'आउट नहीं दिया जाना चाहिए...' इस भारतीय खिलाड़ी पर श्रीलंकाई दिग्गज ने उठाए गंभीर सवाल, जानिए कैसे शुरू हुआ बवाल
IND vs SL 1st Test : भारत और श्रीलंका के बीच गाले में पहले टेस्ट मैच खेला जा रहा है. आज यानी 19 अगस्त (बुधवार) को इस मुकाबले के अंतिम दिन का खेल खेला जा रहा है. आज यानी मुकाबले के पांचवें दिन श्रीलंका की टीम को अब जीत के लिए 234 रनों की जरूरत है, वहीं भारतीय क्रिकेट टीम 6 विकेट की तलाश कर रही है. इस मैच के चौथे दिन एक विवाद सामने आया. इस विवाद ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
भारत-श्रीलंका मैच से जुड़ा ये विवाद भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल से जुड़ा हुआ है. जुरेल का एक कैच जो चौथे दिन मैच के लिए गया था. उस पर अब श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस कैच को अनुचित बताते हुए विवाद को हवा दी है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.
Wicket number 2⃣ for Manav Suthar!
— BCCI (@BCCI) August 18, 2026
A sharp catch by Dhruv Jurel at gully ????????
Sri Lanka lose their 4th wicket
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ध्रुव जुरेल के कैच छिड़ा विवाद
भारत-श्रीलंका के बीच खेले जा रहे मैच के चौथे दिन विवाद तब खड़ा हुआ, जब ध्रुव जुरेल ने एक कैच लिया. ये कैच विवादित बन गया और श्रीलंका के दिग्गज क्रिकेटर ने इस कैच पर सवाल उठा डाले. इस मैच के दौरान कमेंट्री पैनल में मौजूद श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रसेल अर्नोल्ड ने थर्ड अंपायर के फैसले पर भी सवाल उठा डाले. उनके अनुसार ध्रुव जुरेल के द्वारा पकड़ा गया कैच सही नहीं था. वो वैलिड कैच नहीं था.
दरअसल, श्रीलंका की पारी के 22वें ओवर में स्पिनर मानव सुथार भारत की ओर से गेंदबाजी कर रहे थे. उनके सामने श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज लहिरू उदारा बल्लेबाजी कर रहे थे. इस ओवर की चौथी बॉल पर उन्होंने शॉट खेला और ध्रुव जुरेल ने उनका कैच पकड़ लिया. उदारा को लगा कि उनका कैच पहले जमीन पर लगा है, उसके बाद जुरेल के हाथों में गया है.
ऐसे में मामला थर्ड अंपायर तक पहुंच गया. इस मुकाबले में थर्ड अंपायर की भूमिका निभा रहे. रवींद्र विमलासिरी ने रिप्ले में देखा और फैसला लिया. रिप्ले में जब जुरेल आगे की तरफ गिर रहे थे, तो गेंद का कुछ हिस्सा जमीन से टकराता हुआ लग रहा था. लेकिन थर्ड अंपायर इस कैच से पूरी तरह से सही माना. ऐसे में थर्ड अंपायर के द्वारा उसको आउट करार दे दिया गया. इसके बाद लहिरू उदारा निराश होकर पवेलियन लौट गए. वहीं रसेल अर्नोल्ड भी इस फैसले से खफा नजर आए.
Manav Suthar draws the edge, and Dhruv Jurel clings on to a sensational low catch in the slips! ????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 18, 2026
Sri Lanka are now four down!
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कैसा रहा अब तक मैच का हाल
इस मैच में भारत ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 116.4 ओवर में कुल 462 रन बनाए थे. इसके बाद श्रीलंका अपनी पहली पारी में 79.4 ओवर में 284 रनों पर ढेर हो गई. इसके साथ ही भारत ने श्रीलंका पर 178 रनों की बढ़त हासिल कर ली. भारतीय टीम दूसरी पारी में 48.5 ओवर में 193 रनों पर ऑलआउट हो गई. इसके साथ ही भारत ने जीत के लिए श्रीलंका को 372 रनों का लक्ष्य दिया. अब तक श्रीलंका की टीम 51 ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाए हैं.
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पेट की चर्बी घटाने के साथ ही रीढ़ को लचीला बनाता है पश्चिमोत्तानासन
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। प्राचीन ग्रंथों में शरीर और मन की शुद्धि के लिए योग परंपरा का वर्णन मिलता है, उनमें पश्चिमोत्तानासन का विशेष स्थान है। यह आसन पूरे शरीर के पीछे वाले हिस्से यानी रीढ़, कमर और पैरों की मांसपेशियों को खींचकर लचीला बनाता है।
संस्कृत में पश्चिम का अर्थ है, शरीर का पिछला हिस्सा, उत्तान का अर्थ खिंचाव होता है और आसन का अर्थ मुद्रा होता है। यानी यह आसन शरीर के पिछले हिस्से को गहराई से खींचता है।
इस आसन में हम बैठकर आगे की ओर झुकते हैं, जिससे पूरी रीढ़ की हड्डी, पेट के अंग और नसों पर सकारात्मक असर पड़ता है। यह आसन हठ योग की 12 मूल आसनों में गिना जाता है। उनके अनुसार, यह आसन पीठ और पैरों को अच्छा खिंचाव देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यही नहीं, पेट की चर्बी को भी कम करता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन (बैठकर आगे झुकने वाला आसन) शरीर के पिछले हिस्से में तीव्र खिंचाव पैदा करता है। यह आसन पाचन अंगों को सक्रिय करता है, पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है, कुंडलिनी ऊर्जा जागृत होने में मदद मिलती है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे डायबिटीज, कब्ज और मानसिक तनाव दूर करने के लिए लाभकारी मानते हैं।
पश्चिमोत्तानासन करने का सबसे सही समय सुबह का माना गया है। अहले सुबह खाली पेट इस योगासन को करना सबसे अच्छा माना जाता है। यह शरीर को पूरे दिन ऊर्जावान और तनाव मुक्त बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, इस योगासन को शाम के समय भी खाने के 4-5 घंटे बाद किया जा सकता है लेकिन सुबह में इसे करना ज्यादा फायदेमंद बताया गया है। वहीं, शुरुआती समय में इसे किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करने की सलाह दी गई है।
साथ ही, जिन्हें गंभीर पीठ दर्द, स्लिप डिस्क या हर्निया की समस्या हो, वे इसे न करें। पेट की सर्जरी या गंभीर चोट होने पर भी इस आसन से बचें।
--आईएएनएस
एनएस/पीएम
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