उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, चौड़ीकरण के लिए कंठाल चौराहा बंद, इन रास्तों से निकलेंगे वाहन
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही है। कई जगह पर चौड़ीकरण किया जा चुका है और कुछ जगह का काम अभी भी बाकी है। इसी कड़ी में अब कंठाल चौराहा से छत्री चौक और केडी गेट से सोमवारिया तक चौड़ीकरण होना है।
चौड़ीकरण के इस काम को देखते हुए प्रशासन द्वारा यातयात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। कंठाल चौराहे से आवागमन पूरी तरह से बंद है और अब आने जाने के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। चलिए जान लेते हैं कि यह काम कहां-कहां चल रहा है और वैकल्पिक मार्ग कौन से हैं।
कहां से निकलेंगे वाहन
कंठाल चौराहे पर इस समय विकास और चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। यहां से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वाहन चालक आर्य समाज मार्ग, क्षीरसागर मार्ग, निजातपुरा, बियाबानी चौराहा होते हुए बड़ा तेलीवाड़ा, निकास चौराहा सहित अन्य निर्धारित मार्गो से डायवर्ट किए जाएंगे। यातायात व्यवस्थित रूप से चला रहे इसके लिए इन मार्गों पर आवश्यक बैरिकेडिंग करते हुए सूचना भी लगाई गई है।
निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर और निगम आयुक्त
चौड़ीकरण के इस काम को देखते हुए नगर निगम और यातायात विभाग के अधिकारियों की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि निर्माण कार्य के दौरान कंठाल की तरफ जाने से बचे और निर्धारित किए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी केडी गेट से सोमवारिया और कंठाल से छत्री चौक मार्ग का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। दोनों ही अधिकारियों ने काम का जायजा लेते हुए उचित दिशा निर्देश प्रदान किए।
कलेक्टर एवं निगम आयुक्त ने किया केडी गेट से सोमवारिया एवं कंठाल से छत्री चौक मार्ग का निरीक्षण
बाबा महाकाल की राजसी सवारी मार्ग कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक एवँ केडी गेट से सोमवारिया तक चौड़ीकरण कार्य का मंगलवार को कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह एवं निगम आयुक्त श्री अभिलाष pic.twitter.com/EJ1n9mg4A0
— Ujjain Municipal Corporation (UMC) (@ujjainumc) August 18, 2026
न परीक्षा हुई, न रिजल्ट आया, 6 साल में भी पूरी नहीं हुई 4 साल की नर्सिंग डिग्री, भोपाल में प्रदर्शन जारी
भोपाल के नीलम पार्क में राज्यभर से आए नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में है। छात्रों का कहना है कि उनकी पढ़ाई का समय तो निकल गया, लेकिन अब तक डिग्री पूरी होने का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
B.Sc. नर्सिंग और GNM के कई छात्र परीक्षा, रिजल्ट और रजिस्ट्रेशन जैसी जरूरी प्रक्रियाओं के लिए परेशान हैं। छात्रों के मुताबिक, 2020 बैच के कई विद्यार्थियों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। उनका आरोप है कि जिस कोर्स को करीब चार साल में पूरा हो जाना चाहिए था, वह छह साल बाद भी अधूरा है।
भोपाल में नर्सिंग छात्रों का 15 दिनों से प्रदर्शन
भोपाल के नीलम पार्क में नर्सिंग छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए B.Sc. नर्सिंग और GNM के छात्र शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि वे पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि वे सरकार से सिर्फ अपनी परीक्षा और परिणाम की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी पढ़ाई पूरी हो सके और वे आगे अपने करियर पर ध्यान दे सकें।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनकी उम्र और पढ़ाई का महत्वपूर्ण समय निकलता जा रहा है। जिन युवाओं को अब तक नर्सिंग की डिग्री लेकर अस्पतालों में नौकरी करनी चाहिए थी, वे अभी भी परीक्षा और रिजल्ट के इंतजार में हैं। एक छात्र ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि चार साल में पूरी होने वाली डिग्री छह साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। छात्रों ने अपनी स्थिति बताते हुए सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की है।
2020 बैच के छात्रों की सबसे ज्यादा परेशानी
नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन में 2020 बैच का मुद्दा प्रमुख है। छात्रों का कहना है कि इस बैच के कई विद्यार्थियों की परीक्षाएं लंबे समय से अटकी हुई हैं। कुछ छात्रों की परीक्षाएं हुई हैं, लेकिन उनके रिजल्ट जारी नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को यह पता नहीं चल पा रहा कि उनकी पढ़ाई आधिकारिक तौर पर कब पूरी होगी।
एक सामान्य छात्र के लिए डिग्री का मतलब सिर्फ एक कागज नहीं होता। डिग्री मिलने के बाद ही वह नौकरी, रजिस्ट्रेशन और आगे की पढ़ाई जैसे विकल्पों की ओर बढ़ सकता है। नर्सिंग के क्षेत्र में रजिस्ट्रेशन भी बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बिना संबंधित छात्र के लिए पेशेवर रूप से आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।
छात्रों का आरोप- ‘हमारी पढ़ाई का समय बर्बाद हो रहा’
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि नर्सिंग विवाद में जिन लोगों की गलती रही है, उनकी वजह से छात्रों का भविष्य नहीं रुकना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि नर्सिंग से जुड़े विवाद और कानूनी प्रक्रिया के कारण उनका शैक्षणिक सत्र लगातार प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में विद्यार्थियों की कोई गलती नहीं है, फिर भी उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि अगर समय पर परीक्षा होती, रिजल्ट जारी होता और डिग्री मिलती तो अब तक वे नौकरी कर रहे होते। लेकिन मौजूदा स्थिति में उन्हें पढ़ाई पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। छात्रों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि उन्हें अपनी पढ़ाई और भविष्य की योजना को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
‘सरकार हमारी सुन ही नहीं रही’
प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग छात्रों का कहना है कि वे कई दिनों से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वे तब तक धरना खत्म नहीं करेंगे, जब तक उनकी मुख्य मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि इस समय उनके हाथ में नौकरी होनी चाहिए थी, लेकिन वे नौकरी करने की जगह धरना देने को मजबूर हैं।
छात्रों की नाराजगी सिर्फ परीक्षा को लेकर नहीं है। वे डिग्री, रिजल्ट, रजिस्ट्रेशन नंबर और स्कॉलरशिप से जुड़े मामलों का भी जल्द समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद भी अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिलता तो नौकरी के रास्ते में फिर समस्या आ सकती है। इसलिए सभी प्रक्रियाओं को एक साथ पूरा करने की मांग की जा रही है।
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