Akhilesh Yadav बोले, BJP की सीट-बंटवारा योजना होगी विफल; एनडीए नेताओं ने किया पलटवार
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी चुनाव से पहले अपने सहयोगी दलों के लिए सीट के बंटवारे की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कवायद विफल होगी, क्योंकि जनता ने सत्तारूढ़ दल को ‘‘पूरी तरह नकार’’ दिया है। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया कि भाजपा कुछ चुनाव विशेषज्ञों की सलाह पर राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को 73 सीट, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को 39 सीट, निषाद पार्टी को 31 सीट और अपना दल को 19 सीट देने पर विचार कर रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीट हैं। यादव ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था को ‘‘सराहनीय’’ माना जा सकता है, लेकिन दावा किया कि यह सीट बंटवारा भी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों की आबादी के अनुपात में मिलने वाले प्रतिनिधित्व के आधे से भी कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, सड़क और भर्ती के मुद्दों पर सरकार के रिकॉर्ड के कारण भाजपा की यह योजना ‘‘विफल’’ हो जाएगी।
यादव ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर ‘‘झूठे मुकदमों और फर्जी मुठभेड़ों’’ का सहारा लेने, लोगों के घरों और दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त करने, किसानों, श्रमिकों और पेशेवरों के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने तथा भर्तियों में आरक्षण को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अल्पकालिक अग्निवीर भर्ती योजना शुरू करके रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं का मनोबल कमजोर किया है। यादव ने कहा कि सरकार विज्ञान और वैज्ञानिकों को पर्याप्त सम्मान देने में भी विफल रही है तथा ‘‘देश की संपत्ति बेच रही है।’’ सपा अध्यक्ष ने संविधान में बदलाव की साजिश किए जाने का भी आरोप लगाया।
यादव ने कहा, ‘‘लोगों ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों को पूरी तरह नकार दिया है और उन्हें हमेशा के लिए विदाई देने के लिए उत्सुक हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज हर कोई कहता है, हम भाजपा को नहीं चाहते।’’ यादव की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उप्र भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अखिलेश जी, हम सभी जानते हैं कि आपको फर्जी खबरें फैलाना कितना पसंद है। लेकिन कम से कम आपकी अपनी स्वीकारोक्ति से यह स्पष्ट है कि भाजपा और उसके सहयोगी 2027 के उप्र चुनाव से पहले एकजुट हैं, जबकि आपकी पार्टी अपने विधायकों को एक साथ रखने के लिए संघर्ष कर रही है।” उन्होंने कहा, “हमारे सीट बंटवारे के फॉर्मूले की चिंता न करें। हमारा नेतृत्व इसे संभालने में सक्षम है।
चुनाव खत्म होने पर अपनी पार्टी पर ध्यान केंद्रित करें। आपको वास्तविक खबरें पढ़ने को मिलेंगी। दीवार पर लिखी इबारत साफ है।
हार के लिए तैयार रहें।” रालोद नेता रोहित अग्रवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि 2027 के चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस ने गठबंधन किया है और दोनों बराबर सीट पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया, “इसका मतलब है कि सपा कांग्रेस को 200 सीट दे रही है।” उप्र के मंत्री और अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल ने यादव की पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पटेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अपना दल कैडर आधारित पार्टी है, जो जमीनी स्तर की राजनीति करती है।
हम एसी कमरों से ‘ट्वीट’ और ‘रीट्वीट’ करने की राजनीति में शामिल नहीं होते हैं।
Ajay Rai ने RSS को दी Tiranga लेकर चलने की चुनौती, भाजपा पर भी साधा निशाना
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर मंगलवार को भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को अपने सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य करने की चुनौती दी और उसके स्वयंसेवकों से संघ के झंडे के बजाय तिरंगा लेकर चलने को कहा। राय ने यहां संवाददाताओं से कहा, “आरएसएस के पथ संचलन और उसके सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को अनिवार्य बनाएं।
स्वयंसेवकों और प्रचारकों को अपने झंडे के बजाय तिरंगा लेकर चलने दें।” राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में चंपत राय बंसल और अनिल मिश्रा को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा कथित तौर पर दी गई क्लीन चिट को लेकर भी राय ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, “ये पूरी तरह भ्रष्ट और बेईमान लोग हैं... उन्होंने राम को चढ़ाए गए प्रसाद में चोरी की है।” राष्ट्रीय महासचिव के रूप में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी समेत भाजपा की हालिया नियुक्तियों पर राय ने उन्हें “फ्यूज बल्ब” करार दिया। उन्होंने कहा, “उनकी कहानी खत्म हो चुकी है।
चाहे आप किसी को प्रभारी बनाएं या कुछ और करें।” राय ने यह भी दावा किया कि भाजपा के सहयोगी संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर पार्टी से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे जाने की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा एक डूबता जहाज है।
संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर धीरे-धीरे बाहर निकलने का रास्ता खोज लेंगे।” राय 19 अगस्त को होने वाले बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बलिया पहुंचे हैं।
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