बिग बॉस 20 शुरू होने से पहले ही विवादों में:ललित मोदी शो से जुड़ने की फर्जी खबरों पर भड़के, लीगल एक्शन लिया
आईपीएल के संस्थापक और बिजनेसमैन ललित मोदी, बिग बॉस 20 में शामिल होने की खबरों पर भड़क गए हैं। उन्होंने इन खबरों को फर्जी बताते हुए, इस तरह की खबरें फैलाने वालों को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने साफ कहा है कि वो न इस शो का हिस्सा बन रहे हैं और न ही बनेंगे। ललित मोदी ने शनिवार सुबह ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने लिखा, “फेक न्यूज। बस बात खत्म। मुझसे बिग बॉस 20 के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है। मैं बिग बॉस 20 में हिस्सा नहीं ले रहा हूं और न ही ऐसा करने का मेरा कोई इरादा है। आगे उन्होंने लिखा, यह वाकई हैरान करने वाली बात है कि बिना संबंधित व्यक्ति से पूछे, पूरी तरह मनगढ़ंत खबर भी “न्यूज” बन जाती है। मेरे वकीलों ने इस मामले में संलग्न कानूनी नोटिस जारी किया है। शायद अगली बार खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लेना चाहिए।” मोदी ने अपने वकीलों की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस को भी शेयर किया। उनके वकील हिरानी एंड एसोसिएट्स ने उन प्रकाशनों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को चेतावनी दी, जिन्होंने उनके बिग बॉस 20 में शामिल होने की खबरें चलाई थीं। नोटिस में खबरों को बताया झूठा और आधारहीन कानूनी नोटिस में कहा गया है कि ललित मोदी को बिग बॉस 20 का प्रतियोगी बनाए जाने की खबरें झूठी हैं। नोटिस में कहा गया, “हमारे मुवक्किल स्पष्ट करते हैं कि उक्त खबरें झूठी, आधारहीन और शरारतपूर्ण हैं। हमारे मुवक्किल से कार्यक्रम के निर्माताओं, प्रसारकों, चैनल या किसी प्रतिनिधि ने संपर्क नहीं किया है।” इसमें आगे कहा गया कि मोदी की ओर से किसी व्यक्ति को उनका प्रतिनिधित्व करने या उनकी तरफ से इस कार्यक्रम के बारे में बयान देने की अनुमति नहीं दी गई है। नोटिस के अनुसार, खबरें बिना जांच और अनुमति के प्रकाशित की गईं। इसमें बिग बॉस 20 से संबंध दिखाने के लिए मोदी के नाम, तस्वीर, फोटो, रूप, आवाज और उनकी पहचान से जुड़ी दूसरी चीजों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई गई। 6 सितंबर को प्रीमियर होगा बिग बॉस 20 इस बीच, बिग बॉस के 20वें सीजन को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। सलमान खान इस सीजन में भी शो के होस्ट के तौर पर लौट रहे हैं। बिग बॉस 20 का प्रीमियर 6 सितंबर को जियो हॉटस्टार और कलर्स पर होगा। शो के पहले ट्रेलर में नए फॉर्मेट की झलक दी गई है।
IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को रेप केस में जमानत नहीं:14 दिन की रिमांड में; मेडिकल स्टूडेंट ने ब्लैकमेल समेत 19 धाराओं में शिकायत की
IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को कथित रेप केस में जमानत नहीं मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पोरेल को 11 अगस्त को हुगली में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने एक मेडिकल स्टूडेंट की शिकायत के बाद उनसे पूछताछ की थी। शिकायत में युवती ने रेप, ब्लैकमेल और अन्य आरोप लगाए हैं। 23 साल के अभिषेक विकेटकीपर बैटर हैं। वे बंगाल के लिए 116 और IPL टीम दिल्ली कैपिटल्स के लिए 35 मैच खेल चुके हैं। दिल्ली ने उन्हें 4 करोड़ रुपए में रीटेन किया था। शादी का वादा कर रिश्ते का आरोप शिकायत के मुताबिक, युवती ने आरोप लगाया कि पोरेल ने शादी का वादा कर उसके साथ रिश्ता बनाया। रिश्ता खत्म होने के बाद उसने निजी तस्वीरें शेयर करने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में 19 धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर धाराएं गैर-जमानती हैं। दिल्ली में घटना का भी आरोप शिकायत में 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई कथित घटना का भी जिक्र है। युवती ने आरोप लगाया कि उसे एक जगह बंद रखा गया। उसे खाना नहीं दिया गया। इससे उसकी तबीयत काफी खराब हो गई थी। महिला ने यह भी दावा किया कि दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई थी। बाद में पोरेल के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिलने के बाद रिश्ता बिगड़ गया। हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला यह मामला पहले कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मगरा पुलिस स्टेशन को पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था। 11 अगस्त की सुनवाई में पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि पोरेल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें चूंचुड़ा कोर्ट में पेश किया जाएगा। क्रिकेटर ने आरोपों को झूठा बताया था क्रिकेटर अभिषेक पोरेल इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की गई है, तो आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। यह मामला मोगरा पुलिस स्टेशन में 23 जून 2026 को दर्ज किया गया था। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने पर कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के मामलों से जुड़ी है। यह तब लागू होती है, जब आरोपी ने शुरुआत से ही शादी करने का इरादा न रखते हुए महिला को शादी का भरोसा दिया और इसी आधार पर संबंध बनाए। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, हर टूटा हुआ शादी का वादा रेप नहीं माना जाता। अदालत यह देखती है कि आरोपी की शुरुआत से मंशा क्या थी। अगर दोनों के बीच सहमति से संबंध बने और बाद में किसी वजह से शादी नहीं हो सकी, तो इसे रेप नहीं माना जाता। खिलाड़ियों के लिए BCCI की गाइडलाइन BCCI खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भी अनुशासन और सावधानी बरतने की सलाह देता है। IPL और अन्य टूर्नामेंटों के दौरान खिलाड़ियों, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया से जुड़ी गाइडलाइंस होती हैं, जिनके तहत ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम होटल जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो या रील बनाने पर रोक रहती है। BCCI की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) खिलाड़ियों को हनी ट्रैप और अनधिकृत लोगों से संपर्क के खतरों को लेकर भी जागरूक करती है। इसके अलावा, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आचार संहिता का पालन जरूरी है और नियमों के उल्लंघन पर फटकार, जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर जब 4 दिन लगातार फील्डिंग करती रही टीम इंडिया:टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर की कहानी, 29 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड 2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। पूरी खबर
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