भोपाल में विश्व फोटोग्राफी दिवस पर रील मेकिंग प्रतियोगिता, आज दिखाएं अपनी क्रिएटिविटी
भोपाल में विश्व फोटोग्राफी दिवस 2026 के मौके पर फोटोग्राफी और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के लिए खास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 19 अगस्त को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दर्शकों, फोटोग्राफरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए फोटो और रील मेकिंग प्रतियोगिता रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को संग्रहालय में मौजूद संस्कृति, कला और विरासत को अपने कैमरे और मोबाइल के नजरिए से दिखाने का मौका मिलेगा।
इसके साथ ही भोपाल के रवींद्र भवन में 17 से 19 अगस्त तक चित्रोंत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यहां 40 फोटोग्राफरों की करीब 150 तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी में 1860 के विंटेज कैमरे और सार्वजनिक डार्करूम का प्रदर्शन भी खास आकर्षण है। यानी फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भोपाल में इन दिनों एक साथ कई खास मौके मौजूद हैं।
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर भोपाल में रील मेकिंग प्रतियोगिता
19 अगस्त 2026 को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में विशेष फोटोग्राफी और रील मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
इस प्रतियोगिता में आम दर्शकों के साथ फोटोग्राफर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हिस्सा ले सकते हैं। इसका मकसद लोगों को अपनी नजर से संग्रहालय और वहां मौजूद चीजों को कैमरे में कैद करने का मौका देना है।
आज के समय में फोटो और वीडियो सिर्फ यादें सहेजने का माध्यम नहीं हैं। सोशल मीडिया के दौर में एक अच्छी तस्वीर या छोटी सी रील किसी जगह की कहानी हजारों लोगों तक पहुंचा सकती है। इसी सोच के साथ इस प्रतियोगिता को खास बनाया गया है।
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागी अपने मोबाइल फोन या कैमरे से तस्वीरें और रील तैयार कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें तय समय के अंदर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करना होगा।
19 अगस्त को सुबह 10 बजे से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
रील मेकिंग प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण 19 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए तय प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद उन्हें उसी दिन संग्रहालय में अपनी फोटो या रील तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करनी होगी।
यह प्रतियोगिता उन लोगों के लिए खास हो सकती है जिन्हें फोटोग्राफी, वीडियो बनाना और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करना पसंद है। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ प्रोफेशनल फोटोग्राफर ही नहीं, बल्कि आम दर्शक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी भाग ले सकते हैं।
रात 8 बजे तक सोशल मीडिया पर पोस्ट करनी होगी रील
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को अपनी पोस्ट या रील 19 अगस्त की रात 8 बजे तक अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करनी होगी। यानी प्रतिभागियों के पास फोटो या रील तैयार करने और उसे पोस्ट करने के लिए उसी दिन का समय रहेगा।
प्रतियोगिता में सोशल मीडिया पोस्ट का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा। पोस्ट या रील को मिलने वाले व्यूज की संख्या का प्रमाण बाद में संग्रहालय में जमा करना होगा। इसलिए प्रतिभागियों को अपनी पोस्ट को सही तरीके से अपलोड करने और उसके व्यूज का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर ध्यान देना होगा।
21 अगस्त तक जमा करना होगा व्यूज का प्रमाण
प्रतियोगिता के लिए सिर्फ रील पोस्ट करना ही पर्याप्त नहीं होगा। प्रतिभागियों को अपनी पोस्ट या रील पर मिले कुल व्यूज की संख्या का प्रमाण भी जमा करना होगा। इसके लिए 21 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे तक व्यूज का प्रमाण संग्रहालय में जमा करना होगा।
इसका मतलब है कि प्रतिभागियों को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी सुरक्षित रखनी होगी। पोस्ट के व्यूज का प्रमाण किस रूप में जमा करना है, इसकी विस्तृत जानकारी के लिए आयोजकों से संपर्क किया जा सकता है।
प्रतिभागियों को समयसीमा का खास ध्यान रखना होगा, क्योंकि 21 अगस्त दोपहर 12 बजे के बाद प्रमाण जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी या नहीं, इसकी जानकारी आयोजन की ओर से दी गई प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
खड़गे के मंच शुद्धिकरण विवाद पर सुमित्रा वाल्मीकि का पलटवार, बोलीं- मंच नहीं वैचारिकता…
राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि हाल ही में जबलपुर पहुंची। यहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध पर पलटवार किया। उन्होंने यह कह दिया कि शुद्धिकरण खड़गे के मंच का नहीं बल्कि उनकी वैचारिकता का होना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि खड़गे बार-बार दलित नेता के साथ अपमान की बात तो बोल रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने विचारों पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि करके अपनी वैचारिकता कब शुद्ध करेंगे यह दलित वर्ग जानना चाहता है।
क्या बोलीं वाल्मीकि
वाल्मीकि ने कहा कि ‘मैं भी दलित हूं लेकिन भाजपा या संगठन में मुझे कभी भी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। भाजपा समरसता में विश्वास करती है।’ उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि ‘मैं और पूरा दलित वर्ग यह जानना चाहता है कि खड़गे अपनी वैचारिकता को कब शुद्ध करेंगे।’
बीजेपी में उनसे ज्यादा काम करने वाले दलित
सांसद ने कहा कि ‘भाजपा में कई सारे दलित नेता है जिन्होंने उनसे ज्यादा काम किया है और वह सनातनी विचारधारा से जुड़े हैं। स्वयं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा और संगठन में उन्होंने कभी भी भेदभाव का सामना नहीं किया।’
उन्होंने कहा कि ‘खड़गे जिस विचारधारा के साथ खड़े होकर बयान देते हैं। उसमें सनातन के प्रति नकारात्मक सोच साफ तौर पर दिखाई देती है। जब कोई व्यक्ति लगातार सनातन के खिलाफ बोलता है और फिर विवाद खड़ा होने पर खुद को दलित बताता है, तो सबसे पहले उसे अपने विचारों पर विचार करना चाहिए।’
बोलीं- शुद्ध करें अपनी वैचारिकता
सुमित्रा वाल्मीकि यही नहीं रुकी उन्होंने कहा कि ‘खड़गे जिस पाले में खड़े होकर बोलते हैं, वहां वैचारिकता शुद्ध नहीं है। उनकी सबसे बड़ी महानता यह होगी कि वह पहले अपने विचारों को शुद्ध करें। जहां वह खड़े हैं वहां हमेशा सनातन के खिलाफ बोला जाता है और फंसते ही दलित होने की बात कही जाने लगती है।’
क्या है मामला?
बता दें कि हाल ही में उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक कार्यक्रम हुआ था। इस कार्यक्रम के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता उस मंच पर पहुंचे थे, जहां खड़गे ने भाषण दिया था। कार्यकर्ताओं ने मंच का शुद्धिकरण किया था। जब यह जानकारी सामने आई तो कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन कर इसे दलित नेता का अपमान बताते हुए भाजपा और हिंदू संगठन के कृत्य की आलोचना की थी।
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