जब करीना की जोड़ी बनी कुछ हटके, ऑन स्क्रीन पेयरिंग्स जिन्होंने बटोरी सुर्खियां
करीना कपूर खान ने अपनी फिल्मोग्राफी में कई यादगार ऑन स्क्रीन डायनामिक्स बनाए हैं, जहां उनकी जोड़ियों में अक्सर एक अलग ही एनर्जी देखने को मिली है, जो जरूरी नहीं कि बॉलीवुड के कन्वेंशनल टेम्पलेट को फॉलो करती हो. अनएक्सपेक्टेड कॉम्बिनेशंस से लेकर रिफ्रेशिंगली अलग कैरेक्टर डायनामिक्स तक, इन कोलैबोरेशंस ने सालों से अपनी अलग पहचान बनाई है.
करीना कपूर खान और आमिर खान, 3 इडियट्स
3 इडियट्स में पिया और रैंचो के रूप में करीना कपूर खान और आमिर खान ने फिल्म में एक आसान और अनकन्वेंशनल केमिस्ट्री दिखाई, जबकि यह फिल्म सिर्फ रोमांस से कहीं ज्यादा थी. उनके रिश्ते ने फिल्म में वॉर्म्थ और ह्यूमर जोड़ा, साथ ही दोस्ती, एम्बिशन और अपना रास्ता खुद चुनने जैसे बड़े थीम्स को खूबसूरती से कॉम्प्लिमेंट किया.
करीना कपूर खान और इरफान खान, अंग्रेजी मीडियम
अंग्रेजी मीडियम में करीना कपूर खान और इरफान खान ने एक रिफ्रेशिंगली अनकन्वेंशनल डायनामिक क्रिएट किया. फैमिली, एस्पिरेशन और एक पिता बेटी के बॉन्ड पर बेस्ड इस कहानी में उनकी पेयरिंग ने फिल्म की इमोशनल और कॉमिक वर्ल्ड में एक और खास लेयर जोड़ दी.
करीना कपूर खान और दिलजीत दोसांझ, गुड न्यूज़
गुड न्यूज़ में करीना कपूर खान और दिलजीत दोसांझ की जोड़ी अनएक्सपेक्टेडली बेहद एंटरटेनिंग साबित हुई. आईवीएफ मिक्स अप के कैओस में फंसे एक कपल के रूप में उनकी कॉन्ट्रास्टिंग पर्सनैलिटीज और एफर्टलेस कॉमिक टाइमिंग ने उनकी डायनामिक को फिल्म के हाइलाइट्स में से एक बना दिया.
करीना कपूर खान और अजय देवगन, सिंघम रिटर्न्स
सिंघम रिटर्न्स में अवनी और बाजीराव सिंघम के रूप में करीना कपूर खान और अजय देवगन ने एक्शन हेवी फ्रेंचाइज़ी में वॉर्म्थ और ह्यूमर का तड़का लगाया. करीना की स्पिरिटेड प्रेजेंस ने कॉप एक्शन नैरेटिव में एक अलग ही एनर्जी भर दी.
अब दायरा में आएंगी नजर
अब, करीना कपूर खान मेघना गुलजार की दायरा में पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ एक और नॉट सो टिपिकल पेयरिंग को स्क्रीन पर लाने के लिए तैयार हैं. पृथ्वीराज के डीसीपी रमन कुमार के अपोजिट डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार निभाते हुए, करीना एक बार फिर मिस्ट्री, इन्वेस्टिगेशन और कंसिक्वेंस की ग्रिपिंग दुनिया में एक और डिस्टिंक्टिव ऑन स्क्रीन डायनामिक को एक्सप्लोर करती नजर आएंगी. दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
सत्येंद्र जैन का कोर्ट में दावा, गिरफ्तारी को बताया राजनीति से प्रेरित
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपनी हालिया गिरफ्तारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. जैन ने दावा किया कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मंशा है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. उन्होंने सीधे तौर पर इस कार्रवाई को पंजाब में होने वाले चुनाव से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया.
गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सत्येंद्र जैन के मुताबिक उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को केवल कानूनी प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक कारण काम कर रहे हैं. जैन का कहना है कि जिस समय यह कार्रवाई हुई है, उसे देखते हुए इसके पीछे चुनावी रणनीति की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
Former Delhi Minister Satyender Jain, former Delhi Jal Board CEO Udit Prakash Rai, and four others were produced before the Rouse Avenue Court in connection with an alleged multi-crore sewage treatment plant tender fraud case. The Anti-Corruption Branch sought their custodial… pic.twitter.com/nNkpiqqczA
— IANS (@ians_india) August 19, 2026
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर सक्रिय रही है और ऐसे समय में पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.
बता दें कि दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदित प्रकाश राय और चार अन्य लोगों को करोड़ों रुपये के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर धोखाधड़ी मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने उनकी हिरासत में पूछताछ की मांग की.
पंजाब चुनाव से जोड़ा मामला
पूर्व मंत्री ने अपनी गिरफ्तारी का सीधा संबंध पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव से बताया. उनका दावा है कि पंजाब में चुनावी माहौल बनने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और इसी क्रम में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.
जैन ने संकेत दिया कि इस तरह की कार्रवाई का असर पार्टी की चुनावी रणनीति और नेताओं की सक्रियता पर डालने की कोशिश हो सकती है. हालांकि, उनके इन आरोपों पर संबंधित जांच एजेंसी की ओर से क्या रुख है, यह अलग विषय है.
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
सत्येंद्र जैन के बयान के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है. एक ओर जैन कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं, वहीं जांच एजेंसियों की कार्रवाई अपने कानूनी आधार और जांच प्रक्रिया के तहत होती है.
गौरतलब है कि किसी भी जांच या गिरफ्तारी को लेकर अंतिम स्थिति अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होती है. ऐसे में जैन के आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है.
चुनाव से पहले बयानबाजी तेज
पंजाब चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने के साथ ही नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ने की संभावना है. सत्येंद्र जैन का बयान इसी राजनीतिक माहौल में सामने आया है.
उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी दबाव में आने वाली नहीं है और पार्टी राजनीतिक तथा कानूनी दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को उठाएगी. अब इस मामले में आगे जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं ही यह तय करेंगी कि विवाद कितना गहराता है.
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