अगर बाल रूखे और बेजान हैं, तो लगाएं मेथी के दाने से बना हेयर मास्क, हफ्ते भर में दिखेगा फर्क
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। मेथी के दाने हमारी रसोई में बहुत आम हैं। इनका इस्तेमाल सब्जियों, दाल और दूसरी चीजों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन यही छोटे-छोटे दाने बालों की देखभाल में भी काम आ सकते हैं। खासकर जब बाल रूखे, बेजान या कमजोर नजर आने लगें, तब मेथी से बना लेप एक समाधान हो सकता है। इसमें कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों और सिर की त्वचा के लिए मददगार होते हैं।
मेथी में प्रोटीन बेहतर मात्रा में पाया जाता है। इसके बीजों में प्रोटीन और कई अमीनो एसिड पाए जाते हैं। बालों का मुख्य ढांचा ही केराटिन नाम के प्रोटीन से बना होता है। इसलिए बालों की अच्छी सेहत के लिए शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलना जरूरी है। मेथी खाने से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के पोषण में मदद करता है। वहीं, मेथी का लेप बालों पर लगाने से बालों की सतह मुलायम और बेहतर महसूस होती है।
मेथी की एक खासियत यह भी है कि इसमें गैलेक्टोमैनन नाम का घुलनशील रेशा भी होता है। पानी में भिगोने के बाद मेथी के दाने चिपचिपे हो जाते हैं। यही चिपचिपापन मेथी के पेस्ट को बालों पर एक हल्की परत बनाने में मदद करता है। यह परत बालों में नमी को बनाए रखने में मदद कर सकती है। इसी वजह से मेथी का इस्तेमाल करने के बाद रूखे बाल ज्यादा मुलायम लगते हैं।
मेथी में आयरन, कैल्शियम, विटामिन और निकोटिनिक एसिड जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। आयरन शरीर के लिए जरूरी है और इसकी कमी होने पर बाल झड़ने की समस्या पैदा होती है। लेकिन सिर पर मेथी का पेस्ट लगाने से शरीर में आयरन की कमी पूरी नहीं होगी। इसके लिए डाइट में आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करना पड़ेगा।
अब बात करते हैं इसे इस्तेमाल करने के तरीके की। मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखना सबसे आसान तरीका है। सुबह पानी निकालकर दानों को पीस लें। इससे गाढ़ा और चिपचिपा लेप तैयार हो जाएगा। इसे बाल धोने से पहले सिर की त्वचा और बालों की लंबाई पर लगाए। करीब 20 से 30 मिनट बाद बालों को सामान्य तरीके से धो लें। भिगोने की वजह से मेथी नरम हो जाती है और उसका चिपचिपा हिस्सा बाहर आता है, जो बालों को मुलायम बनाने में मदद करता है।
अगर बाल बहुत रूखे हैं, तो मेथी के लेप में थोड़ा नारियल तेल मिलाए। नारियल तेल बालों को मुलायम बनाने और उनकी सतह पर नमी बनाए रखने में मदद करता है।
मेथी का इस्तेमाल करते समय सावधानी भी जरूरी है। पहली बार लगाने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देख लें। अगर जलन, खुजली या लाल चकत्ते हों तो इसका इस्तेमाल न करें।
--आईएएनएस
पीके/पीएम
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'ऑपरेशन सिंदूर' पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद, PAK सेना ने रात 2 बजे की ये बात
'ऑपरेशन सिंदूर' पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. शायद यही वजह कि पाकिस्तान सेना रात 2 बजे इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रही है. दरअसल, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने रात 2 बजे एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' डॉक्यूमेंट्री को "त्रासदी और मजाक" करार दिया.
ऑपरेशन सिंदूर पर पाक सेना ने दी प्रतिक्रिया
मंगलवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शरीफ ने आरोप लगाया कि इस डॉक्यूमेंट्री में बारीकियों और गंभीरता की कमी है. इस डॉक्यूमेंट्री में इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष नेतृत्व को दिखाया गया है.
इसके साथ ही उन्होंने एक्स पर लिखा, "स्थापित तथ्यों को बदलने और ऑपरेशन के नतीजों को नए सिरे से पेश करने के लिए चुनिंदा रूप से एडिट किए गए इंटरव्यू, भावनात्मक नैरेशन और बॉलीवुड-शैली के सिनेमैटिक री-क्रिएशन का इस्तेमाल किया गया है."
More than a year after Marka-e-Haq, India refuses to face the harsh reality. Instead of conceding defeat in a failed venture, India has decided to colour history in her preferred hues. To achieve this mutilation of history, Indian content creators have produced a highly…
— DG ISPR (@OfficialDGISPR) August 17, 2026
उन्होंने आगे कहा, "खास बात यह है कि डॉक्यूमेंट्री के विवरण में बुनियादी विरोधाभास हैं, जो घटनाओं का ऐसा संस्करण गढ़ने की देर से की गई कोशिश को उजागर करते हैं जो घरेलू स्तर पर स्वीकार्य हो."
बता दें कि पाकिस्तानी सेना की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रम और उसके प्रभाव को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं.
मई 2025 में किया था ऑपरेशन सिंदूर
बता दें कि भारतीय सशस्त्रों बलों ने 7 मई 2025 की सुबह 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया गया था. यह ऑपरेशन पहलगाम की बैसारन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को हुए जानलेवा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए चलाया गया था. बैसारन को अपने घास के मैदानों की वजह से 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी 'द रेजिस्टेंस फोर्स' (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में यह सबसे घातक हमला था. यह हमला अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की नई दिल्ली यात्रा के दौरान ही हुआ था.
15 अगस्त को हुआ था ऑपरेशन सिंदूर डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर
बता दें कि डिस्कवरी की डॉक्युमेंट्री सीरीज "डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर" का प्रीमियर 15 अगस्त को हुआ था. इस डॉक्युमेंट्री में वे अधिकारी भी शामिल हैं जो इस ऑपरेशन में सबसे आगे थे. शरीफ ने कहा, "भारत सच को सामने नहीं लाया है. उसने एक प्रोपेगैंडा वीडियो तैयार किया है ताकि एक सैन्य गलती को सफल कोशिश के तौर पर दिखाया जा सके." उन्होंने आगे कहा, "किसी भी तरह का सिनेमैटिक री-क्रिएशन घटनाओं के क्रम को नहीं बदल सकता, विमानों के नुकसान को मिटा नहीं सकता, सैन्य हताहतों को छिपा नहीं सकता, असल में हुई सैन्य झड़पों को बदल नहीं सकता या युद्ध के मैदान में मिली हार को अपनी घोषित जीत में नहीं बदल सकता."
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