26 दिनों के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने 'डील' के आरोपों पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि लद्दाख की ठंड से दिल्ली की भीषण गर्मी में 26 दिन भूखे रहकर 11 किलो वजन गंवाया और अंग खराब होने की नौबत आ गई। अगर डील करनी होती तो एसी रूम में बैठकर करता।
IND vs ZIM 2nd T20I Preview: भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज का आज दूसरा मुकाबला खेला जाएगा. सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने धमाकेदार खेल का प्रदर्शन किया. ऐसे में एक बार फिर से फैंस वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग देखने को मिलेगी, जबकि मयंक यादव और अशोक शर्मा अपनी रफ्तार से गदर मचाएंगे.
Jhandu Kumar Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे 2026 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में भारत के अभियान की शुरुआत बेहद शानदार और ऐतिहासिक रही है। बिहार के लाल झंडू कुमार ने देश के लिए इन खेलों का पहला मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को ब्रॉन्ज मेडल (कॉस्य पदक) दिलाया है। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश का नाम भी रोशन हुआ है।
संघर्षों से भरा रहा है झंडू कुमार का सफर इस मेडल के पीछे की कहानी जितनी गौरवशाली है, उतनी ही वह संघर्ष, त्याग और अटूट दृढ़ संकल्प से भरी हुई है। यह सफलता एक ऐसे शख्स की है जिसने कभी सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने का काम किया था, और आज अपनी कड़ी मेहनत के दम पर एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बन गया है।
???????? BRONZE! ????
The first medal is on the board for #TeamIndia! ????????
A phenomenal performance by Jhandu Kumar in the Men’s Para Powerlifting Heavyweight event earns us our first Bronze Medal. ????????
A proud start to the campaign—and here’s to many more podium finishes in the days… pic.twitter.com/Wvualfts0W
झंडू कुमार मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के हरनौत बाजार के रहने वाले हैं और उनका संबंध एक बहुत ही साधारण परिवार से है, जो पहले एक छोटी सी सब्जी की दुकान चलाता था।
कोरोना काल में उठानी पड़ी थी भारी आर्थिक तंगी जिंदगी हर मोड़ पर आसान नहीं होती, और झंडू कुमार की राह में भी कई मुश्किलें आईं। कोविड-19 महामारी के दौरान जब उनका पारिवारिक व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ, तब आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ई-रिक्शा चलाना पड़ा।
First medal in the bag!????
Jhandu Kumar powers #TeamIndia to its first medal at Glasgow 2026 with successful lift of 181kg and 190kg in the men’s heavyweight category of para powerlifting.
Watch the Commonwealth Games Glasgow 2026, today from 12:30 PM onwards, LIVE & EXCLUSIVE… pic.twitter.com/g070WNPoAJ
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 24, 2026
दिनभर लंबे समय तक कड़ी मेहनत करने और आर्थिक संकट से जूझने के बाद भी उन्होंने खेल के प्रति अपने जुनून को कभी मरने नहीं दिया। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करने का अपना सपना हमेशा जिंदा रखा।
कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से तय किया सफर काम और कड़े प्रशिक्षण (प्रैक्टिस) के बीच संतुलन बनाते हुए झंडू ने हर दिन सुबह और शाम को प्रतियोगिताओं के लिए पसीना बहाया। उनकी यह अटूट निष्ठा आखिरकार रंग लाई और उन्हें भारत के राष्ट्रमंडल खेल दल (Commonwealth Games Squad) में जगह मिल गई।
उन्होंने ग्लासगो 2026 में भारत को पहला मेडल दिलाकर साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो इंसान सबसे बड़ी बाधाओं को भी पार कर सकता है।
देश भर के युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्त्रोत सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने से लेकर राष्ट्रमंडल खेलों के पोडियम पर खड़े होने तक का झंडू कुमार का यह सफर हर उस इंसान के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखता है। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी साबित करती है कि यदि कड़ी मेहनत और पक्के विश्वास का साथ हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। आज झंडू कुमार देश भर के उभरते हुए एथलीटों और युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुके हैं।