Responsive Scrollable Menu

भूस्खलन प्रबंधन मॉडल से उत्तराखंड की कमाई शुरू, बाहरी राज्य की परियोजना से मिला 4.21 लाख राजस्व

Uttarakhand landslide Management: उत्तराखंड की भूस्खलन प्रबंधन विशेषज्ञता अब राज्य के बाहर भी अपनी उपयोगिता साबित कर रही है। भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित तकनीकी क्षमता के चलते उत्तराखंड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केंद्र (ULMMC) को पहली बार किसी बाहरी राज्य की परियोजना से राजस्व प्राप्त हुआ है.

केंद्र ने खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने और तकनीकी परामर्श देने का काम किया। इसके एवज में ULMMC को 4 लाख 21 हजार रुपये की पहली राजस्व प्राप्ति हुई है. यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे राज्य में भूस्खलन प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित तकनीकी विशेषज्ञता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ केंद्र के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी कदम मजबूत हुआ है

कैसे प्राप्त हुई राशि?

यह राशि केन्द्र द्वारा तैयार की गई डीपीआर और उपलब्ध कराई गई तकनीकी परामर्श सेवाओं के लिए प्राप्त हुई है। केन्द्र की स्थापना के बाद तकनीकी सेवाओं के माध्यम से अर्जित यह पहली राजस्व राशि है जो यूएलएमएमसी की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाती है।

कहां हुआ काम?

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के बादशाही बाग क्षेत्र में स्थित खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के भवन परिसर के समीप भूस्खलन की सक्रियता बढ़ने से परियोजना की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया था। समस्या के तकनीकी समाधान और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड ने उत्तराखण्ड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केन्द्र से संपर्क किया। निगम की ओर से केन्द्र को भूस्खलन रोकथाम कार्यों की डीपीआर तैयार करने के साथ-साथ निर्माण कार्य के तकनीकी पर्यवेक्षण का दायित्व सौंपा गया। 

ऐसे पूरा किया टास्क

इस कार्य को पूरा करने के लिए यूएलएमएमसी की तकनीकी टीम ने जनवरी 2025 में परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। स्थल की भौगोलिक एवं तकनीकी परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद आवश्यक जांच और विश्लेषण के आधार पर डीपीआर तैयार की गई। डॉ. शांतनु सरकार, निदेशक, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र के मार्गदर्शन में टीम ने डीपीआर तैयार करने से लेकर साइट सुपरविजन और अन्य तकनीकी कार्यों को पूरा किया। इस कार्य में सहायक अभियन्ता श्री कौस्तुभ बड़थ्वाल सहित तकनीकी दल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। केन्द्र की तकनीकी संस्तुतियों के आधार पर भूस्खलन रोकथाम के लिए निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

19 अगस्त 2026 को इस उपलब्धि को एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मिला, जब उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की ओर से डीपीआर एवं तकनीकी सेवाओं के लिए चेक सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास एवं महानिदेशक, उत्तराखण्ड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केन्द्र, देहरादून को सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्र ने अपनी स्थापना के बाद पहली बार तकनीकी सेवाओं के माध्यम से राजस्व अर्जित किया है। 

हो रहे भू-तकनीकी अध्ययन 

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यूएलएमएमसी वर्तमान में भूस्खलन जोखिम को कम करने से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों में विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। केन्द्र द्वारा डीपीआर तैयार करने, परियोजना प्रबंधन परामर्शी सेवाएं देने, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी निरीक्षण तथा भू-वैज्ञानिक, भू-भौतिकीय एवं भू-तकनीकी अध्ययन किए जा रहे हैं। इन कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए केन्द्र में विशेषज्ञ तकनीकी मानव संसाधन के साथ आधुनिक उपकरणों की सुविधा भी उपलब्ध है।    
केन्द्र की तकनीकी क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के लिए आठ से अधिक महत्वपूर्ण डीपीआर तैयार की जा चुकी हैं। खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए प्रदान की गई तकनीकी सेवाओं के बदले मिली यह पहली राजस्व प्राप्ति केन्द्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड में भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में विकसित विशेषज्ञता अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी उपयोगी साबित हो रही है।

Continue reading on the app

डूंगरपुर गर्ल्स हॉस्टल में युवक के ठहरने की फोटो से मचा हड़कंप, वीडियो में देंखे जांच में नहीं मिला कोई शख्स; झाड़ियों से बिना नंबर की बाइक जब्त

डूंगरपुर गर्ल्स हॉस्टल में युवक के ठहरने की फोटो से मचा हड़कंप, वीडियो में देंखे जांच में नहीं मिला कोई शख्स; झाड़ियों से बिना नंबर की बाइक जब्त

Continue reading on the app

  Sports

दुनिया के 7 क्रिकेटर्स... जिनका अचानक हुआ इंटरनेशनल डेब्यू, सिर पर लगी एक गेंद और खुल गए किस्मत के ताले

7 cricketers debut as concussion substitute: क्रिकेट में सिर की चोट के बाद मिलने वाले 'कनकशन सब्सटीट्यूट' नियम ने कई खिलाड़ियों की किस्मत रातों-रात बदल दी. प्लेइंग-11 का हिस्सा न होने के बावजूद साथी खिलाड़ी के चोटिल होने पर इन्हें सीधे इंटरनेशनल स्टेज पर उतरने का मौका मिला. मार्नस लाबुशेन और भारत के हर्षित राणा से लेकर पसिंदू सूरियाबंदारा तक, जानिए क्रिकेट इतिहास के ऐसे ही 7 चर्चित खिलाड़ियों के बारे में, जिनका इंटरनेशनल करियर कनकशन नियम के चलते अचानक शुरू हुआ. Thu, 20 Aug 2026 05:01:03 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat:तिरंगे के सम्मान पर क्या है कानून? |Vande Mataram | Mallikarjun #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T00:31:54+00:00

Rajpal Yadav Viral: चेक बाउंस मामलों को लेकर राजपाल का बड़ा बयान! #bollywoodnews #ytshorts #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T00:30:36+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers