AAP नेता सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपी कोर्ट में पेश:दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामले में कल गिरफ्तार हुए थे; 14 दिन न्यायिक हिरासत की मांग
दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामले में पूर्व मंत्री और AAP नेता सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपियों को बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। ACB ने सभी को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। मामले में कोर्ट की कार्यवाही जारी है। गिरफ्तार लोगों में जैन के अलावा DJB के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं। ACB ने कोर्ट में जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय 5 आरोपियों के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी है। वहीं, पूर्व DJB संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव की पुलिस कस्टडी मांगी गई है। कोर्ट में पेशी से पहले जैन बोले- पंजाब चुनाव की वजह से गिरफ्तारी कोर्ट ले जाते समय सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी को पंजाब चुनाव से जोड़ते हुए कहा- यह पंजाब चुनाव की वजह से किया गया है। उनके वकील ने भी गिरफ्तारी की प्रक्रिया और उसके आधार पर सवाल उठाए। जैन के वकील ने कोर्ट में कहा कि FIR मई 2024 में दर्ज हुई थी, लेकिन जैन को पहली बार 5 अगस्त 2026 को बुलाया गया और मंगलवार को फोन के जरिए दोबारा बुलाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वकील ने दावा किया कि गिरफ्तारी को सही ठहराने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। उदित प्रकाश राय के वकील ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि राय फिलहाल मिजोरम सरकार में सचिव के पद पर तैनात हैं। केजरीवाल का दावा- शाह के फोन पर ACB ने एक्शन लिया AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जैन की गिरफ्तारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। केजरीवाल ने दावा किया कि बुधवार सुबह तक ACB की जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन बाद में अमित शाह की ओर से फोन आने के बाद गिरफ्तारी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब गिरफ्तारियां इस आधार पर नहीं हो रही हैं कि किसी ने अपराध किया है या नहीं, बल्कि यह तय किया जा रहा है कि किसे गिरफ्तार करना है। दिल्ली जल बोर्ड टेंडर में गड़बड़ी और ₹1.52 करोड़ रिश्वत का आरोप ACB के मुताबिक, मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के विस्तार और अपग्रेडेशन से जुड़े चार टेंडरों का है। एजेंसी का आरोप है कि तकनीकी शर्तों को इस तरह बदला गया कि एक खास कंपनी को फायदा मिले और प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाए। जांच में ई-मेल और इलेक्ट्रॉनिक बातचीत समेत सबूत मिलने का भी दावा किया गया है। ACB के मुताबिक, पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के खातों में करीब ₹1.52 करोड़ पहुंचाए गए। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने में हुआ या नहीं। 11 मई 2024 को दर्ज हुई थी FIR 2024 में 872 दिन जेल में रहने के बाद बाहर आए थे जैन सत्येंद्र जैन को इससे पहले ED ने 30 मई 2022 को आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। वह करीब 872 दिन जेल में रहने के बाद अक्टूबर 2024 में जमानत पर बाहर आए थे। 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दी थी। जेल से बाहर आने के बाद तत्कालीन दिल्ली CM आतिशी और पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने उनसे मुलाकात की थी। जैन पर पहले भी कई मामलों में कार्रवाई तिहाड़ में मसाज और VIP ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा में रहे 2022 में BJP ने जैन के कुछ वीडियो जारी किए थे, जिनमें उन्हें तिहाड़ जेल में मसाज कराते हुए दिखाया गया था। इसके बाद जेल में VIP ट्रीटमेंट मिलने के आरोपों को लेकर विवाद हुआ था। ED ने कोर्ट में हलफनामा और तस्वीरें देकर जैन को जेल में सुविधाएं मिलने का आरोप लगाया था। जैन और AAP ने इन आरोपों को राजनीतिक कार्रवाई बताया था। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें: पीएम केयर्स फंड में घरेलू डोनेशन 30% घटा:₹479 करोड़ रहा, पिछले साल विदेशी दान में भी कमी आई; फंड में अभी 8,452 करोड़ 2025 में पीएम केयर्स फंड में घरेलू दान 30% घटकर करीब 479 करोड़ रुपए रहा। विदेशी दान में भी कमी आई। यह 18% घटकर 92.8 लाख रुपए रह गया है। 2023 में घरेलू दान 681 करोड़ और विदेशी दान 1.13 करोड़ रुपए था। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में फंड में टोटल रकम 7,173 करोड़ रुपए थी। 2025 में यह 8,452 करोड़ रुपए हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
राहुल गांधी बोले- जरूरत पड़ी तो खुद जमीन पर उतरूंगा:केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के प्रभावितों से मिले; संसद में मुद्दा उठाने का वादा किया
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के खिलाफ चल रहे आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता अमित भटनागर ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं, विस्थापन, पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राहुल गांधी के सामने रखा। आंदोलन कारियों ने राहुल को बताया कि प्रभावित आदिवासी समुदाय लंबे समय से अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहा है। उन्होंने आंदोलन के दौरान सामने आई परेशानियों और प्रभावित परिवारों की मांगों की जानकारी भी राहुल को दी। राहुल गांधी ने दिया समर्थन मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो साझा कर आंदोलन कारियों के संघर्ष का समर्थन किया। उन्होंने कहा- अपने जायज हक की लड़ाई लड़ रहे बुंदेलखंड के निवासी सम्मान और समर्थन के हकदार हैं। राहुल ने भरोसा दिलाया कि आदिवासी परिवारों की इस लड़ाई में वे और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आंदोलन कारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों को आगे उठाने की बात कही। विस्थापन और पुनर्वास का मुद्दा आंदोलन कारियों ने राहुल गांधी को बताया कि केन-बेतवा प्रोजेक्ट से पन्ना और छतरपुर जिले के बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट के चलते आदिवासी समुदाय को विस्थापन और आजीविका से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। आंदोलन कारियों का दावा है कि कई परिवारों को भूमि के बदले भूमि और कानून के तहत मिलने वाले पुनर्वास अधिकार पर्याप्त रूप से नहीं मिले हैं। पर्यावरणीय नुकसान के आरोप आंदोलनकारियों ने प्रोजेक्ट से पन्ना टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, प्रोजेक्ट के कारण बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होगा और पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने ग्राम सभा की सहमति और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और अन्य दबाव का सामना करना पड़ा। लंबे समय से जारी है आंदोलन केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर बुंदेलखंड में प्रभावित परिवारों और आंदोलनकारियों का विरोध लंबे समय से जारी है। अमित भटनागर सहित अन्य कार्यकर्ता विस्थापन, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को लेकर अलग-अलग चरणों में सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि उनके मुद्दों को राजनीतिक और सार्वजनिक मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा। संसद से सड़क तक समर्थन राहुल गांधी ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि उनके पुनर्वास, भूमि अधिकार और जबरन बेदखली के खिलाफ आवाज को संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा- जरूरत पड़ी तो मैं खुद जमीन पर आकर आपके साथ आंदोलन में शामिल होऊंगा। उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना गरिमापूर्ण पुनर्वास, वैकल्पिक आजीविका और वन अधिकार अधिनियम (FRA, 2006) के पारदर्शी पालन के किसी भी परिवार को बेघर नहीं किया जाना चाहिए। बल प्रयोग की निंदा गांधी ने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर पुलिस बल, बुलडोजर कार्रवाई और दमनकारी नीतियों की सख्त आलोचना की। इस आश्वासन के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश प्रशासन से विस्थापितों की मांगों पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
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