वैभव सूर्यवंशी ने किसके लिए किया था 'A' वाला स्पेशल सेलिब्रेशन? मैच के बाद खुद बताई सच्चाई
Vaibhav Sooryavanshi: जिम्बाब्वे के साथ खेली जा रही टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने 7 विकेट से जीत दर्ज कर ली है. भारत की इस जीत में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ा. भले ही वैभव अपनी डेब्यू सीरीज में कुछ खास न कर सके हो, लेकिन उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आतिशी अर्धशतकीय पारी खेली. वह इंटरनेशनल क्रिकेट में फिफ्टी लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं. तो आइए जानते हैं कि अपनी इस फिफ्टी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने क्या-क्या कहा...
वैभव सूर्यवंशी ने किसे डेडिकेट की पहली इंटरनेशनल फिफ्टी?
जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जिसमें 4 छक्के और 4 चौके शामिल रहे. अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी को वैभव ने परिवार और कोचों को डेडिकेट किया.
BCCI.tv पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, "जब आप अपने करियर की शुरुआत में होते हैं और आपको ऐसी पारियां खेलने को मिलती हैं और आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे आने वाले मैचों के लिए आत्मविश्वास बढ़ता है. मुझे ऐसा लगा कि मैं अपनी लय में था और मैंने बस अपनी ताकत का इस्तेमाल किया, बस इतना ही. मैं अपनी इस फिफ्टी को अपने परिवार, अपने कोच और उन सभी लोगों को डेडिकेट करना चाहता हूं जिन्होंने मेरे अच्छे और बुरे दौर में मेरा साथ दिया है."
Just a teenager living the dream ????
— BCCI (@BCCI) July 24, 2026
???? In conversation with Vaibhav Sooryavanshi - The youngest-ever T20I half-centurion ???? - By @ameyatilak #TeamIndia | #ZIMvINDhttps://t.co/Y9APDmKCOX
किसके लिए किया A वाला सेलिब्रेशन?
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में अर्धशतक लगाने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने 2 स्पेशल सेलिब्रेशन किए. पहला A वाला सेलिब्रेशन और दूसरा इससे अलग था. वैभव ने बताया कि A वाला सेलिब्रेशन तो उन्होंने अपनी मम्मी के लिए किया था और दूसरा वाला रिंकू सिंह से कुछ बातचीत हुई थी, उसपर था. बता दें, वैभव की मम्मी का नाम आरती सूर्यवंशी है.
वैभव ने कहा, "मम्मी के लिए किया था. फिर हमारा और रिंकू भईया की कुछ बात हुई थी, उसपर किया. आप कह सकते हैं कि मुझे यहां का माहौल पसंद है. कुछ मैदान ऐसे होते हैं जहां रन बनाना बहुत अच्छा लगता है, शायद यह भी वैसा ही है, लेकिन मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं. मैं बस टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने और जब भी खेलूँ, अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूं."
"मैं किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि बस जहां भी खेलूं अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूं और टीम में योगदान देने और अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश कर रहा हूं."
अगली बार कब मैदान पर उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी?
Maiden international fifty ????
— BCCI (@BCCI) July 23, 2026
Vaibhav Sooryavanshi becomes the youngest batter ever to score a T20I half-century ????
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भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने अपने नाम कर लिया है. अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टी-20 मैच 26 जुलाई को खेला जाएगा. ये मैच भी हरारे स्पोर्ट्स क्लब में ही खेला जाएगा. ऐसे में अब आप वैभव सूर्यवंशी को अगली बार 25 जुलाई को एक्शन में देख सकेंगे. आपको बता दें, दूसरा और तीसरा टी-20 मैच 25 और 26 जुलाई को होगा. ऐसे में आपको बैक टू बैक 2 दिन वैभव सूर्यवंशी को खेलते देखने को मिलने वाला है. उम्मीद रहेगी कि वह एक बार फिर अपनी टीम के लिए बड़ी पारी खेलेंगे.
Share Market में निवेश करते हैं, जानें Interest Rate बढ़ने या घटने का क्या पड़ता है असर?
Share Market में उतार-चढ़ाव कई वजहों से आते हैं और ब्याज दरें (Interest Rate) उन अहम कारकों में से एक हैं जो इसे प्रभावित करते हैं. जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ब्याज दरों में बदलाव करता है तो इसका असर केवल लोन और EMI तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है. इसलिए सभी निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि ब्याज दरों में बदलाव का बाजार पर क्या असर पड़ता है.
Interest Rate क्या होता है?
ब्याज दर वह दर है जिस पर बैंक ग्राहकों को पैसे उधार देते हैं और उनके जमा (जैसे FD या सेविंग्स अकाउंट) पर ब्याज देते हैं. इस संदर्भ में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) शेयर बाजार पर असर डालने में अहम भूमिका निभाता है. जब RBI अपनी रेपो दर बढ़ाता या घटाता है तो इसका असर बैंक लोन और जमा पर लागू होने वाली ब्याज दरों पर पड़ता है. आसान शब्दों में कहें तो रेपो दर में बढ़ोतरी से लोन महंगे हो सकते हैं जबकि रेपो दर में कमी से लोन के सस्ते होने की संभावना बढ़ जाती है.
Interest Rate बढ़ाने से शेयर बाजार पर क्या असर पड़ता है?
1.सबसे पहले ब्याज दरें बढ़ने से कंपनियों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता है क्योंकि उन्हें ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है. इसका असर कंपनियों के स्टॉक की कीमतों पर पड़ सकता है.
2. जैसे-जैसे ब्याज दरें बढ़ती हैं निवेशकों का रुझान शेयर बाजार से हट सकता है. नतीजतन, कुछ निवेशक इक्विटी से अपना पैसा निकालकर फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) और बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं.
3. ब्याज दरों में बढ़ोतरी से अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक की कीमतों में गिरावट आ सकती है.
4. खासकर रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स जैसे सेक्टर इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं, क्योंकि ये सेक्टर काफी हद तक उधार पर निर्भर होते हैं.
जब Interest Rate घटती है तो क्या होता है?
1.जब भी ब्याज दरें कम होती हैं तो कंपनियों के लिए उधार लेना सस्ता हो जाता है यानी वे कम लागत पर लोन ले सकती हैं. वहीं, वे इन कम लागत वाले लोन का इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने और अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कर सकती हैं.
2. कम ब्याज दरों से निवेश को बढ़ावा मिलता है. शेयर बाजार में ज्यादा रिटर्न की संभावना से आकर्षित होकर कुछ निवेशक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य फिक्स्ड-इनकम वाले विकल्पों के बजाय इक्विटी में निवेश करना चुन सकते हैं.
3. ब्याज दरों में कमी से खर्च कम करके और मार्जिन बढ़ाकर कंपनियों की मुनाफा कमाने की क्षमता बेहतर हो सकती है. ऐसी स्थितियों का शेयर की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है.
4. बैंकिंग, ऑटोमोटिव, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होता है क्योंकि उनके कामकाज में क्रेडिट (उधार) अहम भूमिका निभाता है.
क्या केवल Interest Rate देखकर निवेश करना चाहिए?
केवल ब्याज दरों के आधार पर निवेश करने के बारे में कभी नहीं सोचना चाहिए, क्योंकि इन दरों में उतार-चढ़ाव का शेयर बाजार पर काफी असर पड़ता है. इसके बजाय निवेश करने से पहले आपको कंपनी के रेवेन्यू, मुनाफे, कर्ज, बिजनेस मॉडल, भविष्य में बढ़ने की संभावनाओं और बाजार में उसकी स्थिति जैसे पहलुओं का विश्लेषण करना चाहिए. RBI की मॉनेटरी पॉलिसी और ब्याज दरों के ट्रेंड पर भी नजर रखना फायदेमंद होता है. अलग-अलग सेक्टर में निवेश करके अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें। लंबे समय के लिए निवेश करते समय बाजार में होने वाले छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से परेशान होने के बजाय कंपनी की क्वालिटी पर ध्यान दें.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.




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