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EXPLAINER: WTC के फाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को जीतने होंगे अब कितने मैच? समझिए नया समीकरण

Explainer On Team India WTC Final Scenario: भारतीय क्रिकेट टीम ने गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका को 165 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की. इसी के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है. टीम इंडिया की इस जीत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की ओर एक कदम बढ़ाया और अपनी स्थिति को बेहतर बना लिया है. वहीं, श्रीलंकाई टीम अब फाइनल की रेस से बाहर हो गई है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि टीम इंडिया को WTC फाइनल में पहुंचने के लिए और कितने मैच जीतने होंगे?

गॉल टेस्ट जीतने के बाद कहां पहुंची टीम इंडिया?

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंतर्गत आने वाले गॉल टेस्ट मैच में श्रीलंका को हराकर न केवल टीम इंडिया ने एक शानदार जीत दर्ज की है. बल्कि 12 अंक हासिल करके WTC प्वॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति को बेहतर किया है और टूर्नामेंट के फाइनल की ओर एक कदम बढ़ाया है. 

WTC प्वॉइंट्स टेबल की बात करें, तो टीम इंडिया को काफी फायदा हुआ है. उनके प्वॉइंट्स और PCT में बढ़ोत्तरी हुई है. भारत ने इस संस्करण में अब तक 10 मैच खेले हैं, जिसमें 5 मैच जीते हैं, जबकि 4 मैचों में हार का सामना किया है और एक मैच ड्रॉ रहा है. इस तरह टीम इंडिया के पास अब 64 अंक हो गए हैं और उनका विनिंग प्रतिशत 53.33 हो गया है. हालांकि,  के स्थान में तो फर्क नहीं आया है, क्योंकि वह पहले भी पांचवें नंबर पर थी और अभी भी पांचवें नंबर पर है.

WTC फाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को क्या करना होगा?

भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त श्रीलंका में है, जहां 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जा चुका है और 23 अगस्त से दूसरा मैच शुरू होगा. यानि टीम इंडिया को अब WTC 2025-27 संस्करण में 8 मुकाबले और खेलने हैं. ऐसे में भारत अगर बाकी सभी 8 टेस्ट जीत लेता है, तो उसका PCT 74.07% हो जाएगा और बिना किसी दूसरे नतीजे पर निर्भर हुए फाइनल में जगह पक्की कर सकता है. लेकिन, अगर भारत 8 में से 7 टेस्ट जीतता और 1 हारता है, तो PCT करीब 68.52% रहेगा.

इस स्थिति में फाइनल का टिकट काफी मजबूत होगा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश जैसे दावेदारों के नतीजे भी महत्वपूर्ण होंगे. यानी भारत के लिए अब हर टेस्ट बेहद अहम है. खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज फाइनल की रेस में सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है.

टीम इंडिया को किन टीमों के साथ खेलने हैं बचे हुए मैच?

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के संस्करण में टीम इंडिया को अभी 8 मैच खेलने हैं. इसमें एक मैच श्रीलंका के साथ, इसके बाद टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 टेस्ट मैच और ऑस्ट्रेलिया के साथ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. ये दोनों ही सीरीज घरेलू सरजमीं पर खेली जाएंगी.

टॉप-4 टीमों पर डालें नजर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के टॉप पर ऑस्ट्रेलिया की टीम है, जिसने अब तक 9 मैच खेले हैं, जिसमें 7 मैच जीते हैं और सिर्प 2 मैच हारे हैं. कंगारुओं के पास 84 प्वॉइंट्स हैं और 77.78 PCT है. दूसरे स्थान पर साउथ अफ्रीका की टीम है, जिसने अब तक सिर्प 4 मैच खेले हैं, जिसमें 3 मैच जीते हैं, एक मैच हारा है. इस तरह साउथ अफ्रीका के पास 36 अंक हैं और 75 PCT है. तीसरे स्थान पर न्यूजीलैंड है, जिसने 6 मैच जीते हैं, 4 मैच जीते, 1 मैच हारा, एक मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ. इस तरह न्यूजीलैंड के पास 52 अंक हैं और उनका PCT 72.22 है. नंबर-4 पर बांग्लादेश की टीम है, जिसने 5 मैच खेले, 3 जीते, 1 हारा और एक मैच ड्रॉ हुआ. बांग्लादेश के पास 40 अंक हैं और 66.67 PCT हैं.

WTC में 2 फाइनल खेल चुका है भारत

टीम इंडिया ने अब तक दो बार WTC फाइनल खेला है और दोनों मौकों पर ही टीम फाइनल में हारकर रनरअप बनकर ही रह गई. पहली बार भारत ने 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ साउथैम्पटन में फाइनल खेला. बारिश से प्रभावित मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से हराकर पहली WTC ट्रॉफी जीती. इसके बाद भारत ने लगातार दूसरी बार 2023 में WTC फाइनल में जगह बनाई। लंदन के द ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में भारत को 209 रन से हार मिली। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 469 रन बनाए, जबकि भारत 296 और 234 रन पर ऑलआउट हो गया.

ICC ने कब और क्यों की थी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत?

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य टेस्ट क्रिकेट के लिए भी वनडे और टी20 वर्ल्ड कप जैसी एक बड़ी वैश्विक प्रतियोगिता तैयार करना था. 2 साल के चक्र में शीर्ष टेस्ट टीमें अलग-अलग देशों के खिलाफ सीरीज खेलती हैं और उनके प्रदर्शन के आधार पर WTC टेबल में अंक मिलते हैं. अंत में सबसे ज्यादा PCT हासिल करने वाली शीर्ष दो टीमें फाइनल खेलती हैं. इस तरह WTC ने टेस्ट क्रिकेट में एक लक्ष्य और विश्व चैंपियन बनने की होड़ पैदा की. ICC के अनुसार, इसका सबसे बड़ा मकसद द्विपक्षीय टेस्ट क्रिकेट में “context” जोड़ना और पांच दिवसीय क्रिकेट को दिलचस्प बनाना है.

यहां डालिए अंक तालिका पर नजर

रैंक टीम मैच जीत हार ड्रॉ अंक PCT
1 ऑस्ट्रेलिया 9 7 2 0 84 77.78%
2 दक्षिण अफ्रीका 4 3 1 0 36 75.00%
3 न्यूजीलैंड 6 4 1 1 40 72.22%
4 बांग्लादेश 5 3 1 1 40 66.67%
5 भारत 10 5 4 1 64 53.33%
6 श्रीलंका 5 1 2 2 20 53.33%
7  इंग्लैंड 13 4 8 1 38 24.36%
8 पाकिस्तान 6 2 4 0 4 22.22%
9 वेस्टइंडीज 12 2 8 2 4 20.83%

ये भी पढ़ें: IND VS SL: कितनी तारीख से शुरू होगा भारत-श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच? नोट कर लें डेट और टाइम

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यादों में बीकेएस अयंगर : दुनिया ने जिन्हें माना योग गुरु, कभी बीमारी और कुपोषण का किया था सामना

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। 20 अगस्त… सिर्फ कैलेंडर में दर्ज एक तारीख नहीं बल्कि एक महान योग गुरु की पुण्यतिथि है, जिसने अपनी साधना से न सिर्फ खुद की जिंदगी बदली बल्कि पूरी दुनिया को योग के करीब ला दिया। जिस शख्स ने लाखों लोगों को शरीर और मन को मजबूत बनाने का रास्ता दिखाया, खुद उसका बचपन बीमारियों और कमजोरी से भरा हुआ था।

हम बात कर रहे हैं महान योग गुरु बेल्लूर कृष्णमाचार सुंदरराज अयंगर यानी बीकेएस अयंगर की, जिन्होंने 20 अगस्त 2014 को 95 साल की उम्र में पुणे में अंतिम सांस ली थी।

14 दिसंबर 1918 को कर्नाटक के बेल्लूर में एक साधारण परिवार में जन्मे अयंगर 13 भाई-बहनों में 11वें थे। परिवार आर्थिक रूप से बहुत संपन्न नहीं था। बचपन में ही उन्हें कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ा। मलेरिया, टाइफाइड, टीबी और कुपोषण जैसी परेशानियों ने उनके शरीर को बेहद कमजोर बना दिया था। खुद अयंगर ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया था कि उनकी बाहें बेहद पतली, पैर कमजोर और पेट असामान्य रूप से निकला हुआ था।

अयंगर की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब उनके बहनोई और योगगुरु तिरुमलाई कृष्णमाचार्य ने उन्हें योग सीखने के लिए मैसूर बुलाया। शुरुआत आसान नहीं थी। कृष्णमाचार्य बेहद कठिन आसनों का अभ्यास करवाते थे और अयंगर को कई बार काफी मुश्किल परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था।

हालांकि यही कठिन दौर आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। उन्होंने योग को सिर्फ शरीर को मोड़ने या अलग-अलग आसन करने की कला नहीं माना बल्कि इसे अनुशासन, एकाग्रता और शरीर की समझ से जोड़ दिया। 1937 में महज 18 साल की उम्र में उन्हें पुणे भेजा गया, जहां उन्होंने योग सिखाना शुरू किया।

धीरे-धीरे उनका अपना तरीका विकसित हुआ और आगे चलकर यही अयंगर योग के नाम से दुनिया भर में पहचाना गया। इसमें शरीर के सही एलाइनमेंट और सही स्थिति पर खास जोर दिया जाता है। जरूरत के हिसाब से बेल्ट, ब्लॉक, कुर्सी और दूसरे प्रॉप्स का इस्तेमाल भी किया जाता है ताकि अलग-अलग उम्र और शारीरिक क्षमता वाले लोग योग का अभ्यास कर सकें।

अयंगर की अंतरराष्ट्रीय पहचान की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। 1952 में उनकी मुलाकात मशहूर वायलिन वादक यहूदी मेनुहिन से हुई। कहा जाता है कि मेनुहिन बेहद थके हुए थे और उन्होंने अयंगर से कहा कि उनके पास सिर्फ पांच मिनट हैं। अयंगर ने उन्हें शवासन में लेटने को कहा। मेनुहिन सो गए और करीब एक घंटे बाद जब उठे तो खुद को काफी तरोताजा महसूस कर रहे थे।

इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच गहरा संबंध बना। मेनुहिन ने अयंगर को स्विट्जरलैंड बुलाया और यहीं से उनके विदेश दौरों का सिलसिला शुरू हुआ। देखते ही देखते अयंगर का योग भारत से निकलकर यूरोप और अमेरिका तक पहुंचने लगा।

उनसे कई मशहूर लोगों ने योग सीखा। बेल्जियम की महारानी एलिजाबेथ ने भी उनसे योग का प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा दार्शनिक जिद्दू कृष्णमूर्ति, लेखक एल्डस हक्सले, अभिनेत्री एनेट बेनिंग, फिल्ममेकर मीरा नायर, डिजाइनर डोना करन और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर जैसी हस्तियां भी उनके प्रशंसकों और शिष्यों में शामिल रहीं।

1966 में अयंगर की किताब लाइट ऑन योगा प्रकाशित हुई। यह किताब इतनी लोकप्रिय हुई कि योग सीखने वालों के लिए एक तरह की संदर्भ पुस्तक बन गई। इसमें उन्होंने योग के आसनों को बेहद व्यवस्थित तरीके से समझाया। बाद में उनकी कई और किताबें प्रकाशित हुईं, जिनमें प्राणायाम और योग दर्शन से जुड़ी पुस्तकें भी शामिल थीं।

1975 में उन्होंने पुणे में अपनी दिवंगत पत्नी रामामणि की याद में रामामणि अयंगर मेमोरियल योग इंस्टीट्यूट की स्थापना की। पत्नी का निधन 1973 में हुआ था। दोनों ने मिलकर पांच बेटियों और एक बेटे का पालन-पोषण किया। उनकी बेटी गीता और बेटे प्रशांत ने भी योग की परंपरा को आगे बढ़ाया।

अयंगर को भारत सरकार ने 1991 में पद्मश्री, 2002 में पद्मभूषण और 2014 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया। 2004 में टाइम मैगजीन ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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