सीएम योगी ने PRD जवानों को दी सौगात, कैशलैस इलाज के साथ बढ़ाया ड्यूटी भत्ता
UP News: सीएम योगी ने मंगलवार को प्रांतीय रक्षक दल (PRD) जवानों को भी बड़ा तोहफा दिया. जिसके तहत अब इन जवानों को सपरिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही सीएम योगी ने पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ता में भी बढ़ोतरी कर दी. बता दें कि सीएम योगी ने अपने कार्यकाल में इससे पहले भी पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ा चुके हैं. इस तरह से सीएम योगी ने पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता चौथी बार बढ़ा दिया. सीएम योगी ने कहा कि अब पीआरडी जवानों को 500 रुपये की बजाय प्रतिदिन 600 रुपये ड्यूटी भत्ता मिलेगा.
पीआरडी जवानों के सम्मेलन में शामिल हुए सीएम योगी
बता दें कि सीएम योगी गोरखपुर के योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में शामिल हुए. इस दौरान सीएम योगी ने पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण किया और इसके साथ 'मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना' की शुरुआत की. इसके साथ ही सीएम योगी ने लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का भी शिलान्यास किया. इसके बाद सीएम योगी ने पीआरडी जवानों को संबोधित किया.
हमने पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता वर्ष 2022 में बढ़ाकर ₹395 किया था, जिसे पिछले वर्ष ₹500 किया गया। अब हम इसमें फिर वृद्धि करते हुए इसे ₹600 करने जा रहे हैं।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 18, 2026
—मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/IYo02PhEbk
2019 तक पीआरडी जवानों को मिलते थे सिर्फ 250 रुपये
इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि 1948 में गठित पीआरडी के स्वयंसेवकों को 2019 तक सिर्फ 250 रुपये दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था. सीएम ने कहा कि 2019 में उन्होंने इसे बढ़ाकर 375 रुपये कर दिया. उसके बाद 2022 में इसे बढ़ाकर 395 रुपये और 2025 में भत्ता वृद्धि कर इसे 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया था. सीएम योगी ने कहा, "अब पीआरडी स्वयंसेवकों का भत्ता 500 से रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पीआरडी जवानों के लिए 75 वर्ष में भत्ता राशि सिर्फ 250 रुपये तक ही थी, जबकि पिछले 8 साल में यह 250 से बढ़कर 600 रुपये होने जा रहा है. यह बढ़ोतरी सौ प्रतिशत से भी अधिक है.
हम प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता ₹600 करने जा रहे हैं।
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—मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/sbpgIGy3sl
समर्पण भाव अपनी भूमिका निभाते हैं PRD जवान- सीएम योगी
सीएम योगी ने पीआरडी जवानों को संबोधित करते हुए कहा, "यूपी में कानून का राज स्थापित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग में पीआरडी के स्वयंसेवक समर्पण भाव से अपनी भूमिका निभाते हैं, बावजूद इसके 2017 के पहले तक उन्हें ड्यूटी नहीं मिलती थी. जबकि आज उनके महत्व को समझा गया तो ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ जा रहे हैं." सीएम योगी ने कहा कि आपदा हो, महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, ट्रैफिक संचालन में सहयोग, चुनाव ड्यूटी हो या अन्य किसी भी कार्य में प्रशासन-पुलिस का सहयोग, पीआरडी जवानों ने अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव से किया है.
आज हम सब 'मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ कार्यक्रम के साथ जुड़ रहे हैं। 31 हजार से अधिक स्वयंसेवकों एवं उनके परिजनों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। मैं प्रांतीय रक्षक दल के सभी स्वयंसेवकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को हृदय से… pic.twitter.com/eFxwOElf4q
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31 हजार से ज्यादा पीआरडी जवानों को मिलेगा लाभ
इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि कैशलेस इलाज की सुविधा के तहत 31 हजार से ज्यादा पीआरडी स्वयंसेवकों को किसी भी सरकारी और सरकार से संबंधित अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा. सीएम योगी ने कहा कि इलाज की ये सुविधा प्रतिवर्ष मिलेगी. बता दें कि पीआरडी जवानों की संख्या को उनके परिवार के हिसाब से औसत रूप में देखा जाए तो ये संख्या 1.55 लाख से अधिक होती है.
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नारियल उत्पादन में भारत सबसे आगे, वैश्विक स्तर पर हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से अधिक
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस) भारत वैश्विक स्तर पर नारियल उत्पादन में 31.24 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ पहले और खेती के क्षेत्रफल के मामले में 17.90 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है। यह जानकारी एक आधिकारिक फैक्टशीट में मंगलवार को दी गई।
भारत ने 2024-25 के दौरान 2.19 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र से 20,301 मिलियन से अधिक नारियल का उत्पादन किया। इस दौरान औसत उत्पादकता 9,249 नारियल प्रति हेक्टेयर रही।
2025-26 में बागानों की स्थापना और रखरखाव के लिए 632.77 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिससे दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिली।
बयान में कहा गया कि 2024-25 के दौरान 2,979 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को नई नारियल खेती के तहत लाने के लिए करीब 209.24 लाख रुपए का उपयोग किया गया। इस पहल से देश के विभिन्न राज्यों के 13,068 किसानों को लाभ मिला।
देश में केरलम में नारियल की खेती का सबसे बड़ा क्षेत्र है, जो करीब 7.54 लाख हेक्टेयर में फैला है और यहां लगभग 5,149.87 मिलियन नारियल का उत्पादन होता है। नारियल उत्पादन में तमिलनाडु सबसे आगे है, जबकि उत्पादकता के मामले में आंध्र प्रदेश पहले स्थान पर है। इसके बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का स्थान है।
भारत का निर्यात पोर्टफोलियो पारंपरिक उत्पादों से आगे बढ़कर वर्जिन नारियल तेल, नारियल दूध और एक्टिवेटेड कार्बन जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों तक विस्तारित हुआ है।
बयान के अनुसार, सरकार मुख्य रूप से नारियल विकास बोर्ड के माध्यम से नारियल क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। 2025-26 में सीडीबी की गतिविधियों के लिए 147.21 करोड़ रुपए जारी किए गए।
केंद्रीय बजट 2026-27 में स्थिरता, निर्यात और किसानों की आय को मजबूत करने के लिए नारियल संवर्धन योजना भी शुरू की गई।
बयान में कहा गया, लगातार मिल रहे नीतिगत समर्थन के साथ भारत का नारियल क्षेत्र उत्पादन, मूल्यवर्धन, निर्यात और आजीविका के क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है।
नारियल क्षेत्र के लिए सरकार की बहुआयामी नीति में सूखे नारियल की गिरी (कोपरा) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, लक्षित विकास योजनाएं तथा पूरी मूल्य श्रृंखला में कौशल विकास और उद्यम निर्माण के लिए केंद्रित पहल शामिल हैं।
कोपरा (नारियल की सूखी हुई गिरी) उन 22 अनिवार्य कृषि फसलों में शामिल है जिन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था के तहत कवर किया जाता है।
—आईएएनएस
एबीएस
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