Responsive Scrollable Menu

बीच पिच पर केएल राहुल ने देवदत्त पड्डीकल को क्यों किया किस, उपकप्तान के गॉल में गदगद होने की वजह क्या थी?

kl rahul devdutt paddikal bromance: पहले टेस्ट के चौथे दिन मैदान पर ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला पल देखने को मिला. केएल राहुल LBW आउट दिए जाने के बाद लगभग पवेलियन लौटने ही वाले थे, लेकिन देवदत्त पडिक्कल ने उन्हें रिव्यू लेने के लिए मना लिया. DRS ने राहुल को जीवनदान दे दिया. इसके बाद राहुल ने बिना देर किए पडिक्कल को गले लगाया और उनका शुक्रिया अदा किया.

Continue reading on the app

ऑस्ट्रेलिया में शोधकर्ताओं ने ग्रेट बैरियर रीफ की स्थिति का पता लगाने के लिए नया फ्रेमवर्क बनाया

कैनबरा, 18 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया में शोधकर्ताओं ने ग्रेट बैरियर रीफ पर जलवायु परिवर्तन से पड़ने वाले प्रभाव पर सही तरीके से जानकारी जुटाने के लिए एक नया फ्रेमवर्क बनाने में 30 साल से ज्यादा के डेटा का इस्तेमाल किया है।

यह फ्रेमवर्क समय के साथ कोरल रीफ के खराब होने को मापता है और अन्य शोधकर्ताओं को रीफ की हेल्थ चेक करने में मदद देता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी (यूएसवाईडी) ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, इसका इस्तेमाल कोरल ब्लीचिंग, चक्रवात और बाढ़ जैसी गंभीर घटनाओं के रीफ पर पड़ने वाले असर को मापने के लिए किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने 1995 से अब तक का डेटा विश्लेषित किया, जिसमें कोरल कवर और शैवाल की वृद्धि पर फोकस किया गया। ज्यादा कोरल कवर का मतलब है कि रीफ स्वस्थ समुद्री जीवन को सहारा दे सकता है, और शैवाल का अधिक होना रीफ के खराब स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है।

सिन्हुआ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, शोध टीम ने रीफ सिस्टम में व्यापक रूप से अलग-अलग होने वाले पूर्ण कोरल कवर पर भरोसा करने के बजाय, हर रीफ की तुलना 1980 के दशक के अंत से एकत्र किए गए उसके अपने ऐतिहासिक डेटा से की।

यूएसवाईडी की पीएचडी कैंडिडेट और समुद्री पर्यावरण अनुसंधान में प्रकाशित स्टडी की प्रमुख लेखिका केट व्हिटन ने कहा, एक जगह पर 30 फीसदी कोरल कवर वाली रीफ को स्वस्थ माना जा सकता है, लेकिन दूसरी जगह पर यही गिरावट का बड़ा संकेत हो सकता है।

इस स्टडी में रीफ के लिए तीन पारिस्थितिक श्रेणियां बनाई गईं, स्वस्थ, संघर्षरत और खतरे में।

व्हिटन ने कहा कि यह फ्रेमवर्क वैज्ञानिकों को खतरे में पड़ी रीफ की पहचान करने और रिकवरी में मदद के लिए समय पर कार्रवाई करने की सिफारिश में मदद कर सकता है।

इसमें पाया गया कि जब कोरल कवर ऐतिहासिक अधिकतम स्तर के लगभग 65 फीसदी से नीचे गिर जाता है, तो रीफ आमतौर पर संघर्ष की स्थिति में चले जाते हैं। वहीं, 35 फीसदी से नीचे की गिरावट खतरे वाली अवस्था से जुड़ी थी। इस अवस्था में शैवाल बढ़ जाते हैं और रीफ बनाने वाले कोरल में भारी गिरावट आती है।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जटिल आकार वाले कोरल, साधारण गोल कोरल की तुलना में ज्यादा प्रभावित होने वाली श्रेणी में आते हैं। इसकी वजह से रीफ चपटे हो जाते हैं, मछलियों के लिए छिपने की जगहें कम हो जाती हैं और तूफानी लहरों से बचाव भी घट जाता है। इससे जीवों का पनपना और कोरल का दोबारा बढ़ना मुश्किल हो जाता है।

ग्रेट बैरियर रीफ ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास प्रशांत महासागर में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति (कोरल रीफ) प्रणाली है। यह 2,300 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली है और इसमें 2,900 से अधिक अलग-अलग चट्टानों के साथ ही 900 द्वीप भी शामिल हैं। इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: 6 गेंदों में खेल खत्म कर देगी टीम इंडिया! गॉल टेस्ट में चौथे दिन ऐसे कसा शिकंजा

IND vs SL 1st Test: गॉल टेस्ट मैच का चौथा दिन काफी रोमांचक रहा. भारत की दूसरी पारी 193 रनों पर सिमट गई. लेकिन दिन का खेल खत्म होते-होते गेंदबाजों ने मुकाबले पर पकड़ मजबूत करवा दी. Tue, 18 Aug 2026 18:57:12 +0530

  Videos
See all

ग्रेटर नोएडा हॉस्टल में भीषण आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका #fire #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-18T13:45:54+00:00

यूपी में हैट्रिक की तैयारी | CM Yogi | Satish Poonia| UP Assembly Election | Uttar Pradesh | #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-18T13:45:22+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers