Reasi accident में परिवार के 3 लोगों की मौत, SUV खाई में गिरने से हादसा
जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में एक सड़क से वाहन के फिसलकर खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा मंगलवार देर रात पनासा गांव के पास उस समय हुआ, जब थानोले से थुब गांव जाने वाले रास्ते में एक मोड़ पर एसयूवी चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया।
उन्होंने बताया कि बचाव दल को प्रेम सिंह (50), उनकी पत्नी तुरी देवी (45) और सास दुर्गी देवी (70) मृत मिले। बचाव दल ने तीनों के शव दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मलबे से बाहर निकाले। वहीं, वाहन (एसयूवी) में सवार दो अन्य यात्री एसयूवी के खाई में गिरने से पहले ही उससे कूद गए।
हालांकि, उन्हें काफी चोटें आईं। दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात राजौरी जिले के खवास इलाके के गुंधा गांव में एक अन्य हादसा हुआ, जिसमें एक वाहन सड़क से उतरकर खेत में जा गिरा, जिससे छह लोग घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Prabhasakshi NewsRoom: Punjab में Border Areas के सरकारी स्कूलों में नहीं मनाया गया Independence Day ! NHRC ने भेजा नोटिस
पंजाब के ग्रामीण, दूरदराज और विशेष रूप से पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों के कुछ सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं किए जाने के आरोपों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस मामले में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि क्या भौगोलिक स्थिति के कारण इन क्षेत्रों के बच्चों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के समान अवसर से वंचित किया गया।
NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से राज्य, जिला और स्कूल स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोहों की स्थिति का ब्योरा मांगा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 15 अगस्त को कुछ सरकारी स्कूलों, खासकर पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित विद्यालयों में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पर्व से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर नहीं मिला। इन स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान गाने और विद्यार्थियों की समारोह में भागीदारी जैसी निर्धारित गतिविधियां नहीं होने की बात कही गई है।
आयोग ने पंजाब सरकार से स्पष्ट रूप से यह जानकारी देने को कहा है कि राज्य के कितने सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, कितने विद्यालयों में राष्ट्रगान हुआ और कितने स्कूलों में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया। साथ ही, जिन स्कूलों में निर्धारित कार्यक्रम नहीं हुए, उनकी पहचान कर इसके कारण भी बताने को कहा गया है।
NHRC ने ग्रामीण, दूरस्थ और सीमा क्षेत्रों के स्कूलों का विशेष रूप से सत्यापन कराने का निर्देश दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वहां के विद्यार्थियों को राज्य के अन्य हिस्सों में पढ़ने वाले बच्चों की तुलना में राष्ट्रीय पर्व से जुड़ी समान शैक्षणिक, सांस्कृतिक और नागरिक गतिविधियों के अवसर मिले या नहीं। आयोग का जोर इस बात पर है कि केवल स्कूल की भौगोलिक स्थिति के कारण किसी बच्चे को ऐसे अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
कानूनगो ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का अभाव सरकारी उपेक्षा का संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर बच्चों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों, नागरिक कर्तव्यों, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नागरिक चेतना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। आयोग ने मामले से संबंधित जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से भी मांगी है और उचित कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी अवगत कराया है। बहरहाल, अब पंजाब सरकार की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आरोप कुछ विद्यालयों तक सीमित हैं या ग्रामीण और सीमा क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में व्यापक स्तर पर ऐसी स्थिति रही।
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