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14 मिलियन फैंस के बीच यश सिर्फ पत्नी राधिका को करते हैं फॉलो, जानें कौन हैं एक्टर की लेडी लव

Who is Yash Wife Radhika Pandit: कन्नड़ इंडस्ट्री के सुपरस्टार यश (Yash) इन दिनों अपनी टॉक्सिक (Toxic) और रामायण (Ramayana) फिल्मों को लेकर सुखिर्यों में बने हुए हैं. रामायण में उनके रावण के किरदार को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ वह टॉक्सिक में अपने किरदार से लोगों का दिल जीत रहे हैं. इन दिनों एक्टर टॉक्सिक के प्रमोशन में बिजी चल रहे हैं. हाल ही में वह एक शो में पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात की. इसी बातचीत के दौरान खुलासा हुआ कि वह 14 मिलियन फॉलोअर्स के बीच सिर्फ अपनी पत्नी राधिका पंडित (Radhika Pandit) को फॉलो करते हैं. जिसके बाद सोशल मीडिया पर राधिका को लेकर चर्चा होने लगी कि आखिर कौन हैं यश की लडी कल राधिका पंडित. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं. 

यश की पत्नी राधिका बनना चाहती थीं टीचर

राधिका पंडित का जन्म 7 मार्च 1984 को बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ था, उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई कॉन्वेंट स्कूल से की और माउंट कार्मेल कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई की. दिलचस्प बात यह है कि राधिका शुरू से ही एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं, इसलिए उनका टीचर बनने का सपना था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. साल 2007 में उन्हें बिना ऑडिशन के टीवी सीरियल ‘नंदगोकुला’ में लीड रोल का ऑफर मिल गया. इसी शो के सेट पर उनकी रॉकिंग स्टार यानी यश से पहली बार मुलाकात हुई. इसके बाद राधिका ने साल 2008 में फिल्म ‘मोगिना मनसु’ से कन्नड़ इंडस्ट्री में कदम रखा. इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. 

यश से पहले राधिका बन चुकी थीं स्टार

सबसे दिलचस्प बता यह है कि राधिका ने यश के पैन-इंडिया स्टार बनने से काफी पहले बड़ी पहचान बना ली थी. उनका कन्नड़ इंडस्ट्री में काफी बड़ा नाम हो चुका था. उस दौरान वह इंडस्ट्री की पॉपुलर और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं. उन्होंने ‘कृष्णन लव स्टोरी’, ‘अधूरी’ और ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’ जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया, इनमें उनके काम को लोगों ने खूब पसंद किया. वही, यश और राधिका ने ‘मोगिना मनसु’, ‘ड्रामा’, ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’ और ‘संतु स्ट्रेट फॉरवर्ड’ समेत कई प्रोजेक्ट्स में साथ काम किया. इस दौरान दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलती गई.

10 साल डेटिंग करने के बाद की शादी

यश और राधिका ने अपने रिलेशन को काफी लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रखना पसंद किया. बताया जाता है कि दोनों ने करीब 10 साल तक एक-दूसरे को डेट किया. इसके बाद अगस्त 2016 में दोनों ने गोवा में सगाई की और 9 दिसंबर 2016 को बेंगलुरु में शादी कर ली. इस शादी से राधिका के दो बच्चे हुए. उनकी बेटी आयरा का जन्म 2018 में हुआ, जबकि बेटे यथर्व का जन्म 2019 में हुआ.  राधिका ने 2019 में ‘आदि लक्ष्मी पुराण’ के बाद फिल्मों से दूरी बना ली और फैमिली और बच्चों की परवरिश पर फोकस करने लगीं. 

‘टॉक्सिक’ में यश के किरदार को लेकर क्या बोलीं राधिका

यश से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि टॉक्सिक में उनके किरदार को देखकर राधिका का कैसा रिएक्शन था. इस पर उन्होंने बताया कि पार्टनर के तौर राधिका को ऐसे सीन्स देखना पूरी तरह पसंद न आए, जो नेचुरल है. लेकिन राधिका खुद भी एक्ट्रेस रह चुकी हैं, तो वो सझमती हैं कि वह उनके काम का हिस्सा और स्क्रिप्ट की डिमांड होती है. इतना नहीं वह उन पर भरोसा भी करती हैं. वहीं, राधिका इस समय अपने बच्चों की परवरिश पर फोकस करने के साथ-साथ सोशल मीडिया ब्रांड एंडोर्समेंट और सोशल वर्क से भी जुड़ी हुई हैं. इसके अलावा वह यश के यशमार्ग फाउंडेशन भी संभाल रही हैं, जो ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या और किसानों से जुड़े मुद्दों पर काम करता है.

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गुजरात: रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद परिवार बीमार, 5 साल की बच्ची की मौत

सूरत, 18 अगस्त (आईएएनएस)। सूरत के वराछा इलाके में एक रेस्टोरेंट से मंगाया गया खाना खाने के बाद परिवार के पांच सदस्य बीमार पड़ गए और उनमें से एक पांच साल की बच्ची की मौत हो गई। जांच में खराब और गलत तरीके से रखा गया खाना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रेस्टोरेंट को बंद करवा दिया।

वराछा की रनुजाधाम सोसाइटी में रहने वाले अशोक कलसारिया के परिवार ने 15 अगस्त की शाम शीतल रेस्टोरेंट से पंजाबी खाना मंगवाया था, जिसमें काजू-पनीर की डिश भी शामिल थी।

कुछ ही घंटों में परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द जैसी समस्या आने लगी।

अशोक के चचेरे भाई भावेशभाई कलसारिया के अनुसार, सबसे पहले लक्षण 16 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे दिखे, जब अशोक और उनकी एक बेटी को पेट में तेज दर्द हुआ।

भावेशभाई ने बताया, उन्हें एक स्थानीय क्लिनिक ले जाया गया, जहां सुबह करीब 9 बजे दवाएं दी गईं, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

बाद में उसी दिन जब परिवार के बाकी सदस्यों की हालत बिगड़ने लगी तो सभी पांचों को इलाज के लिए पुनागाम के सदविचार अस्पताल ले जाया गया।

परिवार ने जिस पांच साल की बच्ची की पहचान आर्या के तौर पर की है, उसकी मौत 17 अगस्त की रात अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में लाए जाने के बाद हो गई। परिवार वालों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के करीब 15 से 20 मिनट के अंदर ही उसकी मौत हो गई।

अशोक, उनकी पत्नी और उनकी दो अन्य बेटियों का इलाज चल रहा है। परिवार ने बताया कि बचे हुए चार सदस्यों की मेडिकल जांच से फूड पॉइजनिंग का पता चला है।

हालांकि, बच्ची की मौत की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है और बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए स्मिमर अस्पताल भेजा है।

पैनल पोस्टमॉर्टम के आदेश दिए गए हैं और उम्मीद है कि इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्या मौत की वजह फूड पॉइजनिंग थी।

इस घटना के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने फोन पर पीड़ित परिवार से बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

उन्होंने घटना और चार मरीजों की हालत के बारे में जानकारी लेने के लिए सूरत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल पटेल और सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारी डॉ. उमरीगर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस भी की।

पानशेरिया ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित परिवार के सदस्यों को सही इलाज मिले और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जाए।

उन्होंने अधिकारियों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी कार्रवाई करने और अगर शीतल रेस्टोरेंट दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने (जिसमें रेस्टोरेंट को सील करना भी शामिल है) का भी निर्देश दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे पूरे गुजरात के रेस्तरां में सफाई, स्वच्छता और खाद्य-सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इस बीच, फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने शीतल रेस्तरां का निरीक्षण किया। एक अधिकारी ने बताया कि टीम को वहां खराब खाना और बिना ढकी हुई सब्जियां मिलीं।

अधिकारी ने कहा, फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने पर हमारी टीम मंगलवार सुबह यहां पहुंची। हमने निरीक्षण किया और खराब खाने की सभी चीजों को नष्ट करने का आदेश दिया। एक लड़की की मौत की जानकारी मिलने के बाद हमने पूरा रेस्तरां बंद कर दिया है।

अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चना दाल जैसी चीजें खराब पाई गईं, जबकि कुछ सब्जियां थोड़ी खराब हो चुकी थीं और उन्हें खुला छोड़ दिया गया था। पनीर भी खुला हुआ पाया गया।

निरीक्षण के दौरान खाने की चीजों को नष्ट कर दिया गया। अधिकारी ने कहा, हमें पता चला है कि उन्होंने 15 अगस्त को यहां से सब्जियां और अन्य सामान खरीदा था, जिसके बाद उन्हें फूड पॉइजनिंग हो गई। उन्होंने कहा कि रेस्तरां मालिक के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी ने यह भी कहा कि पहले इस प्रतिष्ठान से लिए गए सैंपल क्वालिटी टेस्ट में पास हो चुके थे।

परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे जिम्मेदारी तय करने से पहले रेस्तरां द्वारा सप्लाई किए गए खाने और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच करें।

जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि क्या रेस्तरां के दूषित खाने की वजह से बीमारी हुई और लड़की की मौत हुई।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

David Warner के बाद Australia की सलामी जोड़ी पर संकट, Matt Renshaw लौटे और Labuschagne के लिए बढ़ी मुश्किलें

ऑस्ट्रेलिया की टीम को बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली शर्मनाक हार के बाद चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लिया है। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट के बाद जैक वेदराल्ड को टीम से बाहर कर दिया गया है। अब उनकी जगह मैट रेनशॉ को अगले टेस्ट के लिए शुरुआती बल्लेबाज के तौर पर मौका मिलने की उम्मीद है।

जैक वेदराल्ड के लिए डार्विन टेस्ट की शुरुआत बेहद खराब रही थी। पहली गेंद पर उन्होंने ऑफ स्टंप से काफी बाहर जाती गेंद पर गलत शॉट खेलने की कोशिश की। इसके बाद अगली गेंद भी ज्यादा प्रभावी नहीं रही। तीसरी गेंद पर उन्होंने ऑफ स्टंप के करीब आई गेंद को काटने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर विकेटों पर जा लगी। इस तरह छह मिनट से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई।

वेदराल्ड के लिए यह मुकाबला खास था क्योंकि डार्विन को उनकी घरेलू वापसी के लिए सही मंच माना जा रहा था। लेकिन वह मौके का फायदा नहीं उठा सके। छह टेस्ट में उनके नाम केवल एक अर्धशतक है और उनका बल्लेबाजी औसत 20.36 रहा है। ऐसे प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की हार ने उनकी स्थिति और कमजोर कर दी।

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में अपने तेज गेंदबाजों के दम पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन बांग्लादेश के शीर्ष क्रम ने उन्हें काफी आसानी से खेला। इसी वजह से चयनकर्ताओं के सामने ऊपरी क्रम में बदलाव का दबाव बढ़ गया। माना जा रहा है कि अगर ऑस्ट्रेलिया डार्विन में हार से बच जाता तो वेदराल्ड को एक और मौका मिल सकता था।

अब मैट रेनशॉ के लिए वापसी का रास्ता खुल गया है। रेनशॉ ने पिछले घरेलू सत्र में क्वींसलैंड के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने शेफील्ड शील्ड में 46.09 की औसत से रन बनाए और दो शतक भी लगाए। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया की एशेज टीम में वेदराल्ड से पीछे रह गए थे।

गौरतलब है कि रेनशॉ ने अब तक 14 टेस्ट खेले हैं और उनकी पिछली तीन टेस्ट पारियां मध्यक्रम में आई थीं। उनका आखिरी टेस्ट मैच 2023 की शुरुआत में दिल्ली में हुआ था। अब मैके में उन्हें फिर से पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी मिल सकती है। इससे पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में भी सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई थी।

वॉर्नर के संन्यास के बाद से ऑस्ट्रेलिया अब तक नौ अलग-अलग सलामी बल्लेबाज आजमा चुका है। ऐसे में रेनशॉ के लिए यह मौका बेहद अहम है। उनके मार्गदर्शक उस्मान ख्वाजा भी लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में लौटकर सफल रहे थे और रेनशॉ उनसे प्रेरणा ले सकते हैं।

दूसरी ओर, मार्नस लाबुशेन पर भी दबाव बढ़ गया है। कोच और चयनकर्ता एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने उन्हें साफ संकेत दिया है कि टीम में जगह बनाए रखने के लिए उन्हें बड़ी पारियां खेलनी होंगी। डार्विन की दूसरी पारी में लाबुशेन ने 31 रन बनाए और तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका खेल बेहतर नजर आया, लेकिन मैकडोनाल्ड के मुताबिक यह पारी सिर्फ 31 रन तक ही सीमित रही।

लाबुशेन का टेस्ट औसत अब 44.16 तक गिर चुका है, जबकि एक समय उनका औसत 60 के आसपास था। तीन साल से टेस्ट शतक नहीं लगा पाने के कारण मैके में उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। अगले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य श्रृंखला बराबर करना होगा, क्योंकि घरेलू मैदान पर बांग्लादेश से श्रृंखला हारना टीम के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
Tue, 18 Aug 2026 22:18:05 +0530

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