भारतीय रेलों के नेटवर्क में इजाफा, मोदी सरकार ने रेलवे परियोजना को दी मंजूरी; 4 राज्यों को होगा फायदा
मोदी सरकार ने भारतीय रेल नेटवर्क को बढ़ाने और ट्रेनों की आवाजही को आसान बनाने के लिए 4 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं पर करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस परियोजना से कुल 4 राज्यों (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा) को फायदा होगा. इस प्रोजेक्ट से लगभग 410 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी. सरकार का लक्ष्य है कि इन रेल परियोजनाओं को साल 2030-2031 तक पूरा कर ही लिया जाए.
बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कि कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों में 4 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इन प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत ₹9,450 करोड़ है और इनके 2030-31 तक पूरे होने की योजना है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "कैबिनेट ने खड़गपुर से भद्रक प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे दी है। यह लाइन बालेश्वर से रूपसा और फिर रूपसा से भद्रक तक जाती है। यह ओडिशा के पूरे तट के साथ-साथ बनी हुई लाइन है। अब खड़गपुर और भद्रक के बीच इस लाइन को चार लाइनों वाला बनाया जा रहा है... इसमें दो बड़े पुल और 41 मुख्य पुल बनेंगे, साथ ही 169 छोटे पुल भी बनाए जाएंगे... इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 173 किलोमीटर है और इसकी लागत 3352 करोड़ रुपये होगी."
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव कहते हैं, "एक और प्रोजेक्ट भद्रक से हरिदासपुर तक का है। भद्रक और हरिदासपुर के बीच तीसरी लाइन का काम तेज़ी से चल रहा है और कई जगहों पर यह पूरा भी हो चुका है; वहाँ चौथी लाइन भी बनाई जाएगी। यह 75 किलोमीटर लंबी लाइन है. यह पूरा कॉरिडोर बिजली, कोयला, स्टील, लोहा और चूना पत्थर की ढुलाई के लिए बहुत ज़रूरी है... इस डिज़ाइन से कटक में ट्रेनों की भीड़-भाड़ की समस्या खत्म हो जाएगी... कुल मिलाकर, 18 बड़े और 106 छोटे पुल बनाए जाएँगे, साथ ही कई रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) भी बनेंगे। 1,583 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट."
योगी सरकार महिलाओं के खातों में भेजेगी 50 हजार रुपये! जानें किसे मिलेगा इसका लाभ
UP News: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सीएम योगी यूपी की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं. जिसके तहत योगी सरकार महिलाओं के खातों में 50-50 हजार रुपये भेजेगी. ऐसे में आप भी ये जानने को व्याकुल होंगे कि इस योजना का लाभ आखिर मिलेगा किसे. क्या आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी? क्या बीपीएल परिवारों की महिलाओं को इसमें शामिल किया जाएगा?
क्या अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी लाभ मिल सकता है? और सबसे बड़ा सवाल क्या चुनाव से पहले ही महिलाओं के खाते में पहली किस्त पहुंच सकती है? क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अब बहुत दूर नहीं है. महिला वोटरों को साधने के लिए राजनीतिक मुकाबला भी तेज हो चुका है. विपक्ष की तरफ से महिलाओं के लिए आर्थिक मदद के बड़े दावे किए जा रहे हैं.
ऐसे में योगी सरकार की इस संभावित योजना को 2027 के चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक दौ के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि यहां सबसे जरूरी बात समझना भी जरूरी है. अभी 50 हजार रुपये वाली इस योजना पर अंतिम सरकारी मुहर नहीं लगी है. ना तो लाभार्थियों की अंतिम सूची तय हुई है और ना ही आवेदन या भुगतान की आधिकारिक तारीख सामने आई है. इसलिए अभी इसे लागू हो चुकी है योजना नहीं बल्कि प्रस्तावित और चर्चित सरकारी पहल के तौर पर देखना चाहिए.
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