कोल इंडिया की अनुषंगी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के निर्देश के बाद झारखंड के धनबाद स्थित न्यू आकाश किनारी कोलियरी में विस्फोट और खनन गतिविधियां रोक दी हैं।
डीजीएमएस ने भूमि धंसने के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए 17 अगस्त 2026 से कोयला खान विनियम, 2017 के तहत दी गई अनुमति वापस ले ली।
बीसीसीएल ने बीएसई को दी सूचना में कहा, ‘‘खान सुरक्षा महानिदेशालय ने 17.08.2026 के अपने पत्र के जरिये बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र की न्यू आकाश किनारी कोलियरी (एनएकेसी) में नियंत्रित गहरे (डीप-होल) विस्फोट के लिए कोयला खान विनियम, 2017 के तहत दी गई अनुमति वापस ले ली है।’’
सुरक्षा नियामक ने निर्देश दिया है कि उसके लिखित अनुमति देने तक क्षेत्र में खनन और विस्फोट की गतिविधियां दोबारा शुरू नहीं की जा सकतीं।
कंपनी सूचना के अनुसार, ‘‘डीजीएमएस ने धनबाद के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपायुक्त-सह-चेयरमैन द्वारा 14.08.2026 को जारी निर्देशों का पालन करने को भी कहा है।
इसमें प्रभावित क्षेत्र को वैज्ञानिक अध्ययन और मूल्यांकन के बाद सुरक्षित घोषित किए जाने तक विस्फोट तथा खनन गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया गया है।’’
यह मामला न्यू आकाश किनारी कोलियरी के पास छाताबाद में हुई भूमि धंसने की घटना से जुड़ा है। प्रभावित भूमि बीसीसीएल की है।
कंपनी ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार जरूरी कदम उठा रही है। इसमें आवश्यक तकनीकी अध्ययन कराना और जल्द से जल्द नई अनुमति लेना शामिल है।
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। यह देश के इस्पात क्षेत्र को ईंधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Continue reading on the app
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि राज्य में अपार संभावनाएं हैं, यह लगातार तरक्की कर रहा है और भारत की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। UP-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जापान को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि दोनों देशों की मूल्य-मान्यताएं समान हैं, उन्होंने कहा कि भारत-जापान की साझेदारी विकास, तकनीक और समृद्धि की साझेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश को अपना दूसरा औद्योगिक घर बनाएं। हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश में एक दीर्घकालिक और मज़बूत साझेदारी बना सकते हैं।
जापान के साथ मज़बूत रिश्तों का ज़िक्र करते हुए और राज्य की आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के बीच संबंध सिर्फ़ आर्थिक साझेदारी तक ही सीमित नहीं हैं; बल्कि ये प्राचीन सभ्यतागत विरासत के ज़रिए गहरे जुड़ाव पर भी आधारित हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ जापान को 'उगते सूरज की धरती' (Land of the Rising Sun) कहा जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश 'सूर्यवंश की धरती' है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को भारत की 'फूड बास्केट' (अन्न का भंडार) बताते हुए कहा कि राज्य देश के कुल अनाज उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कृषि और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में राज्य में निवेश की संभावनाओं पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि आज यह भारत की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश के लिए विकास का इंजन बन गया है। पिछले नौ वर्षों में, हम उत्तर प्रदेश के बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफल रहे हैं। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है।
योगी ने कहा कि हम एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक विकास और सुशासन का लाभ मिल रहा है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तथा डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार हो रहा है। उत्तर प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे का 60%, 17 हवाई अड्डे, भारत का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क, मेट्रो नेटवर्क, भारत की पहली रैपिड रेल, भारत का पहला इनलैंड वॉटरवे (आंतरिक जलमार्ग), दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब मौजूद हैं, जो वैश्विक स्तर की और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं।
Continue reading on the app