सरकारी फंड के इस्तेमाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : प्रफुल पानशेरिया
गांधीनगर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने अधिकारियों के खिलाफ पुलिस शिकायत और अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब पता चला कि भावनगर जिले के पालीताना में एक अस्पताल के लिए मंजूर की गई 2.55 लाख लीटर क्षमता वाली भूमिगत पानी की टंकी का निर्माण ही नहीं किया गया था जबकि इसके लिए 50.43 लाख रुपए का बिल मंजूरी के लिए जमा किया गया था।
पानशेरिया ने हाल ही में अस्पताल के दौरे के दौरान इस मुद्दे पर ध्यान दिया, जहां उन्होंने पाया कि मंजूर किया गया अंडरग्राउंड टैंक तय जगह पर नहीं था।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंजूरी के लिए बिल ऊंचे अधिकारियों को भेजे जाने के बावजूद टैंक पर कोई काम नहीं हुआ था।
इसके बाद मंत्री ने मामले की जांच करने और बिल प्रोसेस करने में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए पालीताना अस्पताल और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की।
समीक्षा के बाद पानशेरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिल जमा करने वाले इंचार्ज एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मेहुल दवे और डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एनवी कालिया के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने पीआईयू को सूरत की कंपनी धर्मनंदन कंस्ट्रक्शन जो इस काम में शामिल कॉन्ट्रैक्टर थी, उसको ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अपनी जिम्मेदारियां निभाने में कथित लापरवाही के लिए दोनों इंजीनियरों को उनके काम से हटाया जाए और नियमों के अनुसार सस्पेंशन और नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
पानशेरिया ने कहा, राज्य की हेल्थकेयर सेवाओं के लिए दिए गए सरकारी फंड के इस्तेमाल में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सरकारी हेल्थकेयर डेवलपमेंट के कामों में क्वालिटी, पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वह ऐसे प्रोजेक्ट्स पर नजर रख रहा है ताकि यह पक्का किया जा सके कि सरकारी फंड का जिम्मेदारी से इस्तेमाल हो और मंजूर किए गए काम तय क्वालिटी और स्टैंडर्ड के अनुसार साइट पर पूरे हों।
अधिकारियों ने कहा, सरकारी कामों में लापरवाही बरतने या गड़बड़ी में शामिल पाए जाने वाले लोगों या एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पालीताना मामले में यह कार्रवाई मंत्री के निरीक्षण और प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर की समीक्षा के बाद की गई है।
--आईएएनएस
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अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो और यूएई के सुरक्षा प्रमुख की फोन पर बातचीत, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा
अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपने राजनयिक तालमेल को मजबूत किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई.
अबू धाबी के बीच निरंतर समन्वय
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान, लेबनान और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच निरंतर समन्वय पर भी बात की.
हमलों के लिए जवाबदेही
बातचीत में सबसे अहम मुद्दा ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों की गतिविधियां रहीं. बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने ईरान और उसके आतंकी सहयोगियों को लगातार हो रहे हमलों के लिए जवाबदेह ठहराने के संयुक्त प्रयासों पर चर्चा की. हालांकि बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन हमलों की बात हो रही है और अमेरिका-यूएई मिलकर क्या कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति
रुबियो ने होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह मुद्दा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति होती है.
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से खाड़ी के बड़े तेल और एलएनजी उत्पादक देशों का सामान अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है.
अमेरिका और यूएई के बीच जारी कूटनीतिक समन्वय
बयान में लेबनान में हुए घटनाक्रमों का भी जिक्र किया गया, लेकिन कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई. यह भी नहीं बताया गया कि दोनों अधिकारियों ने कोई खास फैसला लिया या आगे की कोई कूटनीतिक या सुरक्षा कार्रवाई तय की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फोन कॉल अमेरिका और यूएई के बीच जारी कूटनीतिक समन्वय को दर्शाती है. ईरान और ईरान समर्थित समूहों से जुड़े तनाव अभी भी मध्य पूर्व में वाशिंगटन की प्राथमिकता बने हुए हैं.
अमेरिका और यूएई के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध काफी मजबूत हैं. वाशिंगटन लंबे समय से खाड़ी के साझेदारों के साथ समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान एवं तेहरान समर्थित समूहों से आने वाले खतरों से निपटने के लिए काम कर रहा है.
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