सचिन तेंदुलकर के महारिकॉर्ड पर होगा जो रूट का निशाना, लॉर्ड्स टेस्ट में करना होगा सिर्फ ये काम
Joe Root Record: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 19 अगस्त से 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाने वाला है. लॉर्ड्स में खेले जाने वाले पहले मैच में इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट करेंगे, जिन्हें बेन स्टोक्स के बाद ECB ने कमाल सौंप दी है. रूट इंग्लैंड क पाकिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाली इस मुकाबले में जो रूट के पास सचिन तेंदुलकर का एक महारिकॉर्ड तोड़ने और नंबर-1 बनने का बेहतरीन मौका है. तो आइए जानते हैं रूट को इस मुकाम को हासिल करने के लिए क्या करना होगा...
जो रूट के निशाने पर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड
इंग्लिश टीम के कप्तान जो रूट के निशाने पर सचिन तेंदुलकर के वैसे तो कई रिकॉर्ड हैं, लेकिन पाकिस्तान के साथ खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच में उनकी नजर एक खास रिकॉर्ड पर होगी. यदि लॉर्ड्स टेस्ट में रूट दो अर्धशतक लगाने में कामयाब होते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे.
फिलहाल ये रिकॉर्ड मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम पर दर्ज है. सचिन ने भारत के लिए 200 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 68 अर्धशतक लगाए. जबकि रूट 166 टेस्ट मैचों में 68 फिफ्टी जड़ चुके हैं. ऐसे में यदि वह एक फिफ्टी भी लगाते हैं, तो वह इस मामले में सचिन की बराबरी कर लेंगे.
Enjoy the occasion.
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Stay in the present.
Rooty's message to his team ????️
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जो रूट के टेस्ट रिकॉर्ड हैं ऐसे
इंग्लैंड के स्टार क्रिकेटर और कप्तान जो रूट ने 2012 से अब तक अपनी टीम के लिए 166 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 304 पारियों में उन्होंने 50.58 के औसत से 14114 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 41 शतक और 68 अर्धशतक लगाए हैं. वह 15 बार शून्य पर भी आउट हुए.
सचिन तेंदुलकर के आंकड़ों की बात करें, तो उन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 53.78 के औसत से 15921 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाए.
आज लॉर्ड्स में शुरू होगा ENG VS PAK टेस्ट
इंग्लैंड क्रिकेट टीम और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बीच खेली जाने वाली 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला आज लॉर्ड्स में खेला जाएगा. इस मुकाबले में जहां, इंग्लैंड की कमान जो रूट संभालेंगे, तो वहीं पाकिस्तान की अगुवाई सलमान अली आगा करते नजर आ सकते हैं. चूंकि, बाबर आजम आज इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में होने वाले पहले टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे. प्रैक्टिस मैच के दौरान उनके दाहिने हाथ में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह इस मुकाबले से बाहर हो गए हैं.
बताते चलें, जो रूट 65 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कप्तानी कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने 27 मैचों में टीम को जीत दिलाई, 27 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा, तो वहीं 11 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए.
Home ????
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Men's Test captain Joe Root on:
- Returning to Headingley
- Returning as captain
- His message to his players
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ऐसी हैं दोनों टीमें
इंग्लैंड टीम: बेन डकेट, एमिलियो गे, जॉर्डन कॉक्स, जो रूट (कप्तान), हैरी ब्रूक, डैन लॉरेंस, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्से, जोफ्रा आर्चर, शोएब बशीर, ओली पोप, जोश टोंग, सैम कुक, ओली रॉबिन्सन, मैथ्यू फिशर
पाकिस्तान टीम: अजान अवैस, इमाम-उल-हक, अब्दुल्ला शफीक, शान मसूद, सलमान आगा (कप्तान), मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), आमिर जमाल, साजिद खान, उबैद शाह, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, खुर्रम शहजाद, गाजी गोरी, सऊद शकील, अब्दुल्ला फजल, अवैस जफर, अली उस्मान
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फ्लू को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, बीमारी में भूलकर भी न करें ये गलतियां
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। मौसम बदलने के साथ सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। इन्हीं में से एक है फ्लू। यह एक तरह का वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो नाक और गले के साथ-साथ फेफड़ों पर भी असर डालता है। कई बार फ्लू के लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग इसे मामूली सर्दी-जुकाम समझ लेते हैं और अपनी मर्जी से दवाएं लेने लगते हैं। यही छोटी-छोटी गलतियां कई बार बीमारी को बढ़ा सकती हैं।
फ्लू होने पर शरीर को वायरस से लड़ने के लिए आराम, पानी और अच्छे खाने की जरूरत होती है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
फ्लू में अचानक बुखार आ सकता है। इसके साथ खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द और बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को भूख भी कम लगती है। आम तौर पर कई लोग घर पर आराम करने से ठीक हो जाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की हालत एक जैसी नहीं होती। अगर बुखार बहुत ज्यादा हो, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो या तबीयत लगातार बिगड़ती जाए तो डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से परेशान लोगों को फ्लू में खास सावधानी रखनी चाहिए।
फ्लू के दौरान बुखार आने और पसीना निकलने से शरीर में पानी कम हो सकता है। बीमारी में कई लोगों को पानी पीने का मन कम करता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी हो सकती है और कमजोरी ज्यादा महसूस हो सकती है। इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। सूप, नारियल पानी और दूसरे तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। अगर उल्टी या दस्त भी हो रहे हैं तो शरीर में पानी और नमक की कमी जल्दी हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। चाय और कॉफी को पानी का विकल्प न बनाएं। शरीर को सबसे ज्यादा जरूरत सामान्य पानी और दूसरे सही तरल पदार्थों की होती है।
फ्लू होने पर शरीर अंदर से वायरस से लड़ रहा होता है। इसलिए उस समय ज्यादा काम करने से थकान बढ़ सकती है। अगर बुखार और शरीर में दर्द है तो आराम करना ज्यादा जरूरी है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर को खुद को संभालने का समय मिलता है। बीमारी के दौरान दूसरों से थोड़ी दूरी बनाना भी जरूरी है, क्योंकि फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें और हाथ साफ रखें।
फ्लू में खाना खाने का मन कम होता है। इसके बावजूद लंबे समय तक खाना छोड़ देना ठीक नहीं है। शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए ताकत चाहिए। इसलिए बहुत ज्यादा खाना एक साथ खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर होता है। दाल, अंडा, दूध, दही, और पनीर जैसे प्रोटीन वाले खाने के साथ फल और हरी सब्जियां भी डाइट में शामिल करें। खिचड़ी, दलिया या हल्का खाना भी लिया जा सकता है। विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शरीर को सामान्य तरीके से काम करने में मदद करते हैं। हालांकि किसी एक विटामिन को ज्यादा मात्रा में लेने से फ्लू तुरंत ठीक नहीं होता।
फ्लू वायरस की वजह से होता है, इसलिए हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं हैं, जो बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण में काम आती हैं। वायरस पर इनका सीधा असर नहीं होता। फिर भी कई लोग डॉक्टर से पूछे बिना एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। ऐसा करना नुकसान पहुंचा सकता है।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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