Kal Ka Mausam: Delhi-NCR समेत 21 राज्यों में होगी भारी बारिश! यहां लैंडस्लाइड का खतरा
Kal Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में लगातार मानसून का असर बना हुआ है. मौसम विभाग ने 20 अगस्त को लेकर कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी जारी की है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान समेत 21 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान है. कुछ इलाकों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, तेज बारिश के साथ कई जगहों पर बिजली गिरने और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका है ऐसे में लोगों को मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
इन 21 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट
20 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, मेघालय, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. किसानों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
मौसम में बदलाव की एक वजह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र भी है. इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. राजस्थान के आसपास भी निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है.
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दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी दिल्ली में 20 अगस्त को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
UP में तेज बारिश और हवाओं का असर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है. मुजफ्फरनगर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, आगरा, अलीगढ़, झांसी, बांदा, फतेहपुर, कानपुर, इटावा, प्रयागराज, चित्रकूट, देवरिया और गोरखपुर समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है. कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
बिहार और झारखंड में भी अलर्ट
बिहार के पटना, गया, बक्सर, सिवान, गोपालगंज, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. यहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। पटना में तापमान 34 और 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. झारखंड में 20 और 21 अगस्त को कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है. रांची, जमशेदपुर, बोकारो, देवघर, दुमका, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, पलामू और खूंटी समेत कई जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं चल सकती हैं.
उत्तराखंड और हिमाचल में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड में नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, पौड़ी, चंपावत, रुद्रप्रयाग और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश की चेतावनी है. करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, सोलन, ऊना, बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, हमीरपुर और कांगड़ा में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बना रहेगा.
जम्मू-कश्मीर में भी बिगड़ेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर के बारामूला, अनंतनाग, रियासी, गांदरबल, कुपवाड़ा, किश्तवाड़, शोपियां, पुंछ, रामबन और बांदीपोरा समेत कई इलाकों में बारिश और आंधी का अनुमान है. यहां 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
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अरुणाचल में 60 किमी घुसे चीनी सैनिक? सरकार ने बताया सच
अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से 60 किलोमीटर तक अंदर घुसने के दावे को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि सीमा क्षेत्र में समस्या जरूर है, लेकिन इसे किसी भारतीय गांव पर कब्जे या बड़े पैमाने पर घुसपैठ के तौर पर पेश करना सही नहीं है. उनके मुताबिक वास्तविक चुनौती कुछ इलाकों में सीमांकन स्पष्ट नहीं होने से जुड़ी है.
60 किमी अंदर घुसने का दावा गलत
केंद्रीय मंत्री ने उन रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में करीब 60 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गई है.
रिजिजू ने कहा कि सीमा से जुड़े संवेदनशील मामलों में अपुष्ट वीडियो और तस्वीरों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. उन्होंने फर्जी खबरों को लेकर भी लोगों को सावधान किया और कहा कि गलत जानकारी से सुरक्षा बलों का मनोबल प्रभावित हो सकता है तथा देश में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.
India-China Border issue is a serious subject. Do not make false claim on such sensitive matter. We don't want to repeat the past mistakes. Govt will address the concern of the local people and protect Indian Territory. pic.twitter.com/AZXTMUlujm
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 19, 2026
सीमांकन स्पष्ट नहीं होने से विवाद
रिजिजू के अनुसार भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों में अभी तक स्पष्ट सीमांकन नहीं हुआ है. ऐसे क्षेत्रों में दोनों पक्ष अपनी-अपनी जमीन को लेकर दावे करते रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि चीन ने किसी भारतीय गांव पर कब्जा कर लिया है.
उनके मुताबिक कुछ जमीनों पर चीन की ओर से दावा किया जाता है क्योंकि संबंधित क्षेत्रों में सीमा का स्पष्ट निर्धारण नहीं हुआ है. यही स्थिति कई बार स्थानीय स्तर पर चिंता और भ्रम का कारण बनती है.
सीमावर्ती गांवों के लोगों की चिंता जायज
केंद्रीय मंत्री ने यह भी माना कि सीमा के नजदीक रहने वाले ग्रामीणों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अरुणाचल प्रदेश के कुछ गांवों के लोगों ने सीमा से जुड़ी स्थिति को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की हैं.
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से समझना और सीमा क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना महत्वपूर्ण है.
फर्जी वीडियो और तस्वीरों को लेकर चेतावनी
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर गलत तस्वीरों और वीडियो के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों या असंबंधित स्थानों की तस्वीरों को अरुणाचल प्रदेश की बताकर साझा करना लोगों को गुमराह करता है.
उनके अनुसार ऐसी गलत सूचनाओं से सीमा पर तैनात सेना और सुरक्षा बलों के जवानों का मनोबल प्रभावित हो सकता है. इसलिए संवेदनशील सीमा मामलों में किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की जांच जरूरी है.
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
सरकार की ओर से बताया गया कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP की ओर से संबंधित इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाई गई है.
सरकार का जोर सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और स्थानीय आबादी के विकास पर भी है. सीमावर्ती गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
अरुणाचल पर भारत का स्पष्ट रुख
भारत लगातार स्पष्ट करता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के नाम बदलने या नए नाम देने की कोशिशों को भारत पहले भी खारिज करता रहा है.
भारत का कहना है कि किसी स्थान का नाम बदलने से जमीन पर उसकी वास्तविक स्थिति नहीं बदलती. अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत की स्थिति स्पष्ट और स्थिर रही है.
सीमा पर शांति को बताया जरूरी
भारत-चीन संबंधों में सीमा पर शांति और स्थिरता को महत्वपूर्ण माना जाता है. भारतीय पक्ष लगातार यह रुख रखता रहा है कि सीमा पर तनाव का असर दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है.
ऐसे में सरकार का कहना है कि सीमा विवाद से जुड़े तथ्यों को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना जरूरी है. फिलहाल 60 किलोमीटर अंदर तक चीनी घुसपैठ के दावे को सरकार ने गलत बताया है और विवाद की प्रमुख वजह स्पष्ट सीमांकन का अभाव बताया है.
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