक्षा करना बेहद जरूरी है। नौकरी शुरू करते समय माता-पिता को नॉमिनी बनाने वाला कर्मचारी बाद में पत्नी या बच्चों को शामिल करना चाह सकता है। इसी तरह तलाक, दोबारा शादी या नॉमिनी की मृत्यु होने पर भी रिकॉर्ड अपडेट करना चाहिए।
विल और ईपीएफ नॉमिनेशन एक जैसे नहीं
कई लोगों को लगता है कि विल बनाने के बाद ईपीएफ में नॉमिनी अपडेट करने की जरूरत नहीं है। दोनों की भूमिका अलग है। विल (वसीयत) संपत्ति के बंटवारे से संबंधित है, जबकि नॉमिनेशन ईपीएफओ के नियमों के तहत दावे की प्रक्रिया में मदद करता है। इसलिए दोनों को अपडेट रखना बेहतर है।
नौकरी बदलने से नॉमिनेशन अपने आप अपडेट नहीं होता
एक से दूसरी कंपनी में नौकरी बदलने पर UAN जारी रह सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नॉमिनी की जानकारी भी अपने आप बदल जाएगी। इसलिए नौकरी बदलने के बाद भी ईपीएफ खाते में दर्ज व्यक्तिगत और नॉमिनेशन डिटेल्स जरूर जांचें।
इन मौकों पर जरूर करें समीक्षा
ईपीएफ नॉमिनेशन को हर साल बदलने की जरूरत नहीं है, लेकिन शादी, बच्चे के जन्म, तलाक या मौजूदा नॉमिनी की मृत्यु जैसी बड़ी घटनाओं के बाद इसे जरूर अपडेट करना चाहिए। कुछ मिनट का यह काम भविष्य में परिवार को लंबी कागजी कार्रवाई और परेशानी से बचा सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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