crompton: क्रॉम्पटन 2.0 के तहत कम्पनी ने अपने नए प्रीमियम ब्रांड वॉटर 'बायोफायर' को किया लांच
भारत की 85 साल पुरानी कंपनी क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स ने अपना लोगो बदलकर "क्रॉम्पटन 2.0" लॉन्च किया है. कंपनी ने "रायन" नाम से एक नया सुपर-प्रीमियम ब्रांड भी पेश किया है, जिसमें "क्रॉम्पटन रायन वॉटर बायोफायर" शामिल है.
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बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे:जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा
बांग्लादेश, भारत के साथ गंगा जल संधि में ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करना चाहता है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। शाहिदुद्दीन ने कहा कि जरूरी हुआ तो बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय मंच का रुख भी कर सकता है। दरअसल, बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि दिसंबर 2026 में खत्म हो जाएगी। इस समझौते के तहत सूखे के मौसम में गंगा के पानी के बंटवारे की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ढाका गारंटी क्लॉज में न्यूनतम जल प्रवाह की बात शामिल करने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश का कहना है कि मौजूदा संधि सूखे मौसम में जरूरत के मुताबिक पानी उपबल्ध नहीं कराती है। भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि की शर्त के बारे में जानिए जब नदी में भरपूर पानी हो (75,000 क्यूसेक से ज्यादा) - भारत अपने पास 40,000 क्यूसेक पानी रखता है और बाकी का सारा पानी बांग्लादेश को दे दिया जाता है। जब पानी थोड़ा कम हो (70,000 से 75,000 क्यूसेक) - बांग्लादेश को तय 35,000 क्यूसेक पानी मिलता है और बचा हुआ भारत रखता है। जब पानी बहुत कम हो (70,000 क्यूसेक से कम) - जितना भी पानी उपलब्ध होता है, उसे आधा-आधा (50:50) बांट लिया जाता है। यह समझौता 1 जनवरी से 31 मई तक के लिए लागू होता है। इस दौरा गंगा नदी में पानी अपेक्षाकृत कम रहता है। बांग्लादेश को क्यों चाहिए गारंटी बांग्लादेश का कहना है कि मौजूदा संधि में पानी बांटने का फॉर्मूला तो है, लेकिन तय मात्रा में पानी मिलने की कानूनी गारंटी नहीं है। इसलिए वह नई संधि में 'गारंटी क्लॉज' जोड़ने की मांग कर रहा है। गारंटी क्लॉज ऐसा नियम है, जो सुनिश्चित करता है कि नदी के निचले हिस्से में बसे देश को भी जरूरत का पानी मिलता रहे। इसका मतलब है कि अगर नदी में पानी कम भी हो जाए, तब भी उसे एक तय मात्रा में पानी दिया जाएगा। बांग्लादेश चाहता है कि अगर किसी साल पानी कम हो या किसी कारण से समझौते का पालन न हो, तो उसका समाधान कैसे होगा और किसकी क्या जिम्मेदारी होगी, यह भी समझौते में साफ लिखा जाए। बांग्लादेश का कहना है कि 1977 के गंगा जल समझौते में यह व्यवस्था थी, लेकिन 1996 की संधि में इसे शामिल नहीं किया गया। इसलिए वह नई संधि में इस प्रावधान को जोड़ने की मांग कर रहा है। --------------------------- यह खबर पढ़ें… पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा: इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। पूरी खबर पढ़ें…
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