खेसारी लाल ने गोविंदा और सुनीता की बिखरी शादी का उड़ाया मजाक! बोले- 'मुझे डरने की जरूरत नहीं है, मेरी वाली बेचारी...'
Khesari lal comment on Govinda-Sunita Ahuja: भोजपुरी इंडस्ट्री के स्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आए गए हैं. जिसमें वह गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिलेशन और बिखरी शादी का कथित तौर पर मजाक उड़ाते हुए नजर आए. दरअसल, एक इवेंट के दौरान एक्टर ने गोविंदा को लेकर ऐसा कमेंट किया, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग तरह का रिएक्शन दे रहे हैं. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या कहा है.
खेसारी ने गोविंदा का नाम लेकर किया मजाक
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप में खेसारी लाल यादव एक महिला से बातचीत करते दिखाई दिए. बातचीत के दौरान दोनों गोविंदा के अफेयर और शादीशुदा लाइफ को लेकर बात करते नजर आए. इसी दौरान खेसारी ने गोविंदा का नाम लेकर लेकर कहा, 'गोविंदा जी को देख रही हैं ना?' इतना कहने के बाद वह जोर-जोर हंसने लगे. उनकी बात सुनकर महिला ने भी हंसी ठहाके लगाते हुए कहा, 'सबकी बीवी में आजकल पावर आ रही है.' इस पर खेसारी ने अपनी पत्नी का जिक्र करते हुए जवाब दिया, 'मुझे डरने की जरूरत नहीं है. मेरी वाली बेचारी को सब कुछ पता है.' महिला ने भी कहा, 'मुझे भी सब पता है.' इसके बाद दोनों हंसी के ठहाके लगाने लगे. सोशल मीडिया यूजर्स को उनका ये बिहेवियर पसंद नहीं आया.
गोविंदा और सुनीता के बीच क्या विवाद चल रहा है?
दरअसल, पिछले कुछ समय से गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी में उथल पुथल मची हुई है. सोशल मीडिया पर भी दोनों की पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. जहां गोविंदा आमतौर पर अपनी शादी और निजी रिश्ते को लेकर पब्लिक में ज्यादा बात करने से बचते हैं, वहीं सुनीता आहूजा कई मौकों पर अपने पति की आलोचना करती हुई दिखाई. सुनीता आहूजा का मानना है कि गोविंदा का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है. जिसकी वजह से दोनों की शादीशुदा लाइफ में परेशानी देखने को मिल रही है.
सुनीता आहूजा के बयानों से भी बढ़ी थीं चर्चाएं
सुनीता आहूजा ने कई बार अपने पति गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर नाराजगी जाहिर की है. वह अपने बयानों में गोविंदा के कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर भी सवाल उठाती हुई नजर आती हैं. हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि गोविंदा का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है.
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कोमल संग अफेयर को लेकर दी थी सफाई
वहीं, सुनीता आहूजा ने एक पुराने इंटरव्यू में भी 'कोमल' नाम का जिक्र किया था. इसको लेकर गोविंदा ने न्यूज एजेंसी एएनआई संग बातचीत में कोमल को लेकर कहा था कि वह उनके बेहद आभारी हैं. बिना वजह विवादों में घसीटे जाने के बावजूद उन्होंने किसी के खिलाफ कोई गलत बात नहीं कही. ऐसे में जब गोविंदा के अफेयर की खबरें उड़ने लगी तो रानी स्वर्णकार का पूरा नाम कोमल रानी स्वर्णकार कहा जाने लगा. पैपराजी से बातचीत में एक्टर ने कहा था, 'मैम का नाम रानी स्वर्णकार (Rani Swarnkar) है. यही नाम से उन्हें बुलाया जाए.' वहीं, अब देखना दिलचस्प होगा कि खेसारी लाल गोविंदा की शादी को लेकर किए गए मजाक को लेकर कोई सफाई देते हैं या नहीं.
Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री बंद! भजनलाल सरकार के नए फैसले पर सवाल
Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल व्यवस्थाओं और बदहाली के बीच अब भजनलाल सरकार ने नया और विवादित फैसला ले लिया है. इस फैसले के तहत शिक्षा विभाग ने स्कूलों की कमियों में सुधार करने की बजाय, वहां मीडिया और अन्य बाहरी लोगों को नो एंट्री का फरमान सुना रही है. राजस्थान सरकार द्वारा जारी किए गए इस आदेश के बाद प्रदेश में बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा होने लगा है. इस पर अब विपक्षी दल इसे 'तुगलकी फरमान' बताते हुए सरकार की नाकामियों और बदहाली छिपाने का आरोप लगा रही है.
क्या है नया फैसला?
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक ललित कुमार ने यह नया आदेश 16 अगस्त को जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक, अब प्रदेश के किसी भी सरकारी स्कूल में कोई भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिल सकेगा. स्कूल परिसर में प्रवेश करने के लिए प्रिंसिपल का लिखित आदेश जरूरी हो गया है. मीडिया या कोई भी अन्य व्यक्ति न तो स्कूल परिसर में जा सकेगा और न ही वहां के बच्चों से बात कर सकेगा. इससे स्कूलों की बदहाली की तस्वीरें और वीडियो बाहर नहीं आ सकेंगे. आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई इन नियमों को तोड़ता है तो बच्चों की गरिमा और निजता के नाम पर उसके खिलाफ POCSO, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा. आदेश जारी होते ही स्कूल के गेट पर भी लगा दिए गए हैं.
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क्यों जारी हुआ यह विवादित आदेश?
दरअसल, राज्य में 84 हजार से ज्यादा कक्षाएं बद्त्तर हालात में हैं, जिन्हें कोर्ट के आदेश पर बंद करना पड़ा था. बच्चों को बिजली-पानी, शौचालय और शिक्षकों की कमी को लेकर आए दिन सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों में लगातार मीडिया और विपक्षी दलों ने राज्य के कई जिलों को सार्वजनिक रूप से पेश किया था. इस पर हाईकोर्ट ने भी सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी. माना जा रहा है कि सरकार खुद को बचाने और कमियों पर पर्दा डालने के लिए ऐसा कर रही है.
शिक्षा मंत्री के अजीबोगरीब बयान
नए आदेश पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान फिर चर्चा का विषय बन गया है. पहले उन्होंने मीडिया से कहा कि "मैं कुछ लोगों से सुन रहा हूं कि विद्यालय में किसी के जाने और रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध लगाया गया है." अपने ही विभाग के आदेश को 'सुना है' कहने के बाद, मंत्री ने सफाई पेश कि है कि यह फैसला बच्चों की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
विधानसभा में विपक्ष का प्रहार
राजस्थान शिक्षा विभाग के इस आदेश पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने ऐतराज जताया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. टीकाराम जूली ने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए यह ऐलान किया है कि 20 अगस्त से शुरू हो रहे राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे और सरकार के इस आदेश को वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा.
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