हैरी ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर बने, हेड चौथे पर फिसले:बुमराह 21 महीने से लगातार नंबर-1 बॉलर, गिल वनडे के टॉप बल्लेबाज
ICC ने 19 अगस्त को मेंस वीकली रैंकिंग जारी कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट में बांग्लादेश की ऐतिहासिक 9 विकेट की जीत का असर रैंकिंग में देखने को मिला है। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक टेस्ट बैटर्स की रैंकिंग में फिर नंबर-1 बन गए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टेस्ट बॉलर्स की रैंकिंग में लगातार 21 महीने से नंबर-1 बने हुए हैं। बुमराह ने नवंबर 2024 में पहला स्थान हासिल किया था और तब से इसे बरकरार रखा है। उनके खाते में 870 रेटिंग पॉइंट्स हैं। वहीं, वनडे बैटर्स की रैंकिंग में शुभमन गिल टॉप पर बने हुए हैं। हेड को खराब प्रदर्शन का नुकसान डार्विन टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड केवल 22 और 17 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के कारण हेड पहले से चौथे स्थान पर आ गए हैं। उनके स्थान गंवाने का फायदा इंग्लैंड के हैरी ब्रूक को मिला, जिन्होंने टॉप पर वापसी कर ली है। ब्रूक के बाद इंग्लैंड के जो रूट दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। टॉप 4 बल्लेबाजों के बीच केवल 33 रेटिंग पॉइंट्स का अंतर है। गेंदबाजी में बुमराह नंबर-1 पर बरकरार गेंदबाजों की टेस्ट रैंकिंग में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का दबदबा कायम है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में नहीं खेलने के बावजूद बुमराह टॉप पर बने हुए हैं। दूसरी ओर डार्विन टेस्ट में 9 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच बने बांग्लादेश के हसन महमूद 26 स्थान की लंबी छलांग लगाकर 38वें नंबर पर पहुंच गए हैं। दूसरी पारी में 5 विकेट लेने वाले मेहदी हसन मिराज 3 पायदान चढ़कर 24वें स्थान पर आ गए हैं। रेटिंग पॉइंट्स को समझने का आसान तरीका ICC रैंकिंग में किसी खिलाड़ी की रेटिंग उसके प्रदर्शन को दिखलाती है। खिलाड़ी जितना लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है और मजबूत विपक्ष के खिलाफ बेहतर खेलता है, उसकी रेटिंग उतनी मजबूत होती जाती है। एक बल्लेबाज के लिए सिर्फ 100 रन बनाना ही पर्याप्त नहीं है। वे रन किस टीम के खिलाफ, किस परिस्थिति में और किस गेंदबाजी के सामने बनाए गए हैं, यह भी रैंकिंग में अहम होता है। इसी तरह गेंदबाज के विकेटों के साथ विपक्षी बल्लेबाजों की गुणवत्ता और मैच की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। हर मैच के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर रेटिंग अपडेट होती है। इसलिए किसी खिलाड़ी की एक बड़ी पारी या शानदार गेंदबाजी स्पेल उसकी रैंकिंग में बड़ा बदलाव ला सकता है। उदाहरण के लिए, हालिया प्रदर्शन के बाद बाबर आजम का टॉप-10 में लौटना इसका अच्छा उदाहरण है।
सिंगोली में रक्तदान का महाकुंभ, एक दिन में 538 यूनिट रक्तदान, जुटे सैकड़ों लोग
नीमच जिले के सिंगोली में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। वीरेंद्र कुमार सकलेचा शासकीय डोम परिसर में हुए इस शिविर में कुल 538 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। शिविर का आयोजन धाकड़ महासभा युवा संघ और टीम जीवनदाता की ओर से किया गया था।
सुबह करीब 9 बजे से ही लोग रक्तदान के लिए पहुंचने लगे थे। शाम 5 बजे तक शिविर में रक्तदान का सिलसिला चलता रहा। आयोजकों के अनुसार, इसमें युवाओं के साथ महिलाएं और अन्य उम्र वर्ग के लोग भी शामिल हुए। रक्त संग्रह की प्रक्रिया डॉक्टरों और ब्लड बैंक की टीम की निगरानी में की गई।
अर्जुन धाकड़ के आह्वान पर पहुंचे युवा
रक्तदान शिविर के आयोजन में धाकड़ युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन धाकड़ की भूमिका रही। उनके आह्वान पर क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से युवा सिंगोली पहुंचे। शिविर में युवाओं की संख्या अधिक रही। इनमें कई ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया। आयोजकों ने युवाओं से रक्तदान करने की अपील की थी। इसके बाद सुबह से ही डोम परिसर में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
डॉक्टरों और ब्लड बैंक की टीम की निगरानी में हुआ रक्त संग्रह
रक्तदान शिविर में रक्त लेने की पूरी प्रक्रिया डॉक्टरों और ब्लड बैंक की तकनीकी टीम की निगरानी में की गई। रक्तदान से पहले लोगों की जरूरी जांच की गई और इसके बाद पात्र लोगों से रक्त लिया गया।
रक्तदाताओं के लिए शिविर में बैठने, स्वास्थ्य जांच और भोजन-पानी की व्यवस्था भी की गई थी। रक्तदान के बाद लोगों को कुछ समय आराम कराया गया, ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत मदद मिल सके। आयोजकों के अनुसार, शिविर में एकत्र किया गया रक्त जरूरतमंद मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जाएगा।
पहली बार रक्तदान करने वालों में भी दिखा उत्साह
शिविर में केवल नियमित रक्तदाता ही नहीं पहुंचे। कई युवाओं और महिलाओं ने पहली बार रक्तदान किया। पहली बार रक्तदान करने वालों के लिए यह अनुभव नया था। शिविर में मौजूद टीम ने रक्तदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और जरूरी जांच के बाद रक्त लिया।
आयोजकों के मुताबिक, बड़ी संख्या में युवाओं का पहली बार रक्तदान के लिए आगे आना इस शिविर की प्रमुख बातों में से एक रहा। रक्तदान को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलत धारणाएं भी रहती हैं। ऐसे शिविरों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी लोगों को सही जानकारी देने में मदद करती है।
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