तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य विधानसभा में विधायकों, आम जनता और किसानों के लिए कई ऐतिहासिक व बड़े कल्याणकारी पैकेजों की घोषणा की है। सरकार ने विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में आवाजाही और जनता से जुड़े काम आसान बनाने के लिए नई सरकारी गाड़ियां और मासिक भत्ता देने के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं व डेयरी सेक्टर के लिए करोड़ों रुपये की सौगातों का पिटारा खोल दिया है।
विधानसभा में बोलते हुए, विजय ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को लोगों की चिंताओं को दूर करने और स्थानीय मुद्दों पर नज़र रखने के लिए अक्सर अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने की ज़रूरत होती है। नई व्यवस्था के तहत, सभी विधायकों को निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ी यात्रा के लिए सरकारी गाड़ियां दी जाएंगी।
सरकार ड्राइवरों की सैलरी और गाड़ी से जुड़े खर्चों के लिए 75,000 रुपये का मासिक भत्ता भी देगी। इसके अलावा, हर विधायक के ऑफिस को ऑफिस से जुड़े काम के लिए एक असिस्टेंट रखने के लिए हर महीने 25,000 रुपये मिलेंगे।
हेल्थ इंश्योरेंस कवर 5 गुना बढ़ाया गया
हेल्थकेयर से जुड़ी एक बड़ी घोषणा में, मुख्यमंत्री की व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना (Chief Minister’s Comprehensive Health Insurance Scheme) के तहत सालाना कवरेज को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया जाएगा। इस बढ़े हुए कवरेज का मकसद लाभार्थियों को इलाज के लिए ज़्यादा आर्थिक मदद देना है।
सरकार ने चेन्नई, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, चेंगलपट्टू, तिरुवरुर, करूर और कन्याकुमारी के सरकारी अस्पतालों में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं की भी घोषणा की।
मेडिकल शिक्षा के लिए 351 करोड़ रुपये
सरकार ने सरकारी मेडिकल और हेल्थकेयर संस्थानों में एडमिशन की क्षमता बढ़ाने के लिए 351 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस पहल से हेल्थकेयर से जुड़े अलग-अलग कोर्स में 6,098 अतिरिक्त सीटें बनेंगी।
इनमें 660 B.Sc. नर्सिंग सीटें, नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में 1,925 अतिरिक्त सीटें, 12 पैरामेडिकल कोर्स में 2,778 सीटें और मेडिकल कोर्स में 735 अतिरिक्त सीटें शामिल हैं। सात नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी खोले जाएंगे।
इसके अलावा, पेरम्बलुर में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से 400 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। उम्मीद है कि यह अस्पताल बेहतर इलाज की सुविधा देगा और इलाके में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करेगा।
दूध खरीद की कीमत बढ़ाई गई
सरकार ने दूध खरीद की कीमत 38 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है। इस कदम से 3.16 लाख से ज़्यादा दूध उत्पादकों को फ़ायदा होने की उम्मीद है।
खरीद की कीमत में बढ़ोतरी के साथ-साथ, दूध उत्पादकों के लिए सरकारी प्रोत्साहन राशि भी 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दी जाएगी। खरीद की कीमत बढ़ने से सरकार का खर्च हर महीने 30 करोड़ रुपये और सालाना 360 करोड़ रुपये बढ़ने की उम्मीद है।
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श्रावण मास भगवान शिव को अति प्रिय है। इस महीने में सच्चे हृदय से भोलेनाथ की पूजा-पाठ करने से साधक को शुभ फल प्राप्त होते हैं। पूरे महीने में भक्तजन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय आजमाते हैं। वैसे इस महीने में पड़ने वाले सोमवार व्रत का सबसे ज्यादा महत्व है, उससे कई ज्यादा प्रदोष व्रत का महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस बार सावन में दो प्रदोष व्रत हैं जिनमें पहला व्रत सावन के दूसरे सोमवार को पड़ा था और अब दूसरा प्रदोष व्रत सावन शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी को पड़ेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत जिस दिन पड़ता है उसी नाम से जाना जता है। उदाहरण के तौर पर सोमवार को पड़े तो सोम प्रदोष, शनिवार को पड़े शनि प्रदोष। वहीं, गुरुवार को प्रदोष पड़े तो इसको गुरु प्रदोष कहा जाता है , मंगलवार को भौम प्रदोष कहा जाता है।
असल में सावन का दूसरा प्रदोष भी मंगलवार के दिन पड़ेगा, इसलिए यह भौम प्रदोष है। आइए आपको बताते हैं इसकी सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है?
सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही प्रदोष व्रत का शुभ मुहू्र्त इस प्रकार है-
- त्रयोदशी तिथि आरंभ- 25 अगस्त 2026, मंगलवार, प्रातः 06 बजकर 20 मिनट से
- त्रयोदशी तिथि समापन - 26 अगस्त 2026, बुधवार, प्रातः 7 बजकर 59 मिनट पर
- खासतौर पर प्रदोष व्रत हमेशा उसी दिन मान्य जाता है, जिस दिन प्रदोष काल का शुभ समय मिल रहा होता है, इसलिए सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 25 अगस्त को ही मनाया जाएगा। क्योंकि यह व्रत मंगलवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे भौम प्रदोष कहा जा रहा है।
प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त
-सावन प्रदोष व्रत ब्रह्रा मुहूर्त- 25 अगस्त, प्रातः 04 बजकर 27 मिनट से प्रातः 05 बजकर 11 मिनट तक
-अभिजीत मुहूर्त- प्रातः 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक
-विजय मुहूर्त दोपहर- 02 बजकर 32 मिनट से दोपहर 03 बजकर 24 मिनट तक
-प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त- सायं 06 बजकर 51 मिनट से रात्रि 09 बजकर 04 मिनट तक
- क्योंकि भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करनी शुभ मानी जाती है, तो आप इसी शुभ मुहूर्त में भौम प्रदोष की पूजा करें।
सावन के दूसरे प्रदोष व्रत का महत्व क्या है?
इस बार सावन का दूसरा प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ रहा है, इस दिन मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा। इसलिए इस व्रत का माहात्म्य और ज्यादा बढ़ जाता है। वैसे यह व्रत मंगलवार को रखा जाएगा, इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। प्रदोष व्रत में आप भगवान शिव के साथ माता गौरी की पूजा करेंगे, तो आपकी कई समस्याओं दूर जाएंगी। इस दिन आप माता गौरी और भगवान शिव के साथ ही हनुमान जी का पूजन भी करें। ऐसा करने से आपको सभी बाधाएं दूर होगी। जो साधक इस व्रत को सच्चे मन से रखता है उसका स्वास्थ्य और धन लाभ का आशीर्वाद मिलेगा।
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