कुदरती आपदाएं हों या मानवीय हिमाकतों से उपजी विभिन्न किस्म की समस्याएं, प्रत्येक संकटों के वक्त ईश्वर हर मानव को मानवता दिखाने का अवसर देता है। भगवान की इस अदृश्य परीक्षा में कुछ पास होते हैं तो कुछ असफल। आज ‘विश्व मानवतावादी दिवस’ है जो प्रत्येक मानव को मानवता दिखाने के लिए प्रेरित और जागरूक करता है। प्रतिवर्ष 19 अगस्त की तारीख को समूचे संसार में एक साथ ये दिवस मनाया जाता है। दिवस उन मानवीय सहायता कर्मियों, शांति सैनिकों, सिविल डिफेंस, सुरक्षाकर्मियों, को समर्पित है, जो विकराल संकटों में निर्बलों और असहायों की मदद के लिए अपने प्राणों को दांव पर लगाकर औरों के जीवन को बचाते हैं। पर, अफसोस अब आए दिन ऐसे सुरक्षाकर्मियों पर भी हमले होने लगे हैं। जबकि, रक्षाकर्मी सदैव सम्मान के पात्र रहे हैं। मानवतावाद, मानवीय प्रणाली के सभी भागीदारों को एकजुट करके संकट से प्रभावित लोगों के अस्तित्व, कल्याण और गरिमा के लिए मानवीय कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और संरक्षण की वकालत करता है। पूरे भारत में करीब 11 करोड़ सिविल डिफेंस कर्मी हैं। सिर्फ दिल्ली में एक लाख 34 हजार वाॅलंटियर्स हैं। इसके अलावा विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं से भी लोग जुड़े हैं। वैश्विक धरा पर शांति सैनिकों की संख्या 60 करोड़ के आसपास है।
मानवतावादी दिवस की शुरुआत 2008 में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बाद हुई थी। प्रस्तावना बगदाद में घटी 19 अगस्त 2003 को एक हृदय विदारक घटना को आधार बनाकर हुई। बगदाद शहर के प्रसिद्ध पांच सितारा होटल ‘कैनाल ब्लू’ में आतंकियों ने सुबह के समय भयानक बम ब्लास्ट किया, जिसमें करीब 22 होटल कर्मी मारे गए और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए। ब्लास्ट किचन एरिया और सर्वेंट रूमों के अलावा उन जगहों पर किया गया जहां होटल कर्मियों की ही मौजूदगी थी। ब्लास्ट की आवाज सुनकर होटल में रह रहे लोग मदद को भागे। होटल में 208 कमरें थे और सभी में मेहमानों की मौजूदगी थी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना ना सिर्फ 85 कर्मियों को बचाया, बल्कि मानवीय सिद्वांतों की अलख जगाकर पूरे विश्व में संदेश दिया कि विकट परिस्थिियों में मदद के लिए कभी मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। मानवीय गरिमा को बनाए रखने में प्रत्येक मानव को खुद की जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। इसलिए पहला धर्म यही है कि नागरिकों, मानवीय सहायता कर्मियों और शांति सैनिकों का सम्मान करके उनकी रक्षा जनमानस को करनी चाहिए।
अभी हाल में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हमले हुए थे, जिसकी भारत सरकार ने भी कड़ी निंदा की और कहा है कि शांति सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक प्रस्ताव पेश करने का आह्वान भी किया है। भारत, शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों में अग्रणी रहा है। इस संदर्भ में भारत ने नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का नेतृत्व भी किया है, जिसका उद्देश्य शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही तय करना है।
आज का दिन जनमानस को मानवतावादी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने और वैश्विक संकट से जूझते लोगों की मदद के लिए खड़े होने का आहवान करता है। सुरक्षाकर्मियों पर होने वाले हमले बेहद निंदनीय और किसी भी देश की कानून-व्यवस्था पर घोर आघात जैसा है। शांति बनाए रखने वाले जवानों पर हिंसा समाज और लोकतंत्र पर कालिख समान है। मानवीय सहायता कर्मियों पर हमलों के परिणाम प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित व्यक्तियों से कहीं अधिक व्यापक होते हैं। ये हमले खाद् आपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षा और अन्य जीवन रक्षक सेवाओं को बाधित करते हैं, जिससे समुदायों के पास जीवित रहने और उबरने के साधन और भी कम हो जाते हैं। इसलिए सभी को आज के दिन संकल्पित होना चाहिए कि मदद के वक्त खड़ा होना चाहिए और सुरक्षाकर्मियों को सम्मान प्रदान करना चाहिए।
- डॉ. रमेश ठाकुर
सदस्य, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (NIPCCD), भारत सरकार!
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Khesari lal comment on Govinda-Sunita Ahuja: भोजपुरी इंडस्ट्री के स्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आए गए हैं. जिसमें वह गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिलेशन और बिखरी शादी का कथित तौर पर मजाक उड़ाते हुए नजर आए. दरअसल, एक इवेंट के दौरान एक्टर ने गोविंदा को लेकर ऐसा कमेंट किया, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग तरह का रिएक्शन दे रहे हैं. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या कहा है.
खेसारी ने गोविंदा का नाम लेकर किया मजाक
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप में खेसारी लाल यादव एक महिला से बातचीत करते दिखाई दिए. बातचीत के दौरान दोनों गोविंदा के अफेयर और शादीशुदा लाइफ को लेकर बात करते नजर आए. इसी दौरान खेसारी ने गोविंदा का नाम लेकर लेकर कहा, 'गोविंदा जी को देख रही हैं ना?' इतना कहने के बाद वह जोर-जोर हंसने लगे. उनकी बात सुनकर महिला ने भी हंसी ठहाके लगाते हुए कहा, 'सबकी बीवी में आजकल पावर आ रही है.' इस पर खेसारी ने अपनी पत्नी का जिक्र करते हुए जवाब दिया, 'मुझे डरने की जरूरत नहीं है. मेरी वाली बेचारी को सब कुछ पता है.' महिला ने भी कहा, 'मुझे भी सब पता है.' इसके बाद दोनों हंसी के ठहाके लगाने लगे. सोशल मीडिया यूजर्स को उनका ये बिहेवियर पसंद नहीं आया.
गोविंदा और सुनीता के बीच क्या विवाद चल रहा है?
दरअसल, पिछले कुछ समय से गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी में उथल पुथल मची हुई है. सोशल मीडिया पर भी दोनों की पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. जहां गोविंदा आमतौर पर अपनी शादी और निजी रिश्ते को लेकर पब्लिक में ज्यादा बात करने से बचते हैं, वहीं सुनीता आहूजा कई मौकों पर अपने पति की आलोचना करती हुई दिखाई. सुनीता आहूजा का मानना है कि गोविंदा का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है. जिसकी वजह से दोनों की शादीशुदा लाइफ में परेशानी देखने को मिल रही है.
सुनीता आहूजा के बयानों से भी बढ़ी थीं चर्चाएं
सुनीता आहूजा ने कई बार अपने पति गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर नाराजगी जाहिर की है. वह अपने बयानों में गोविंदा के कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर भी सवाल उठाती हुई नजर आती हैं. हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि गोविंदा का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है.
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कोमल संग अफेयर को लेकर दी थी सफाई
वहीं, सुनीता आहूजा ने एक पुराने इंटरव्यू में भी 'कोमल' नाम का जिक्र किया था. इसको लेकर गोविंदा ने न्यूज एजेंसी एएनआई संग बातचीत में कोमल को लेकर कहा था कि वह उनके बेहद आभारी हैं. बिना वजह विवादों में घसीटे जाने के बावजूद उन्होंने किसी के खिलाफ कोई गलत बात नहीं कही. ऐसे में जब गोविंदा के अफेयर की खबरें उड़ने लगी तो रानी स्वर्णकार का पूरा नाम कोमल रानी स्वर्णकार कहा जाने लगा. पैपराजी से बातचीत में एक्टर ने कहा था, 'मैम का नाम रानी स्वर्णकार (Rani Swarnkar) है. यही नाम से उन्हें बुलाया जाए.' वहीं, अब देखना दिलचस्प होगा कि खेसारी लाल गोविंदा की शादी को लेकर किए गए मजाक को लेकर कोई सफाई देते हैं या नहीं.
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