Mohan Cabinet: मोहन कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले, लाड़ली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़, इन प्रस्तावों को भी मंजूरी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 18 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई है। बैठक में प्रदेश के विकास, युवा, महिलाओं, जनहित और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई।
लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह द्वारा कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी गई। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में शुरू हुए “मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान” के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी मंत्री जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। इस अभियान के तीसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री टीकमगढ़ जिले में जनसंवाद करेंगे।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। योजना में डिंडोरी जिला पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसके लिए डिंडोरी जिले और पूरी टीम को बधाई दी गई है। डिंडोरी मॉडल का अनुसरण करते हुए प्रदेश के अन्य जिले भी बेहतर कार्य करें, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
मोहन कैबिनेट बैठक फैसले
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए 492 करोड़ से अधिक की योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का कुल बजट पहले मात्र 6 करोड़ था, जो अब बढ़कर 734 करोड़ हो गया है।
- नशा मुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें समाज के महत्वपूर्ण घटकों और वर्गों का भी सहयोग लिया जाएगा।
- 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जाएगा।
- युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही आगामी एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
- प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं तकनीकी प्रगति समेत अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए लगभग 1,46,000 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
- अगले पांच साल के लिए लाड़ली बहना योजना में 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपए, लाड़ली लक्ष्मी योजना में 16 हजार 326 रुपए, प्रधानमंत्री मातृ वंदना में 2137 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य योजना में 11 हजार 835 करोड़ रुपए खर्च करेंगे।
- कृषि शिक्षा अनुसंधान विस्तार पर 870 करोड़ सहित अन्य योजनाओं में कार्य किए जाएंगे।
- मां नर्मदा जी मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी है। प्रदेश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनसे जुड़ी हुई है और मां नर्मदा पर निर्भर है। मां नर्मदा का जल अविरल बनाए रखने के लिए ‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
- मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। आगामी एक वर्ष में बड़ी संख्या में एक्सप्रेसवे एवं अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इन परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों के सृजन की स्वीकृति का निर्णय आज कैबिनेट में लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से घोषित संकल्पों की सिद्धि में मध्यप्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने राज्यों को इकाई मानते हुए ‘सप्त धारा’ की संकल्पना भी है। सप्त धारा में पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर, दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन, तीसरी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, चौथी गति शक्ति, पांचवीं रक्षा शक्ति, छठी ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी, जिसके कारण ग्रीन जॉब्स उत्पन्न होते हैं। सातवीं शक्ति के रूप में भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया है। इसमें योग, अध्यात्म, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, सकारात्मक फिल्में, क्रिएटिव वर्ल्ड, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट शामिल हैं।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकले राजा किलेश्वर महादेव, 9 किमी तक गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
श्रावण मास के तीसरे सोमवार को नीमच में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नीमच के राजा श्री किलेश्वर महादेव अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए शाही सवारी पर निकले।
रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजे दिव्य रथ में सवार बाबा की सवारी जब शहर की सड़कों से निकली तो हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे। शाम 4:30 बजे मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा करीब 7 घंटे तक चली और रात 12 बजे वापस मंदिर पहुंची।
7 घंटे में 9 किलोमीटर चली किलेश्वर महादेव की शाही सवारी
किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शाम 4:30 बजे पूजा-अर्चना के बाद शाही सवारी की शुरुआत हुई। विधि-विधान से बाबा का पूजन किया गया और इसके बाद भगवान महादेव को भव्य रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
रथ को फूलों और आकर्षक बल्बों से सजाया गया था। जैसे ही सवारी मंदिर से बाहर निकली, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ बाबा का स्वागत किया। किलेश्वर महादेव की शाही सवारी ने करीब 9 किलोमीटर का रास्ता तय किया। यात्रा को पूरा होने में करीब 7 घंटे लगे। रात करीब 12 बजे सवारी वापस किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर पहुंची।
150 से ज्यादा जगहों पर हुई पुष्पवर्षा
किलेश्वर महादेव की शाही सवारी के दौरान पूरे मार्ग को खास तौर पर सजाया गया था। अलग-अलग समाजों, संस्थाओं और शहर के लोगों ने बाबा के स्वागत के लिए जगह-जगह व्यवस्था की थी।
सवारी जैसे ही किसी स्थान पर पहुंचती, श्रद्धालु फूलों की बारिश कर बाबा का स्वागत करते। पूरे मार्ग पर 150 से ज्यादा स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। कहीं फूलों से बाबा का स्वागत हुआ तो कहीं आरती उतारी गई। कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की।
65 से ज्यादा स्थानों पर प्रसादी की व्यवस्था
शाही सवारी में शामिल श्रद्धालुओं के लिए शहर में जगह-जगह प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। 65 से ज्यादा स्थानों पर लोगों को प्रसादी बांटी गई। कई स्थानों पर समाज और संस्थाओं की ओर से प्रसादी वितरण किया गया। श्रद्धालु बाबा के दर्शन के साथ प्रसादी ग्रहण करते हुए आगे बढ़ते रहे।
ऐसे आयोजनों में प्रसादी सिर्फ भोजन का हिस्सा नहीं होती, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सेवा और भक्ति का माध्यम भी बन जाती है। नीमच में भी लोगों ने उत्साह के साथ प्रसादी वितरण में हिस्सा लिया।
इन प्रमुख रास्तों से होकर गुजरी किलेश्वर महादेव की सवारी
किलेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई शाही सवारी शहर के कई प्रमुख इलाकों से होकर गुजरी। सवारी का मार्ग किलेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर रेलवे स्टेशन, मंडी गेट और चौकन्ना बालाजी चौराहा होते हुए श्री अग्रसेन वाटिका चौराहा तक पहुंचा।
अग्रसेन वाटिका चौराहे पर युवा समाजसेवी अरूल-अशोक अरोरा (गंगानगर) ने विद्वान पंडितों के सानिध्य में बाबा का विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके बाद सवारी जाजू बिल्डिंग, घंटाघर, बारादरी और फव्वारा चौक से आगे बढ़ी। यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए मौजूद रहे।
इसके बाद किलेश्वर महादेव की शाही सवारी कमल चौक, टैगोर मार्ग और भारतमाता चौराहा होते हुए विजय टॉकीज चौराहे तक पहुंची। इसके बाद सवारी लायंस पार्क चौराहा और सीआरपीएफ रोड स्थित पटेल स्टेच्यू से होकर वापस मंदिर परिसर पहुंची। करीब 9 किलोमीटर के इस पूरे मार्ग में जगह-जगह बाबा के स्वागत की तैयारियां की गई थीं।
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