UP Flood: उत्तर प्रदेश के 13 जिले बाढ़ प्रभावित, 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि बाढ़ से करीब 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र और 84,362 लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय ने कहा कि हालांकि, प्रदेश में बाढ़ की स्थिति फिलहाल सामान्य और नियंत्रण में है।
बाढ़ प्रभावित जिलों में बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बाढ़ की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रभावित लोगों को राहत शिविरों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा भोजन, चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 1,589 बाढ़ चौकियां और 1,263 बाढ़ आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। इनमें से 41 आश्रय स्थल फिलहाल उपयोग में हैं, जहां 1,045 लोग रह रहे हैं। अब तक 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 428 नौकाएं और मोटर बोट तथा 1,101 स्थानीय गोताखोर तैनात किए गए हैं। प्रभावित लोगों को 15,238 खाद्यान्न और 30,316 भोजन के पैकेट वितरित किए गए हैं। राज्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 16 टीम, जबकि विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवान तैनात हैं।
Assam Cabinet ने नए युवा कल्याण विभाग के गठन को मंजूरी दे दी, 17 सितंबर से होगा शुरू
असम सरकार ने युवा पीढ़ी को लुभाने के इरादे से राज्य में युवाओं के लिए समर्पित एक नया विभाग बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गुवाहाटी में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में हिमंत ने कहा कि खनिजों और कच्चे तेल की खोज को बढ़ावा देने के लिए नयी हाइड्रोकार्बन नीति को भी मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि खोज के दौरान कोई भंडार नहीं मिलने पर भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हिमंत ने कहा, “मंत्रिमंडल ने युवा सशक्तीकरण और कल्याण विभाग की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही असम संभवतः ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जहां युवाओं के लिए एक समर्पित विभाग होगा।” उन्होंने बताया कि यह विभाग 17 सितंबर से कामकाज शुरू कर देगा और रोजगार कार्यालय समेत युवाओं से जुड़े सभी मामलों को देखेगा।
हिमंत ने कहा, “हमारी सरकार के ज्यादातर कार्यक्रम युवाओं पर केंद्रित हैं। हमारे 10 में से नौ कार्यक्रम युवाओं के लिए समर्पित हैं। यही वजह है कि युवाओं ने हर बार हमारा समर्थन किया है।
यह कोई नयी बात नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।” उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा खेल और युवा कल्याण विभाग का नाम बदलकर ‘खेल विभाग’ कर दिया जाएगा, जो पूरी तरह से खेलों के विकास के लिए समर्पित होगा।’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने तेल भंडार की खोज को बढ़ावा देने के लिए नयी हाइड्रोकार्बन नीति को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ‘असम हाइड्रोकार्बन खोज, उत्पादन और खनन पारिस्थितिकी विकास नीति - 2026’ की वैधता इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की तारीख से पांच साल तक होगी। उन्होंने कहा, “असम में कच्चे तेल का उत्पादन सभी पुराने भंडारों से हो रहा है।
पिछले 20 वर्षों में हमें कोई नया खनिज नहीं मिला है, क्योंकि हमने कोई खोज अभियान नहीं चलाया। खोज में जोखिम होता है, क्योंकि हो सकता है कि इसमें कोई भंडार न मिले और तब पूरा निवेश बेकार हो जाए।” हिमंत ने कहा कि सकारात्मक माहौल बनाने के लिए राज्य सरकार जीएसटी में छूट या रियायती दर पर भूमि पट्टे जैसे प्रोत्साहन देगी। उन्होंने कहा, “हम हर साल करीब 40 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का उत्पादन कर रहे हैं।
अगर हमारे पास नये भंडार नहीं होंगे, तो 10 साल बाद इसमें कमी आने लगेगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वेदांता समूह को असम-नगालैंड सीमा के पास तेल के कुछ नए भंडार मिले हैं, लेकिन यह इलाका विवादित है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो प्रोत्साहन देना चाहते हैं, वह शायद बहुत बड़ा न हो, लेकिन हम उद्योग को केवल एक संदेश देना चाहते हैं। असम एक अनुकूल राज्य है और यहां खोज करने वालों का स्वागत है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने ‘असम निजी कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं छात्र मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय) नियमावली-2026’ को लागू करने की भी मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि इस नियम के अनुसार, 50 से अधिक छात्रों वाले किसी भी संस्थान को पंजीकृत कराना होगा और जिला आयुक्त सक्षम प्राधिकार के तौर पर काम करेंगे। हिमंत ने कहा कि मंत्रिमंडल ने कामरूप ज़िले में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम)-गुवाहाटी को 574 बीघा और अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अजीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन को 200 बीघा ज़मीन आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि बराक घाटी क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए, मंत्रिमंडल ने ‘मिनी सचिवालय, बराक घाटी’ का नाम बदलकर ‘असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर’ करने को भी मंजूरी दी।
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