Responsive Scrollable Menu

प्रतिस्पर्धा मामलों में 'कमिटमेंट' आवेदन के लिए नए नियम लागू, सीसीआई ने बढ़ाई समयसीमा

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े मामलों में कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) आवेदन के लिए संशोधित विनियम, 2026 को अधिसूचित किया है। नए नियमों के तहत कंपनियों को आवेदन दाखिल करने के लिए अधिक समय दिया जाएगा, जिससे उन्हें जांच के दौरान प्रस्तावित सुधारात्मक उपायों को प्रस्तुत करने में सुविधा मिलेगी।

सीसीआई द्वारा 18 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार, कमिटमेंट आवेदन दाखिल करने की समयसीमा 45 दिनों से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है। इसके अलावा, आयोग द्वारा ऐसे आवेदनों पर प्रारंभिक विचार के लिए उपलब्ध समय भी 7 कार्य दिवसों से बढ़ाकर 15 कार्य दिवस कर दिया गया है।

नए नियमों के तहत पूरे मामले के निपटारे की अधिकतम समयसीमा भी बढ़ाई गई है। पहले यह अवधि 130 दिन थी, जिसे अब बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है।

गौरतलब है कि प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के माध्यम से कानून में धारा 48ए और 48बी जोड़ी गई थीं। इनके तहत कंपनियों को यह अवसर दिया गया कि यदि उन पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों, विशेषकर बाजार में प्रभुत्व के दुरुपयोग, के आरोपों की जांच चल रही है तो वे स्वेच्छा से सुधारात्मक कदम या शर्तें प्रस्तावित कर मामले का समाधान कर सकती हैं। इसका उद्देश्य लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचते हुए प्रतिस्पर्धा संबंधी चिंताओं का शीघ्र समाधान करना है।

वर्तमान में सीसीआई के समक्ष दो महत्वपूर्ण कमिटमेंट प्रस्ताव विचाराधीन हैं। पहला प्रस्ताव इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो एयरलाइन की मूल कंपनी) का है, जबकि दूसरा प्रस्ताव गूगल द्वारा दायर किया गया है।

गूगल का मामला प्ले स्टोर पर रियल मनी गेमिंग ऐप्स की सूचीबद्धता से संबंधित कथित अनुचित कारोबारी व्यवहार की जांच से जुड़ा है। वहीं इंडिगो का प्रस्ताव दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधान के बाद शुरू हुई प्रभुत्व के दुरुपयोग संबंधी जांच से संबंधित है।

दोनों मामलों पर सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब अंतिम निर्णय सीसीआई को लेना है।

सीसीआई ने कहा कि कमिटमेंट व्यवस्था का मकसद बाजार में जल्द सुधार लाना और प्रतिस्पर्धा संबंधी चिंताओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इससे न केवल आयोग और उसके महानिदेशक के संसाधनों की बचत होती है, बल्कि कंपनियों को भी लंबी जांच और मुकदमेबाजी से राहत मिलती है।

हालांकि यह सुविधा केवल उन मामलों में उपलब्ध है जहां बाजार में प्रभुत्व के दुरुपयोग की जांच चल रही हो। कार्टेल (गुप्त सांठगांठ) से जुड़े मामलों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।

आयोग ने बताया कि नए संशोधन पिछले कुछ समय के अनुभव के आधार पर किए गए हैं। कार्यान्वयन के दौरान समयसीमा, आवेदन में त्रुटियों के सुधार, शुल्क समायोजन और अमान्य आवेदन से जुड़े कुछ प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत मुद्दे सामने आए थे, जिन्हें दूर करने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है।

सीसीआई ने इन प्रस्तावित संशोधनों पर हितधारकों से सुझाव भी मांगे थे। कुछ पक्षों ने सुझाव दिया था कि महानिदेशक की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने से पहले किसी भी चरण पर कमिटमेंट आवेदन की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि आयोग ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया। सीसीआई का मानना है कि ऐसा करने से जांच प्रक्रिया में अनिश्चितता बढ़ सकती है और मामलों के निपटारे में देरी हो सकती है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

भारतीय रेलों के नेटवर्क में इजाफा, मोदी सरकार ने रेलवे परियोजना को दी मंजूरी; 4 राज्यों को होगा फायदा

मोदी सरकार ने भारतीय रेल नेटवर्क को बढ़ाने और ट्रेनों की आवाजही को आसान बनाने के लिए 4 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं पर करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस परियोजना से कुल 4 राज्यों (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा) को फायदा होगा. इस प्रोजेक्ट से लगभग 410 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी. सरकार का लक्ष्य है कि इन रेल परियोजनाओं को साल 2030-2031 तक पूरा कर ही लिया जाए.

बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए  कि कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों में 4 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इन प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत ₹9,450 करोड़ है और इनके 2030-31 तक पूरे होने की योजना है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "कैबिनेट ने खड़गपुर से भद्रक प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे दी है। यह लाइन बालेश्वर से रूपसा और फिर रूपसा से भद्रक तक जाती है। यह ओडिशा के पूरे तट के साथ-साथ बनी हुई लाइन है। अब खड़गपुर और भद्रक के बीच इस लाइन को चार लाइनों वाला बनाया जा रहा है... इसमें दो बड़े पुल और 41 मुख्य पुल बनेंगे, साथ ही 169 छोटे पुल भी बनाए जाएंगे... इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 173 किलोमीटर है और इसकी लागत 3352 करोड़ रुपये होगी."

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव कहते हैं, "एक और प्रोजेक्ट भद्रक से हरिदासपुर तक का है। भद्रक और हरिदासपुर के बीच तीसरी लाइन का काम तेज़ी से चल रहा है और कई जगहों पर यह पूरा भी हो चुका है; वहाँ चौथी लाइन भी बनाई जाएगी। यह 75 किलोमीटर लंबी लाइन है. यह पूरा कॉरिडोर बिजली, कोयला, स्टील, लोहा और चूना पत्थर की ढुलाई के लिए बहुत ज़रूरी है... इस डिज़ाइन से कटक में ट्रेनों की भीड़-भाड़ की समस्या खत्म हो जाएगी... कुल मिलाकर, 18 बड़े और 106 छोटे पुल बनाए जाएँगे, साथ ही कई रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) भी बनेंगे। 1,583 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट."

Continue reading on the app

  Sports

WBF: कोर्ट की स्थिति और घरेलू फैंस के बीच बैडमिंटन मिक्स डबल्स में क्या है जीत की रणनीति ?

2026 के आगामी मैच के लिए टीम की रणनीतियों और तैयारियों पर एक विशेष नज़र. खिलाड़ी कोर्ट की स्थितियों के अनुकूल होने और घरेलू भीड़ के समर्थन के साथ आत्मविश्वास से भरे हुए हैं. क्या यह रणनीति उन्हें जीत दिलाएगी? #खेलसमाचार #बैडमिंटन #खेलरणनीति #2026खेल Wed, 19 Aug 2026 16:17:01 +0530

  Videos
See all

मेरठ के मदरसे से जैश का कनेक्शन! ATS ने खोला आतंकी नेटवर्क का राज | Meerut | Terrorism #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-19T10:45:54+00:00

Azam Khan Jauhar University ED Raid: 'जौहर यूनिवर्सिटी पर संकीर्ण सोच के तहत रेड' | #viral #news #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-19T10:46:03+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers