Ajay Rai ने RSS को दी Tiranga लेकर चलने की चुनौती, भाजपा पर भी साधा निशाना
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर मंगलवार को भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को अपने सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य करने की चुनौती दी और उसके स्वयंसेवकों से संघ के झंडे के बजाय तिरंगा लेकर चलने को कहा। राय ने यहां संवाददाताओं से कहा, “आरएसएस के पथ संचलन और उसके सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को अनिवार्य बनाएं।
स्वयंसेवकों और प्रचारकों को अपने झंडे के बजाय तिरंगा लेकर चलने दें।” राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में चंपत राय बंसल और अनिल मिश्रा को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा कथित तौर पर दी गई क्लीन चिट को लेकर भी राय ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, “ये पूरी तरह भ्रष्ट और बेईमान लोग हैं... उन्होंने राम को चढ़ाए गए प्रसाद में चोरी की है।” राष्ट्रीय महासचिव के रूप में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी समेत भाजपा की हालिया नियुक्तियों पर राय ने उन्हें “फ्यूज बल्ब” करार दिया। उन्होंने कहा, “उनकी कहानी खत्म हो चुकी है।
चाहे आप किसी को प्रभारी बनाएं या कुछ और करें।” राय ने यह भी दावा किया कि भाजपा के सहयोगी संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर पार्टी से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे जाने की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा एक डूबता जहाज है।
संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर धीरे-धीरे बाहर निकलने का रास्ता खोज लेंगे।” राय 19 अगस्त को होने वाले बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बलिया पहुंचे हैं।
UP Flood: उत्तर प्रदेश के 13 जिले बाढ़ प्रभावित, 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि बाढ़ से करीब 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र और 84,362 लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय ने कहा कि हालांकि, प्रदेश में बाढ़ की स्थिति फिलहाल सामान्य और नियंत्रण में है।
बाढ़ प्रभावित जिलों में बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बाढ़ की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रभावित लोगों को राहत शिविरों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा भोजन, चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 1,589 बाढ़ चौकियां और 1,263 बाढ़ आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। इनमें से 41 आश्रय स्थल फिलहाल उपयोग में हैं, जहां 1,045 लोग रह रहे हैं। अब तक 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 428 नौकाएं और मोटर बोट तथा 1,101 स्थानीय गोताखोर तैनात किए गए हैं। प्रभावित लोगों को 15,238 खाद्यान्न और 30,316 भोजन के पैकेट वितरित किए गए हैं। राज्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 16 टीम, जबकि विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवान तैनात हैं।
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