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200 KMPH की स्पीड से आया हरिकेन लाला, हाईवे का चूरन बन गया, और तगड़ा होकर आ रहा है चक्रवाती तूफान

Hurricane Lala : प्रशांत महासागर में उठे खतरनाक तूफान 'लाला' ने हवाई द्वीप में भारी तबाही मचाई है. 225 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और 3 फीट से ज्यादा बारिश ने मुख्य हाईवे को पूरी तरह तबाह कर दिया. ये तूफान जमीन से सीधे नहीं टकराया. इसके बावजूद 'ओरोग्राफिक एन्हांसमेंट' की वजह से बिग आइलैंड पर भयंकर बाढ़ आ गई और पहाड़ों पर बर्फबारी देखने को मिली. हवाई को पार करने के बाद 'लाला' फिर से मजबूत होकर हरिकेन बन गया है. दूसरी तरफ, मैक्सिको तट के पास दो नए समुद्री बवंडर बन रहे हैं.

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MP के सरकारी स्कूलों के लिए बड़ा प्लान, भवन विहीन स्कूलों को मिलेगी बिल्डिंग, शिक्षकों की उपस्थिति से मिड-डे मील तक होगी निगरानी

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बिल्डिंग, साफ शौचालय, पीने के पानी और बेहतर क्लास रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। भवन विहीन स्कूलों के लिए बिल्डिंग की व्यवस्था की जाएगी, वहीं जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त क्लास रूम और छात्रावास भी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील और स्कूलों के नियमित निरीक्षण से लेकर सोशल ऑडिट तक की व्यवस्था करने की तैयारी है।

स्कूल शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर तैयार कार्ययोजना में उन स्कूलों पर खास फोकस किया गया है, जिनके पास अपना भवन नहीं है या जिनकी कक्षाएं किसी दूसरे स्कूल की बिल्डिंग में चल रही हैं। ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर जरूरत के मुताबिक भवन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के जरिए बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर भी काम किया जा रहा है। इसी के साथ दूसरे सरकारी स्कूलों में मौजूद बुनियादी कमियों को दूर करने को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है।

शिक्षक आए या नहीं, नियमित होगा आकलन

स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति का नियमित आकलन किया जाएगा। इसके साथ पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और स्कूल से लगातार जोड़ने के लिए पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) नियमित रूप से कराने की तैयारी है।

स्कूलों के पूर्व छात्रों को भी अपने पुराने विद्यालय से जोड़ने की योजना है, जिससे स्कूल में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने में उनका सहयोग लिया जा सके। वहीं निजी स्कूलों के संचालन पर भी नजर रखने की बात कार्ययोजना में कही गई है।

स्कूलों का होगा सोशल ऑडिट

सरकारी स्कूलों के नियमित निरीक्षण के साथ अब सोशल ऑडिट की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का सहयोग लिया जाएगा। स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और उनकी स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी।

स्कूल बिल्डिंग की रंगाई-पुताई, साफ पेयजल, इस्तेमाल करने लायक शौचालय और कक्षाओं में बेहतर ब्लैक बोर्ड जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर फोकस रहेगा। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या के मुकाबले क्लास रूम कम हैं, वहां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्ष बनाने की व्यवस्था की जाएगी।

मिड-डे मील की भी होगी समीक्षा

बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी। जहां कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार छात्रावास सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जाएगा।

बारिश या दूसरी खराब मौसमी परिस्थितियों के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में जरूरी इंतजाम करने की बात भी कार्ययोजना में शामिल है। इसके अलावा स्कूल परिसरों में बिना अनुमति वीडियो बनाने या दूसरी अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाने की व्यवस्था की जाएगी।

सरकार का फोकस स्कूलों में केवल नई बिल्डिंग या कमरे बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षक की मौजूदगी, बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई और अभिभावकों की भागीदारी को भी स्कूलों की निगरानी का हिस्सा बनाया जाएगा।

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  Sports

David Warner के बाद Australia की सलामी जोड़ी पर संकट, Matt Renshaw लौटे और Labuschagne के लिए बढ़ी मुश्किलें

ऑस्ट्रेलिया की टीम को बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली शर्मनाक हार के बाद चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लिया है। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट के बाद जैक वेदराल्ड को टीम से बाहर कर दिया गया है। अब उनकी जगह मैट रेनशॉ को अगले टेस्ट के लिए शुरुआती बल्लेबाज के तौर पर मौका मिलने की उम्मीद है।

जैक वेदराल्ड के लिए डार्विन टेस्ट की शुरुआत बेहद खराब रही थी। पहली गेंद पर उन्होंने ऑफ स्टंप से काफी बाहर जाती गेंद पर गलत शॉट खेलने की कोशिश की। इसके बाद अगली गेंद भी ज्यादा प्रभावी नहीं रही। तीसरी गेंद पर उन्होंने ऑफ स्टंप के करीब आई गेंद को काटने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर विकेटों पर जा लगी। इस तरह छह मिनट से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई।

वेदराल्ड के लिए यह मुकाबला खास था क्योंकि डार्विन को उनकी घरेलू वापसी के लिए सही मंच माना जा रहा था। लेकिन वह मौके का फायदा नहीं उठा सके। छह टेस्ट में उनके नाम केवल एक अर्धशतक है और उनका बल्लेबाजी औसत 20.36 रहा है। ऐसे प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की हार ने उनकी स्थिति और कमजोर कर दी।

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में अपने तेज गेंदबाजों के दम पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन बांग्लादेश के शीर्ष क्रम ने उन्हें काफी आसानी से खेला। इसी वजह से चयनकर्ताओं के सामने ऊपरी क्रम में बदलाव का दबाव बढ़ गया। माना जा रहा है कि अगर ऑस्ट्रेलिया डार्विन में हार से बच जाता तो वेदराल्ड को एक और मौका मिल सकता था।

अब मैट रेनशॉ के लिए वापसी का रास्ता खुल गया है। रेनशॉ ने पिछले घरेलू सत्र में क्वींसलैंड के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने शेफील्ड शील्ड में 46.09 की औसत से रन बनाए और दो शतक भी लगाए। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया की एशेज टीम में वेदराल्ड से पीछे रह गए थे।

गौरतलब है कि रेनशॉ ने अब तक 14 टेस्ट खेले हैं और उनकी पिछली तीन टेस्ट पारियां मध्यक्रम में आई थीं। उनका आखिरी टेस्ट मैच 2023 की शुरुआत में दिल्ली में हुआ था। अब मैके में उन्हें फिर से पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी मिल सकती है। इससे पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में भी सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई थी।

वॉर्नर के संन्यास के बाद से ऑस्ट्रेलिया अब तक नौ अलग-अलग सलामी बल्लेबाज आजमा चुका है। ऐसे में रेनशॉ के लिए यह मौका बेहद अहम है। उनके मार्गदर्शक उस्मान ख्वाजा भी लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में लौटकर सफल रहे थे और रेनशॉ उनसे प्रेरणा ले सकते हैं।

दूसरी ओर, मार्नस लाबुशेन पर भी दबाव बढ़ गया है। कोच और चयनकर्ता एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने उन्हें साफ संकेत दिया है कि टीम में जगह बनाए रखने के लिए उन्हें बड़ी पारियां खेलनी होंगी। डार्विन की दूसरी पारी में लाबुशेन ने 31 रन बनाए और तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका खेल बेहतर नजर आया, लेकिन मैकडोनाल्ड के मुताबिक यह पारी सिर्फ 31 रन तक ही सीमित रही।

लाबुशेन का टेस्ट औसत अब 44.16 तक गिर चुका है, जबकि एक समय उनका औसत 60 के आसपास था। तीन साल से टेस्ट शतक नहीं लगा पाने के कारण मैके में उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। अगले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य श्रृंखला बराबर करना होगा, क्योंकि घरेलू मैदान पर बांग्लादेश से श्रृंखला हारना टीम के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
Tue, 18 Aug 2026 22:18:05 +0530

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