Trump on Hormuz: ‘होर्मुज अब अमेरिका का नया इलाका!’ ट्रंप ने शेयर किया नक्शा, ईरान में मचा हड़कंप
फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला रणनीतिक जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का सबसे संवेदनशील केंद्र बन गया है। वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा इस समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है, ऐसे में होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा और समुद्री आपूर्ति व्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए होर्मुज पर नियंत्रण का दावा किया है और इसे अमेरिकी क्षेत्र बनाने की बात कही है। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका की ओर से अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी किए जाने तक वह इस रणनीतिक जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए तैयार नहीं है।
ट्रंप ने शेयर किया होर्मुज का नक्शा, लिखा- ‘NEW US TERRITORY’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक विवादित नक्शा शेयर किया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “NEW US Territory” के तौर पर दिखाया गया है। यह पोस्ट उनके उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ संघर्ष में जीत के बाद वह होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने पर विचार करेंगे।
JUST IN: ???????????????? President Trump shares map showing Strait of Hormuz as a new US territory. pic.twitter.com/2WIcnFQeGD
— BRICS News (@BRICSinfo) August 18, 2026
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने दोहराया कि ईरान की प्रभावी नाकेबंदी के जरिए वाशिंगटन का इस रणनीतिक जलमार्ग पर पहले से ही पूरा नियंत्रण है और इसे अमेरिकी क्षेत्र बनाना एक बेहतरीन विचार है।
ईरान का दो टूक रुख, कहा- वादे पूरे होने तक बंद रहेगा जलमार्ग
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका होर्मुज जलमार्ग को दोबारा खोलने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि जब तक वाशिंगटन जून में हुए अंतरिम शांति समझौते और सहमति पत्र (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच जून महीने में हुआ यह अंतरिम समझौता बाद में टूट गया था, जिसके बाद यह तनातनी सीधे तौर पर समुद्री व्यापारिक गलियारे में तब्दील हो गई।
होर्मुज में जहाज पर हमला, क्रू मेंबर हताहत
इस सैन्य गतिरोध के बीच समुद्र में स्थिति और अधिक हिंसक हो गई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।
इस हमले के कारण जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य हताहत हो गया। घटना के बाद शेष चालक दल के सदस्यों को ओमानी कोस्ट गार्ड की मदद से सुरक्षित निकाला गया। अमेरिका ने ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और मार्ग शुल्क वसूलने का आरोप लगाते हुए नेविगेशन की स्वतंत्रता बहाल करने का दबाव तेज कर दिया है।
EPS Pension: ईपीएस हायर पेंशन क्लेम में देरी होगी कम? सरकार ने उठाए 4 बड़े कदम
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत हायर पेंशन के लिए बढ़ती संख्या में आए आवेदनों के कारण सामने आ रही देरी और लंबित मामलों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने चार अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने लोकसभा में बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने दावों के तेजी से निपटारे, कार्यालयों के बीच बेहतर तालमेल और तय समय में प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई प्रशासनिक उपाय शुरू किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़े आवेदन
हायर पेंशन के लिए आवेदनों की संख्या नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले के बाद तेजी से बढ़ी। कोर्ट ने पात्र कर्मचारियों को वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन अंशदान का विकल्प देने के अधिकार को बरकरार रखा था। इससे उन कर्मचारियों के लिए अधिक पेंशन पाने का रास्ता खुला, जिनका वेतन उस समय लागू 15,000 रुपये प्रति माह की सीमा से अधिक था।
बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों ने हायर पेंशन के लिए आवेदन किया। हालांकि, अचानक बढ़े मामलों के कारण कई क्षेत्रीय कार्यालयों में काम का दबाव बढ़ गया। पुराने अंशदान रिकॉर्ड में अंतर, नियोक्ताओं की ओर से सत्यापन में देरी और जरूरी दस्तावेजों की जांच जैसी वजहों से कई आवेदन लंबित रहे।
ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन की सुविधा
सरकार के अनुसार, EPFO ने हायर पेंशन के लिए ज्वाइंट ऑप्शन आवेदन जमा करने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इससे कागजी प्रक्रिया कम हुई है और आवेदन की जानकारी को एक केंद्रीय डिजिटल सिस्टम में दर्ज कर ट्रैक करना आसान हुआ है।
रिकॉर्ड की जांच के लिए तय प्रक्रिया
EPFO ने पुराने अंशदान और वेतन रिकॉर्ड की जांच के लिए व्यवस्थित और सख्त प्रक्रिया भी लागू की है। इसमें नियोक्ताओं की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और EPFO के रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है, ताकि वास्तविक वेतन और अंशदान से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की जा सके।
क्षेत्रीय कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश
जोनल और क्षेत्रीय EPFO कार्यालयों को हायर वेज पेंशन से जुड़े आवेदनों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर नियोक्ताओं से जुड़ी विसंगतियों को सुलझाने और लंबित मामलों को तय समय में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी निगरानी
EPFO के वरिष्ठ अधिकारी जोनल और क्षेत्रीय प्रमुखों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंस कर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। इन बैठकों में कितने दावे निपटाए गए, कहां प्रक्रिया अटकी है और किन कार्यालयों को अतिरिक्त मार्गदर्शन की जरूरत है, इसकी समीक्षा की जाती है। सरकार का लक्ष्य लंबित ज्वाइंट ऑप्शन आवेदनों के निपटारे में तेजी लाना और पात्र कर्मचारियों को हायर पेंशन का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है।
(प्रियंका कुमारी)
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